हमारे प्रदेश में कला और संस्कृति के राजधानी उज्जैन नगरी है - प्रभारी मंत्री
उज्जैन (दीपक शर्मा) - गुरूवार को लोकशिक्षण संचालनालय स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा प्रतिवर्ष के अनुसार महाकाल प्रवचन हॉल में दो दिवसीय राज्य स्तरीय विशंति शालेय कालिदास समारोह प्रारम्भ किया गया। समारोह का शुभारम्भ लोक निर्माण एवं पर्यावरण और जिले के प्रभारी मंत्री सज्जनसिंह वर्मा ने किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता महर्षि पाणिनी संस्कृत एवं वैदिक विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो.पंकज लक्ष्मण जानी ने की।
शुभारम्भ समारोह में बतौर विशिष्ट अतिथि उज्जैन-आलोट संसदीय क्षेत्र के लोकसभा सांसद अनिल फिरोजिया, विधायक घट्टिया रामलाल मालवीय, विधायक बड़नगर मुरली मोरवाल, विधायक उज्जैन दक्षिण डॉ.मोहन यादव, विधायक तराना महेश परमार, विधायक नागदा-खाचरौद दिलीप गुर्जर, बटुकशंकर जोशी, कमल पटेल, रवि शुक्ला, जितेन्द्र मंडोरा, दिवाकर नातू, कलेक्टर शशांक मिश्र, पुलिस अधीक्षक सचिन अतुलकर एवं अन्य गणमान्य नागरिक मौजूद थे।
अतिथियों द्वारा मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण कर तथा दीप प्रज्वलित कर समारोह का विधिवत शुभारम्भ किया गया। शासकीय उमावि के छात्र-छात्राओं द्वारा गीत के माध्यम से मां सरस्वती की वन्दना की गई। इसके पश्चात सुश्री शैफाली चतुर्वेदी के मार्गदर्शन में छात्राओं द्वारा गणेश वन्दना और शिव वन्दना की गई। संयुक्त संचालक लोकशिक्षण संचालनालय और जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा अतिथियों को शाल, श्रीफल और स्मृति चिन्ह भेंट कर स्वागत किया गया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्रभारी मंत्री श्री वर्मा ने इस अवसर पर कहा कि हमारे प्रदेश में कला और संस्कृति की राजधानी उज्जैन नगरी है। कालिदास समारोह में कला और संस्कृति का अनोखा संगम हमें यहां देखने को मिलेगा।

