शहर में निकला मेहंदी का भव्य जुलूस, युवाओं द्वारा ध्वज फहराते हुए लगाए 'या हुसैन या अली' के नारे | Shaher main nikla mahendi ka bhavy julus

शहर में निकला मेहंदी का भव्य जुलूस, युवाओं द्वारा ध्वज फहराते हुए लगाए 'या हुसैन या अली' के नारे, छोटे बच्चें हाथों में मेहंदी लेकर चले

शहर में निकला मेहंदी का भव्य जुलूस, युवाओं द्वारा ध्वज फहराते हुए लगाए 'या हुसैन या अली' के नारे

झाबुआ (अली असगर बोहरा) - मोहर्रम पर्व के तहत 7 सितंबर, शनिवार रात करीब 10 बजे स्थानीय हुसैनी चौक से समाजजनों द्वारा मेहंदी का भव्य जुलूस निकला गया। जिसमें सैकड़ों की संख्या में समाजजन, विषेषकर युवा अपने हाथों में ध्वज उठाए ‘या हुसैन या अली’ के घोष लगाते हुए तथा बच्चें अपने हाथों में मेहंदी लेकर चले। यह जुलूस शहर के विभिन्न मार्गों से होते हुए पुनः हुसैनी चौक पहुंचा।

शहर में निकला मेहंदी का भव्य जुलूस, युवाओं द्वारा ध्वज फहराते हुए लगाए 'या हुसैन या अली' के नारे

जुलूस में सबसे आगे डीजे पर पढ़ी जा रही नाते शरीफ पर युवा ध्वज लहराते हुए घोष लगाते हुए आगे बढ़े। इसके पीछे समाज का पुरूष वर्ग चला। बच्चें अपने हाथों में मेहंदी लेकर उत्साह के साथ शामिल हुए। जुलूस का नेतृत्व हाजी सलीम बाबा, शहर सदर अब्दुल गफूर सा., सचिव नुरूद्दीन शेख ने किया। जुलूस में सैकड़ों की ंसंख्या में समाजजन सम्मिलित रहे। मेहंदी का जुलूस मोलाना आजाद मार्ग, राजवाड़ा, सुभाष मार्ग, बाबेल चौराहा, लक्ष्मीबाई मार्ग होते हुए ताजिया निर्माण स्थल पर पहुंचा, जहां नारियल फोड़ अपनी मन्नते पूरी की।

मोहर्रम में 10 दिनों तक किए जा रहे विभिन्न कार्यक्रम

समाज के युवा जावेद शाह ने बताया कि इस्लामिक नववर्ष मोहर्रम माह के शुरू होते ही मुस्लिम समाज द्वारा इमाम हुसैन की शहादत को लेकर इबादत की जा रहीं है। शहीदाने कर्बला की शहादत को याद कर समाजजन द्वारा दस दिनों तक विभिन्न कार्यक्रम किए जा रहे है। इसी कड़ी में शनिवार को मन्नत पूरी करने के लिए मेहंदी निर्माण कर जुलूस निकाला गया।

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