निजी क्लीनिक चला रहे डॉक्टर ने मासूम युवक का नहीं किया इलाज
भंसाली कंपनी में डॉक्टर मुन नौकरी करने के बाद भी चला रहे प्राइवेट क्लीनिके
मरीजों को डॉक्टर खुद दे रहा दवा गोली तो कैसे चलेंगे मेडिकल स्टोर
रेमंड चौक/पारडसिंगा (गयाप्रसाद सोनी) - ग्राम खेरीतायगांव का एकमासूम बालक अपना इलाज करने के लिए पारडसिंगा के डॉक्टर मून के पास गया तो,डा मुन ने बालक को चेककर इंजेक्शन भी लगाया, उसके बाद उसको दवा गोली भी दे दी लेकिन, डॉक्टर को ध्यान आया कि इसके पिताजी पर पहले से ही कुछ राशि बाकी है ,तो डॉक्टर ने अभद्रता करते हुए मासूम की दवा छीन ली,, और अभद्रता करते उसे धक्का मारकर क्लीनिक के बाहर कर दिया ,विचारा मासूम बुखार के मारे परेशान था, जैसे तैसे दोस्त के साथ अपने घर पहुंचा और अपने पिताजी मनबोध गजभिए खैरीतागांव निवासी को डॉक्टर की हरकतें बताई ,तब मासूम बच्चे के पिता जी रेमंड पुलिस सहायता केंद्र में आकर डॉक्टर के खिलाफ शिकायत की पुलिस ने डॉक्टर मुन के, मासूम बच्चे के, एवं बच्चे के पिता जी के बयान दर्ज किए ,और मामला को विवेचना में लेते हुए जांच कर रहे हैं ,वही डॉक्टर के बयान पुलिस को दिये गया है,, कि डॉक्टर खुद गोली दवा मरीजों को देते हैं ,,इससे स्पष्ट हो गया है ,कि डॉक्टरी के साथ, गोली दवा भी बेचने का कार्य भी डाक्टर द्रारा किया जा रहा है, और ऐसी शिकायत कई दिनों से उनके खिलाफ चल रही है, मरीजों को मनमाने रेट से दवा इलाज के दोहरान बेची जाती है, और उनका इलाज भी यही किया जाता है,,, वहीं पुलिस सहायता केंद्र प्रभारी ने डॉक्टर से पूछा कि आपकी भंसाली कंपनी में सैलरी कितनी है, तो डॉक्टर ने बताया कि ₹60000 महीना मिलता है, तब प्रभारी ने कहा कि आपको इतनी राशि मिलती है, और आप डॉक्टर हो ,जन सेवा कार्य करते हो, डॉक्टरी का पेशा जनसेवा में भी आता है ,आपको मासूम बच्चे का इलाज कर देना था, जो राशि आपकी बाकी थी, उनके पिताजी से लेना था, लेकिन बेचारे बच्चे के साथ आपने यह गलत किया है, पुलिस सभी के बयान लेकर मामला दर्ज करने की तैयारी में लगी है,,,
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