सुबह 7 बजे से ही सभी 356 मतदान केन्द्रों पर ईव्हीएम की बिप बजने लगेगी | Subha 7 baje se hi sabhi 356 matdan kendro pr evm ki beep bajne lagegi

सुबह 7 बजे से ही सभी 356 मतदान केन्द्रों पर ईव्हीएम की बिप बजने लगेगी

सुबह 7 बजे से ही सभी 356 मतदान केन्द्रों पर ईव्हीएम की बिप बजने लगेगी

झाबुआ के 11 वें विधायक को चुनने के लिए आज मतदाता दबाऐगे इव्हीएम का बटन

अब लगने लगेगी मतदान केन्द्रों पर भीड

सुबह 7 बजे से ही सभी 356 मतदान केन्द्रों पर ईव्हीएम की बिप बजने लगेगी

झाबुआ (अली असगर बोहरा) - 15 आम चुनाव के बाद अब पहले उपचुनाव को लेकर झाबुआ विधानसभा में
मतदान की अब प्रारंभ हो चुकी है। शनिवार की शाम को प्रचार बंद हो गया है।
माहौल में सन्नाटा छाया हुआ है। जनता  आज सोमवार को 356 बूथ पर जाकर झाबुआ का 11वां विधायक चुनेगी। अभी तक 11 विधायक यहां से भोपाल जाकर विधानसभा की सीढ़ियां चढ़ चुके हैं। इस बार झाबुआ को नया विधायक मिलना है।
जो भी चुनाव जीतेगा , वह झाबुआ का पहली बार विधायक बनेगा। पिछले कई दिनों से यहां भोपाल सहित प्रदेश के अन्य स्थानों से दिग्गज नेता प्रचार में
लगे हुए थे। शनिवार को सब वापस अपने-अपने घर लौट चुके है ।

सुबह 7 बजे से ही सभी 356 मतदान केन्द्रों पर ईव्हीएम की बिप बजने लगेगी

विधानसभा क्षेत्र झाबुआ में 1 लाख 39 हजार 330 पुरूष मतदाता, 1 लाख 38
हजार 266 महिला मतदाता एवं 3 तृतीय लिंग मतदाता, इस प्रकार कुल 2 लाख 77
हजार 599 मतदाता मतदान करेगे। विधानसभा झाबुआ में कुल 356 मतदान केंद्रो
पर मतदान होगा। मतदान 2 हजार से अधिक शासकीय सेवकों द्वारा मतदान
केंद्रों पर संपन्न करवाया जाएगा। मतगणना 24 अक्टूबर को पोलिटेक्निक
काॅलेज झाबुआ में होगी। माॅक पोल अब 1 नहीं डेढ घंटे पहले करना होगा ।
भारत निर्वाचन आयोग द्वारा जारी निर्देषो के अनुसार वोटिंग वाले दिन माॅक
पोल अब वोटिंग शुरू होने के डेढ घंटे पहले करना होगा। सुबह 7 बजे से वोटिंग शुरू होगी। ऐसे में साढे 5 बजे माॅक पोल किया जाएगा। इसके बाद ईवीएम को सील कर रिसेट करके वोटिंग के लिए तैयार रखा जाएगा।
पहचान के लिए इपिक कार्ड या वैकल्पिक दस्तावेज साथ लाना होगा कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी प्रबल सिपाहा ने बताया कि भारत निर्वाचन आयोग द्वारा विधानसभा क्षेत्र-193 झाबुआ के उपनिर्वाचन 2019 में मतदाताओं की पहचान के संबंध में निर्देश जारी किए गए है। इस निर्वाचन में पूर्व की तरह बीएलओ द्वारा प्रदान की गई मतदाता पर्ची से मतदान करना संभव नहीं होगा। मतदाता पर्ची से मतदान केंद्र, मतदाता का क्रमांक इत्यादि
जानकारी प्राप्त की जा सकेगी। अतः मतदाताओ से अपील है कि वे मतदान करने
जाते वक्त मतदाता पर्ची के साथ पहचान के लिए ईपिक कार्ड या वैकल्पिक दस्तावेज साथ लेकर जाएं। फोटो मतदाता पर्ची को स्टैंड-अलोन पहचान
दस्तावेज के रूप में स्वीकार नहीं किया जाएगा। मतदाता पर्ची के साथ मतदाता परिचय पत्र प्रस्तुत करना होगा। मतदाता 12 वैकल्पिक फोटो पहचान
दस्तावेजों में से कोई एक दस्तावेज प्रस्तुत कर मतदान कर सकेंगे। आयोग द्वारा जारी सूची के अनुसार मतदाता परिचय पत्र अर्थात वोटर आईडी न होने
की स्थिति में ,पासपोर्ट, ड्राइविंग लाइसेंन्स, राज्यध्केंद्र सरकार के लोक उपक्रम या पब्लिक लिमिटेड कम्पनियों द्वारा अपने कर्मचारियों को जारी किए गए फोटोयुक्त सेवा पहचान पत्र, बैंकोध्डाकघरों द्वारा जारी की गई फोटोयुक्त पासबुक, पैनकार्ड, एनपीआर के अंतर्गत आरजीआई द्वारा जारी किए गए स्मार्ट कार्ड, मनरेगा जॉब कार्ड, श्रम मंत्रालय की योजना के अंतर्गत जारी स्वास्थ्य बीमा स्मार्ट कार्ड, फोटोयुक्त पेंशन दस्तावेज, सांसदों,विधायक या विधान परिषद सदस्यों को जारी किए गए सरकारी पहचान पत्र एवं आधार कार्ड वैकल्पिक दस्तावेज के रूप में मान्य किए जाएंगें। मतदाताओं को अपने मताधिकार का प्रयोग करने के लिए मतदाता परिचय पत्र अथवा इन वैकल्पिक
दस्तावेजों में से कोई एक अनिवार्य रूप से प्रस्तुत करना होगा।
मतदान करने से पहले लगाई जाएगी मतदाता की बायीं तर्जनी पर अमिट स्याही
भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशों के मुताबिक विधानसभा झाबुआ उप चुनाव में मतदान केंद्र पर वोट डालने पहुंचे मतदाता की बायीं तर्जनी पर अमिट स्याही
का निशान मतदाता रजिस्टर पर उसके हस्ताक्षर करने के पहले लगाया जाएगा,
ऐसा इसलिए किया जाएगा, ताकि मत देने के बाद मतदाता के मतदान केंद्र छोड़ने तक अमिट स्याही को सूखने और एक सुस्पष्ट अमिट चिन्ह बनने के लिए पर्याप्त समय मिल जाए। आयोग के निर्देशों के मुताबिक मतदाता की अंगुली पर अमिट स्याही नाखून से लेकर अंगुली के पहले पोर तक लगाई जाएगी। निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार अमिट स्याही लगाने के पहले मतदान अधिकारियों द्वारा
मतदाता की बायीं तर्जनी का निरीक्षण भी किया जाएगा।
झाबुआ विधानसभा उपचुनाव का हल्ला अघोषित तौर पर पांच महीने से चल रहा था।
आचार संहिता लगने के बाद एक माह तो खुब शोरगुल रहा। स्टार प्रचारकों की
यहां भीड़ लग गई। मंत्री व पूर्व मंत्री झाबुआ की गलियों-गलियों में घूमने
लगे। विधायक तो सामान्य कार्यकर्ताओ की तरह काम कर रहे थे। होटलो में
रहने की जगह नहीं मिल रही थी। दाहोद जाकर कई लोगों ने होटलों में कमरे लिए तो मेघनगर एवं थांदला में भी नेताओं ने डेरा डाला। शनिवार को शाम पांच बजते ही झाबुआ वापस अपनी पुरानी स्थिति पर लौटने लगा था। दिग्गज नेताओं के वाहन अपने-अपने घर की ओर जा रहे थे। उधर स्थानीय नेता बूथ मैनेजमेंट में लग गए थे।
चुनाव विजेता उम्मीदवार पार्टी 1952 जमुना देवी सोशलिस्ट,1957 सुरसिंह भूरिया कांग्रेस,1962 मानसिंह सोशलिस्ट,1967 बापूसिंह डामोर कांग्रेस, 1972 गंगा बाई कांग्रेस,1977 बापूसिंह डामोर कांग्रेस,1980 बापूसिंह डामोर कांग्रेस,1985 बापूसिंह डामोर कांग्रेस,1990 बापूसिंह डामोर कांग्रेस,1993 बापूसिंह डामोर कांग्रेस,1998 स्वरूप बेन भाबोर कांग्रेस,2003 पवेसिंह पारगी भाजपा, 2008 जेवियर मेडा कांग्रेस,2013 शांतिलाल बिलवाल भाजपा,2018 गुमानसिंह डामोर भाजपा ने  इस सीट पर विजय हांसील की थी । झाबुआ में पहले उपचुनाव की नौबत इसलिए आई क्योंकि 2018 में विधायक बने गुमानसिंह डामोर को मई 2019 में सांसद बनने का भी मौका मिल गया। दोनों संवैधानिक पद पर एक साथ नहीं रह सकते थे। एक पद से इस्तीफा देना जरूरी था। डामोर ने विधायक पद से इस्तीफा दे दिया। इसके बाद झाबुआ की सीट रिक्त हो गई। इसलिए अब नया विधायक चुनने के लिए उपचुनाव हो रहा है।
भूरिया विरुद्ध भूरिया रहा चुनाव इस उपचुनाव की खासियत यह रही कि यह भूरिया विरुद्ध भूरिया रहा। भूरियाओं के बीच मुकाबला होने से लोकसभा चुनाव की भी यादें ताजा हो गईं। कांग्रेस
के कांतिलाल भूरिया व भाजपा के दिलीपसिंह भूरिया के बीच यहां 1998, 1999, 2009 और 2014 का लोकसभा चुनाव हो चुका है। 2015 का चुनाव कांग्रेस के भूरिया को भाजपा की निर्मला भूरिया से लड़ना पड़ा। इसके बाद से ऐसा लग रहा था कि भूरियाओं के बीच चुनाव मुकाबला थम गया है। उपचुनाव में वापस भूरियाओं के बीच चुनावी संघर्ष देखने को मिल गया। कांग्रेस ने अनुभवी नेता भूरिया को मौका दिया तो भाजपा ने युवा नेता भानु भूरिया को मैदान में उतार दिया।
ये रहे आकर्षण चुनाव मैदान में पूरा समय आकर्षण के मुख्य केंद्र मुख्यमंत्री कमलनाथ व पूर्व मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान रहे हैं। दोनों अपनी-अपनी पार्टियों
के लिए लगातार आते रहे। इसके अलावा भोपाल से भी अपने नेताओं को मार्गदर्शन देने में उन्होंने कोई कसर नहीं छोड़ी। चुनाव में मुख्य रूप से
फोकस कमलनाथ सरकार पर ही रहा। कांग्रेस सरकार की उपलब्धियों का लगातार
बखान करती रही तो भाजपा विफलताओं पर प्रकाश डालती रही। अंतिम सप्ताह में व्यक्तिगत आरोप भी लगना शुरू हो गए।


यहां से चुना जाना है विधायक जिला मुख्यालय की झाबुआ विधानसभा सीट से गुरुवार को विधायक निर्वाचित होने का प्रमाण पत्र लेकर कोई एक प्रत्याशी झूमता हुआ मतगणना केंद्र से
निकलेगा। झाबुआ विधानसभा में मुख्य रूप से झाबुआ नगर, झाबुआ ग्रामीण, रानापुर नगर, रानापुर ग्रामीण, कल्याणपुरा, बोरी, पिटोल, कुंदनपुर, भगोर,अंतरवेलिया जैसे प्रमुख क्षेत्र आ रहे हैं।
138 वाहन हो गए अधिगृहीत आज सोमवार को मतदान करवाने के लिए सरकारी स्तर पर तैयारिया सक्रियता से पूरी की गईैं। 138 वाहन अधिगृहीत कर लिए गए हैं। 1570 कर्मचारियो का दल
चुनाव करवाने के लिए बनवाया गया है। इसके अलावा आरक्षति स्टाफ भी रखा गया है। करीब दो हजार कर्मचारी इस उपचुनाव को करवा रहे हैं। आज सोमवार को 356 बूथ पर सुबह से ही मतदान करने का सिलसिला आरंभ हो जाएगा। रविवार को पॉलीटेक्निक महाविद्यालय से मतदान सामग्री का वितरण किया जाचुका है। इसके बाद दल एक-एक करके रवाना किये गये ।  दलों के लिए बस व जीपो की व्यवस्था की गई है । सुबह 7 बजे से शाम 5 बजे तक मतदान चलेगा। कुल 2 लाख 77 हजार 599 मतदाता अपने मताधिकार का उपयोग करेंगे। इस चुनाव मे कुल 5 प्रत्याशी अपना भाग्य आजमा रहे हैं।
बनाए गए 33 स्टाल
पॉलीटेक्निक महाविद्यालय से ही एक बार फिर उपचुनाव संचालित किया जा रहा
है। रविवार को यहीं से मतदान सामग्री का वितरण होगा। सामग्री वितरित करने
के लिए 33 स्टॉल बनाए जाकर सामग्री का वितरण किया गया । अधिगृहीत वाहन भी यहां खडे करवा लिए गए थें। बाद में सोमवार की रात तक ईवीएम मशीनें भी यहीं जमा होंगी। जनता का फैसला तीन रात व दो दिन यहां के स्ट्रांग रूम
में कडी सुरक्षा के बीच रहेगा।
गुरुवार को परिणाम आज सायंकाल 5 बजे तक  जनता अपना नया विधायक चुनेगी। जनता का फैसला गुरुवार को पता चलेगा। गुरुवार को पॉलीटेक्निक महाविद्यालय में ही मतगणना होना है। 26 राउंड में मतों की गिनती होगी। उधर परिणाम को लेकर जिज्ञासा का माहौल अभी से ही बन गया है। हर चैराहे व चैपाल पर उपचुनाव के संभावित परिणाम को लेकर ही चर्चा हो रही है । उपचुनाव में दोनों प्रमुख दलों के बीच रस्साकसी चलने से चुनाव और रोचक हो गया।
दौड़ने लगे पुलिस वाहन
पिछले कई दिनों से झाबुआ की सडकों पर भोपाल, इंदौर आदि स्थानों की महंगी
गाड़ियां दौड़ रही थीं। कांग्रेस-भाजपा के दिग्गज नेता चप्पे-चप्पे की खाक
छान रहे थे। शनिवार को शाम पांच बजे चुनाव प्रचार खत्म हो गया। प्रचार
खत्म होते ही पुलिस वाहन सड़कों पर दौड़ने लगे। चारों तरफ से पुलिस वाहन के
सायरन की आवाज के सिवाय माहौल में सन्नााटा पसरा हुआ था।

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