हिंदू मुस्लिम भाईचारे की अद्भुत मिसाल है मेला वा उर्स | Hindu muslim bhaichare ki adbhut misal hai mela va urs

हिंदू मुस्लिम भाईचारे की अद्भुत मिसाल है मेला वा उर्स

हिंदू मुस्लिम भाईचारे की अद्भुत मिसाल है मेला वा उर्स

पीथमपुर (प्रदीप द्विवेदी) - सागौर मैं कई वर्षों से हिंदू मुस्लिम एकता की मिसाल सागौर का मेला एवं उर्स है। कई वर्षों से मकर संक्रांति पर सागौर स्थित मनकामेश्वर मंदिर सूरजकुंड परिसर में मेला 13 जनवरी को सुंदरकांड 14 जनवरी को भजन संध्या अखिल भारतीय स्तर का कवि सम्मेलन होगा ।15 जनवरी को शाम राजस्थान की आर्केस्ट्रा पार्टी अपनी प्रस्तुत देगी।

उर्स मुबारक पर हजरत चांद शाह वली बाबा को 13 जनवरी को चादर पेश करने के साथ तकरीर की गई। 14 एवं 15 जनवरी को कव्वाली होगी। 16 जनवरी को रंगारंग कार्यक्रम के साथ चार दिनी आयोजन का समापन होगा।

पीथमपुर  औद्योगिक नगरी में कई प्रांतों से लोग यहां निवास करते हैं। सभी पर्व धूमधाम से मनाए जाते हैं। सभी लोग एक दूसरे के पर्वों में बढ़ चढ़कर हिस्सा लेते हैं। ईद हो दिवाली हो गुरु नानक जयंती हो छठ पूजा ओणम आदि पर्व सभी लोग धूमधाम से मनाते हैं। इसलिए हम पीथमपुर को सर्व धर्म प्रेम की मिसाल के तौर पर जानते है।

उद्योग नगरी के सागोर क्षेत्र में हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी 13 जनवरी सोमवार से 3 दिन तक दोनो धर्मों का अनूठा मिलन होगा।  मंदिर में  आरती, सुंदरकांड भजनों की भव्य प्रस्तुतियां दी जाएगी। मकर संक्रांति के मेले की धूम रहेगी। 

दूसरी ओर चांदसावली का उर्स एक साथ चल रहा है। इस मेले में लगभग आधा किलोमीटर दूरी पर दरगाह वा मंदिर में 3 दिन तक  हिंदू  व मुस्लिम संप्रदाय के लोग अपने-अपने आयोजन करेंगे। यह परंपरा कई दशकों से जारी है।

प्रति वर्ष की भांति इस वर्ष भी संप्रदायिक सौहार्द की मिसाल पेश करने वाले कार्यक्रम दोनों संप्रदाय के द्वारा आयोजित किए जा रहे हैं। जहां लोग हजारों की तादात में आकर भाग लेते हैं। और दोनों ही आयोजन में भाग लेते हैं।

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