करवा चौथ का व्रत मनाया गया
तिरला (बगदीराम चौहान) - करवा चौथ का त्योहार 17 अक्टूबर को बड़े ही हर्षोल्लास के साथ मनाया गया।इस दिन महिलाएं निर्जला व्रत रखती है, और रात में चांद देखने के बाद अपना व्रत तोड़ा जाता है। माना जाता है, कि इस दिन अगर सुहागिन स्त्रियों उपवास रखती तो उसके पति की उम्र लंबी होती है। और उनका गृहस्थ जीवन सुखी रहता है, यह व्रत सूर्योदय से पहले शुरू होता है उसे चांद निकलने तक रखा जाता है ।
करवा चौथ का व्रत रखने वाली महिलाओं के लिए ये व्रत बहुत अच्छा है । चौथ माता गौरी देवी का ही एक रूप है।इनकी पूजा करने से अखंड सौभाग्य का वरदान तो मिलता ही है, साथ ही दाम्पत्य जीवन में भी सुख बढता है ।
