चाइल्डलाइन ने मानसिक स्वास्थ्य दिवस के उपलक्ष में सन मोड़ में रखा कार्यक्रम
मनावर (पवन प्रजापत) - बच्चों को ऐसी वस्तुओं से दूर रखें जो उन्हें मानसिक रूप से विकृत कर सकती है मिश्रा चाइल्डलाइन ने मानसिक स्वास्थ्य दिवस के उपलक्ष में सन मोड़ में रखा कार्यक्रम शरीर की तरह ही मस्तिष्क की बीमारी होती है जीवन में घटनाओं के कारण आक्रोश गुस्सा कुंठा गम ्या खुशी होना व्यक्ति की नैसर्गिक प्रतिक्रिया होती है लेकिन जब यह भावनाएं अधिक तीव होती है तो उसका प्रभाव मस्तिष्क के साथ-साथ दैनिक कामकाज ओं में पड़ता है तथा जीवन में नीरसता आने लगती है जिससे मन में अवसाद का जन्म होता है तब यह अवसाद मानसिक बीमारी का रूप ले लेता है पालकों को चाहिए कि बच्चों को ऐसी वस्तु है खासकर मोबाइल आदि से दूर रखें ताकि इनका प्रभाव बाल मन में उत्पन्न ना हो पाए उक्त विचार विकल्पा सामाजिक संस्था चाइल्डलाइन द्वारा आयोजित कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में व्यक्त किए अतिथियों का स्वागत शिक्षक दीपक मुले राहुल इसके रचना निगम वह किरण कानूनगो ने किया चाइल्डलाइन के पंकज सूर्यवंशी धीरेंद्र सोलंकी शेरसि ह डाबर ने विद्यार्थियों को संतुलित आहार लेने दोस्तों वह परिवार के साथ जुड़े रहने के साथ खेल संगीत चित्रकला आदि में रुचि लेने की समझाइश दी चाइल्ड लाइन वह अतिथि ने स्टाफ वविद्यार्थियों को डिप्रेशन की जानकारी उसके बचने के तरीके से संबंधित पुस्तक भेंट की आभार शिक्षक दीपक मुले ने माना
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