बीमार रोजगार सहायक को देने को कहा 1 लाख चंदा, दिए सिर्फ 25 हजार
आमला (रोहित दुबे) - अमानत में खयानत तो हमेशा ही सुना जाता था लेकिन इस कहावत को चरितार्थ करने वाला एक मामला जनपद कार्यालय में सामने आया है। ब्लाक की एक ग्राम पंचायत की रोजगार सहायक के अत्यधिक बीमार होने पर जनपद कार्यालय सहित रोजगार सहायक संघ व सचिव संघ द्वारा लगभग 1 लाख रुपये का चंदा राशी जमा किया गया जिसे पीड़ित का उपचार हो सके ।लेकिन आज तक इकठ्ठा की गई चंदा राशि पूरी न देकर मात्र 25 हजार रुपये देकर इतिश्री कर ली गई ।जानकारी के मूताबिक जनपद पंचायत आमला की सोमलापुर पंचायत की रोजगार सहायक श्रीमती कंचन लोखंडे का लगभग 1 माह पूर्व अत्यधिक स्वास्थ खराब हो गया ।चिकित्सको ने रोजगार सहायक के फेफड़े में निमोनिया होने की पुष्टि की ।वही रोजगार सहायक की हालत ज्यादा बिगड़ने पर उसे नागपुर के निजी चिकित्सालय में उपचार हेतु भर्ती किया गया।इस मामले की जानकारी लगते ही रोजगार सहायकों व जनपद के कर्मचारियों द्वारा लगभग 1 लाख रुपये की राशि इकठ्ठा कर पीड़ित के परिजनों को देने का मन बनाया ।लेकिन रोजगार सहायक के मायके पांढुर्ना जाकर सिर्फ 25 हजार की राशि ही दी गई ।बाकी की राशि आज तक पीड़ित रोजगार सहायक व परिजनों को नही दी गई।इस मामले में सोमलापुर पंचायत के सरपंच रवि पवार ने बताया मेरी रोजगार सहायक की माँ सहित परिजनों से बात हुई उन्हें सिर्फ 25 हजार की राशि ही दी गई ।वही अधिकारियों से बात करने पर उनका कहना था गलत लिफाफा देने से गड़बड़ी हो गई है जल्द राशि उपचार हेतु पीड़ित के परिजनों को सोप दी जाएगी।वही दूसरी ओर इस मामले में एक पंचायत के सचिव ने बताया बकाया राशि हेतु सचिव रोजगा र सहायक के नाम सँयुक्त खाता खोल उसमें राशि डाली जाएगी कि कोई अगर आगे ऐसे ही बीमार हुआ तो उसे मदद दी जाए ।वही इस राशी जो चंदा इसलिए कर जमा की गई थी कि जी आर एस लोखंडे का उपचार सही हो उस राशि को उसे न देकर कुछ अधिकारी अपनी मनमानी कर अमानत में खयानत कर रहे है।
इस मामले में जनपद पंचायत सी ई ओ संस्कार बाबरिया से प्रतिक्रिया लेनी चाही लेकिन उन्होंने काल रिसीव नही किया।
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