मौसी ने मां बनकर पाला बैंक में पैसे जमा किये अब बैंक कहती है यह तो पागल है
धामनोद (मुकेश सोडानी) - मैं उसे कैसे छोड़ दूं मेरी बहन की आखिरी निशानी है पाल पोस कर बड़ा किया अब ना बहन है ना बहन का पति शुरू से यह मेरे पास रहा है मैंने इस का भरण पोषण किया इसे पाला अपने खून से इसे सिचा जायदाद में से कुछ जो कुछ भी मिला था वह बेचकर इसके नाम से बैंक में जमा करवा दिया अब बैंक वाले कहते हैं यह तो पागल है इसका पैसा हम तुम्हें नहीं दे सकते ऐसा ही एक मामला आया है नगर की जिला सहकारी केंद्रीय मर्यादित बैंक का जिसमें जीवित फरियादी को भी अब पैसे का भुगतान नहीं किया जा रहा है जिससे अब मां समान मौसी से लेकर पूरा परिवार परेशान है
क्या है मामला
नगर के कुमार गड्ढा के रहने वाले ओमप्रकाश पिता श्यामलाल उम्र उम्र 35 वर्ष की माता देवरी भाई तथा पिता श्यामलाल का पूर्व में निधन हो गया शुरू से ही ओमप्रकाश अपनी मौसी शांताबाई के यहां रहा पूर्व में जमीन बेचकर आये कुछ पैसे नगर की एक बैंक में मौसी तथा तब जीवित मा देवरी बाई ने ओमप्रकाश के नाम करवा दिए थे मां के निधन के बाद अब मौसी को ओम प्रकाश को पालने के लिए रुपए की जरूरत आन पड़ी करीब दो लाख 27 हजार की राशि जिला सहकारी केंद्रीय बैंक मर्यादित में जमा होने के बाद भी अब बैंक वाले कहते हैं कि ओमप्रकाश विक्षिप्त है यदि आपको पैसा चाहिए तो न्यायालय से लिखवा कर लाओ उसके बाद ही पैसा मिलेगा
विक्षिप्त था तो पैसा जमा कैसे किया
भुगतान के समय बैंक अब ओम प्रकाश को पागल बता रही है यदि वह पागल था तो जब उसके नाम से रुपए जमा हुए तथा खाता भी उसी के नाम से खुला था तब बैंक कर्मियों ने क्यों नहीं देखा कि वह विक्षिप्त है इसका आहरण करने में बाद में परेशानी का सामना परिजनों को उठाना पड़ेगा अब जब पैसा निकालने की बारी आई तो बैंक तरह-तरह से बहाने कर पिछले 1 वर्षों से मां समान मौसी शांताबाई को कागजो का हवाला देकर जगह-जगह दौड़ने पर मजबूर कर रही है
दस्तावेज बनाने में 1 साल लगवा दिए
मौसी शांताबाई ने बताया कि जब करीब 1 वर्षों से बैंक में पैसे निकालने के लिए चक्कर लगा रही हूं कभी बैंक वाले कहते हैं कि इसका मानसिक रोगी का सर्टिफिकेट बना कर लाओ कभी कहती है इसके माता-पिता की मृत्यु का सर्टिफिकेट बना कर लाओ यह सब दस्तावेज तैयार करने में मौसी शांताबाई को करीब 1 वर्ष से अधिक बीत गया धार धरमपुरी जा जाकर बुजुर्ग मौसी परेशान हो गई उसके बाद भी भुगतान नहीं हो पाया सीएम हेल्पलाइन पर शिकायत की लेकिन वहां भी समाधान नहीं हो पाया परेशान मौसी अब जनप्रतिनिधियों के चक्कर लगा रही है
पालन पोषण की समस्या
शांताबाई ने बताया कि पैसे का भुगतान नहीं हो पाने के कारण ओम प्रकाश को पालना मुश्किल हो गया है बचपन से ही ओमप्रकाश आज जैसे अवस्था में है उसे अवस्था में है लेकिन बैंक वालों ने जमा करते समय बिना सोचे समझे राशि जमा करवा ली और अब भुगतान नहीं कर रहे हैं मौसी ने चेतावनी देते हुए बताया कि यदि ओमप्रकाश के जीवन पालन करने के लिए बैंक में जमा राशि का भुगतान नहीं मिला तो ओमप्रकाश और मेरे दोनों की भूखे मरने की नौबत आ जाएगी
इनका कहना है
उपरोक्त विषय में मैंने उच्च अधिकारियों को अवगत करा दिया है उनके निर्देश अनुसार न्यायालय से वारिस नामा लिखकर लाना होगा
शाखा प्रबंधक धामनोद, भुवन सिंह नरगेस
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