खुद नहीं है दौलतमंद, लेकिन गरीबों की मदद के लिए दौलत की कमी नहीं | Khud nhi hai doulat mand lekin garibo ki madad ke liye dolat ki kami nhi

खुद नहीं है दौलतमंद, लेकिन गरीबों की मदद के लिए दौलत की कमी नहीं
           
बालाघाट गोदिया रेल्वे स्टेशन व बस स्टैंड मे सैकड़ों जरूरतमंद को अपना परिवार ने बाटे कंबल व जैकेट

खुद नहीं है दौलतमंद, लेकिन गरीबों की मदद के लिए दौलत की कमी नहीं

बालाघाट (देवेन्द्र खरे) - किसी भी तरह की मदद करने के लिए एक गरीब दुसरे गरीब की मदद भावनाओं से कर सकता है लेकिन उसकी परेशानियों को दुर करने के लिए जो अर्थ लगता है उसे वहीं दुर कर कर सकता है जो सक्षम होता है लेकिन बालाघाट जिले मे ग्रामीण क्षेत्रों के युवाओं की एक ऐसी टीम है जो खुद दौलतमंद नही है लेकिन उनके मन में भावनाएं है सेवा की, यह लोग थोड़ा थोड़ा पैसा जमाकर फिर उस पैसे से उन लोगों की परेशानी हल करने के लिए खर्च करते हैं ऐसा कार्य अपना परिवार ग्रुप निरतंर सेवा भावना के साथ लगभग तीन वर्षों से करते चला आ रहा है अपना परिवार ग्रुप प्रमुख हितेश अजीत ने बताया कि इससे पहले भी आदिवासी क्षेत्रों में दिपावली मनाना, कंबल वितरण ,रक्तदान, सैनिकों का सम्मान, शिक्षकों का सम्मान सहित अन्य जनहितकारी कार्य करते आ रहे हैं।  इस बार फिर जब कड़ाके की  ठंड अपने चरम पर है दिनों दिन तापमान में गिरावट आने के ठंड अपना रौद्र रूप दिखाने लगी है तो ऐसे समय पर सबने थोड़ा थोड़ा पैसा जमा किया और कंबल, जैकेट लेकर गोदिया रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड मे रात के 10 बजे लगातार हो रही बारिश की परवाह न करते हुए नए  साल के पहले दिन फुटपाथ और स्टेशन पर रात काटने वाले गरीब, बेसहारा सैकड़ों लोगो को नए  कंबल, जैकेट ओढ़ाकर उनके बीच प्यार बाटा और समाज के प्रति हमारे अपने कर्तव्य क्या होने चाहिए उसका संदेश दिया

खुद नहीं है दौलतमंद, लेकिन गरीबों की मदद के लिए दौलत की कमी नहीं

इन्होंने दिया सहयोग

वैसे अपना परिवार ग्रुप के हर मेंबर की सभी सेवाकार्यों मे भुमिका होती हैं लेकिन कंबल व गर्म कपड़े वितरण कार्यक्रम में प्रमुख रूप से हितेश अजीत, दिनेश बेंदरे,  कमलेश कुथे,कैलाश कुथे,संजय राहगड़ाले, राकेश तितरमारे, संजय तितरमारे, लक्की किसान शामिल रहे।।

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