भाजपा नेता ने बुजुर्गों का किया अपमान दिग्विजयसिंह की टिप्पणी को विकृत रूप में पेश करने की कांग्रेस ने की निंदा | Bhajpa neta ne bujurgo ka kiya apman

भाजपा नेता ने बुजुर्गों का किया अपमान दिग्विजयसिंह की टिप्पणी को विकृत रूप में पेश करने की कांग्रेस ने की निंदा

भाजपा नेता ने बुजुर्गों का किया अपमान दिग्विजयसिंह की टिप्पणी को विकृत रूप में पेश करने की कांग्रेस ने की निंदा

झाबुआ (अली असगर बोहरा) - झाबुआ विधानसभा क्षेत्र के बोरी में कांग्रेश की चुनाव सभा में पूर्व मुख्य मंत्री दिग्विजयसिंह द्वारा कांग्रेस प्रत्याशी कांतिलाल भूरिया के संबंध में की गई टिप्पणी को तोड़-मरोड़ कर मतदाताओं के सामने भाजपा के युवा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष अभिलाष पांडे द्वारा गलत धारणा पेश करने पर उनको आड़े हाथों लेते हुए जिला कांग्रेस अध्यक्ष निर्मल मेहता, कार्यवाहक अध्यक्ष हेमचन्द्र डामोर, रूपसिंह डामोर, शांतिलाल पडियार, युवा नेता डाॅ. विक्रांत भूरिया, आशीष भूरिया और प्रवक्ता हर्ष भट्ट ने आज जारी बयान में कहा है कि भाजपा नेता ने पिटोल सेक्टर की पार्टी की सभा में वरिष्ठ कांग्रसे नेता दिग्विजयसिंह का संदर्भ देकर जो कथन मतदाताओं के सामने प्रस्तुत किया है-वैसी कोई बात उन्होंने बोरी की आम सभा में नहीं कही थी। इस तरह किसी वरिष्ठ नेता के कथन को गलत ढंग से प्रस्तुत करके भाजपा नेता ने अनैतिक आचरण का परिचय दिया है।

कांग्रेस के संयुक्त बयान में कहा गया है कि भाजपा नेता ने गलत कथन प्रस्तुत करके कांग्रेस प्रत्याशी के बारे भ्रम फैलाने की निंदनीय कोशिश की है। भाजपा नेता ने अपने बयान के द्वारा यह जाहिर करने की कोशिश की है कि बड़े लोग निकम्मे हो जाते हैं। उन्हें जन सेवा के क्षेत्र में सक्रिय नहीं रहना चाहिए। यह जाहिर करके एक तो भाजपा नेता ने समाज के सम्माननीय बुजुर्गों का अपमान किया है और दूसरा समाज का मार्गदर्शन करने वाले बुजुर्गों को कमतर बताकर अपनी औछी मानसिकता का परिचय भी दिया है। बयान में कहा गया है कि भाजपा नेता ने गलत आशय की टिप्पणी करके भाजपा में जो बुजुर्ग नेता अब भी सक्रिय हैं उनका भी अनादर किया है। यदि भाजपा के नेता लोग 60 वर्ष से अधिक उम्र वालों को निकम्मा मानते हैं तो, वे जवाब दे कि सरकारी सेवा से रिटायर हुए गुमानसिंह डामोर को पहले विधायक और फिर सांसद के चुनाव में पार्टी का टिकट क्यों दिया था ? कांग्रेस नेताओं ने भाजपा युवा मोर्चा के अध्यक्ष को चुनौती दी है कि कांतिलाल भूरिया अब भी 18-18 घंटे काम करते हैं। क्या वे उनके मुकाबले सक्रियता दिखा सकते हैं ?

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