नाविकों की भूख हड़ताल के दूसरे दिन भी भूख हड़ताल जारी
ओंकारेश्वर (ललित दुबे) - ओकारेश्वर नाविक संघ हुए लामबंद नाविकों की भूख हड़ताल के दूसरे दिन भूख हड़ताल पर सदस्यों की संख्या बढ़कर 10 महिला 10 पुरुष भूख हड़ताल पर बैठे मांगे नहीं मानी तो गुरुवार से जल सत्याग्रह पर बैठेगे इसकी जवाबदारी शासन प्रशासन की होगी
नाविकों के समर्थन में मांधाता विधानसभा क्षेत्र के विधायक के प्रत्याशी एवं एनएसडीसी के पूर्व डायरेक्टर नरेंद्र सिंह तोमर ने आंदोलनकारियों के समर्थन में 2 घंटे नाविकों की समस्या को गंभीरता से सुना एनएसडीसी के परियोजना प्रमुख संजय दुबे को आंदोलनकारियों के समक्ष बुलाकर चर्चा की श्री दुबे ने कहा नाविकों की समस्या का ज्ञापन प्राप्त हुआ है मेरे अधिकार क्षेत्र में नहीं है वरिष्ठ कार्यालय को अवगत करा दिया है जैसा भी निर्णय होगा इन के हक में मांगे कितनी पूरी होती है मेरा पूरा प्रयास एवं समर्थन नाविक परिवारों के साथ है
नाविकों की मांगे नहीं मानी तो पावर प्लांट बंद कर दिया जाएगा
पत्रकारों से चर्चा करते हुए एनएसडीसी के पूर्व डायरेक्टर नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा नाविकों की मांगे शत प्रतिशत सही है मैं इन गरीब परिवारों का शुरू से समर्थन करते आ रहा हूं अब इनकी मांगे नहीं मानी तो ओमकारेश्वर बांध परियोजना से बनने वाली 520 मेगावाट बिजली से एनएसडीसी जिस प्रकार कमाई करता है पावर प्लांट को बंद कर दिया जाएगा
नाविक संघ ओंकारेश्वर द्वारा रविवार को शुरू की गई भूखा हड़ताल सोमवार को भी लगातार जारी रही 10 महिला 1O पुरुष भूख हड़ताल पर बैठे संघ के अध्यक्ष कैलाश भंवरिया ने जानकारी देते हुए बताया कि को पांच महिला पुरुष पूरे दिन ओंकारेश्वर भुख हड़ताल पर बैठी महिला कल्लीबाई केवट .अयोध्याबाई वर्मा. राजूबाई .ललिताबाई .रामप्यारीबाई. लाडकीबाई .गंगाबाई. ग्यारसीबाई.
हड़ताल पर बैठे पुरुषों के केलाश भंवरिया. मांगीलाल. जीतूवर्मा .राकेश नायक .नवलसिंह .रमेश केवट .प्रकाश वर्मा .तेजपाल नायक .सल्लू केवट राजू वर्मा भूख हड़ताल पर बैठे।
भूख हड़ताल पर बैठी महिला रामप्यारीबाई ने आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा कि विगत दो माह से अधिक हो गया है नर्मदा नदी में नाव नहीं चली है परिवार के युवा बेरोजगार होकर बैठे हैं घर में रखा हुआ राशन भी धीरे-धीरे समाप्त होता जा रहा है नौका संचालन बंद होने के कारण घर के लोग भारी टेंशन में दिन रात गुजार रहे हैं।
ललिताबाई ने कहा कि बच्चों ने स्कूल जाना भी बंद कर दिया है स्कूल संचालक इसके फिस जमा करने के लिए लिए दबाव बना रहे हैं जल्दी ही बच्चों की फीस नहीं भरी गई तो डर के मारे स्कूल जाना बंद कर देंगे, तेजपाल नायक ने कहा कि दो माह से अधिक समय हो गया है नर्मदा नदी में नाव संचालन बंद है घर में बुजुर्ग माता-पिता बीमार पड़े हैं इलाज के लिए भी पैसा नहीं है नावो का संचालन कर प्रतिदिन कमाई करते थे जिससे परिवार बच्चों बुजुर्गों का भरण पोषण होता था नाव बंद होने के कारण परिवार के आर्थिक संकट से घर के लोगों की कमर टूट गई है जल्दी ही शासन प्रशासन ने मदद नहीं की तो भीक मांगने की नौबत आ जाएगी
सामाजिक संगठनों ने दिया समर्थन
पदाधिकारीयो ने कहा नाविको की मांगे उचित हैं शासन प्रशासन इस ओर ध्यान दें नहीं तो हम भी आंदोलन में होंगे शामिल।
ओंकारेश्वर पंडा संघ के अध्यक्ष पंडित नवल किशोर शर्मा ने भी भूख हड़ताल एवं आंदोलन का समर्थन करते हुए कहा है कि बड़ी संख्या में केवट माझी ढीमर समाज के लोग नर्मदा नदी में नौका संचालन घाटों पर फूल प्रसादी की दुकान लगाकर अपने परिवारों का भरण पोषण करते हैं जब से ओंकारेश्वर बांध बना है लगातार इन लोगों के सामने रोजी रोटी का संकट उत्पन्न हो गया है शासन प्रशासन एनएसडीसी विभाग को जल्दी ही इन लोगों की मदद करनी नहीं तो हम लोग भी इनके साथ आंदोलन में बैठ जाएंगे
नर्मदा महासंग्राम संगठन के प्रमुख अर्पण दुबे ने कहां की ओंकारेश्वर में नाविक परिवारों के सामने सिर्फ रोजी रोटी कमाने का एकमात्र साधन नर्मदा नदी में नौकाओं का संचालन करना है नर्मदा नदी के घाटों पर दुकान लगाकर अपने परिवार की रोजी-रोटी चलाना है
पत्रकार संघ के ललित दुबे ने कहा इस वर्ष तो लगातार दो माह से ओंकारेश्वर बांध के गेट टरबाइन नर्मदा नदी में बाढ़ से नावों का संचालन घाटों पर दुकान बंद है इनसे इन परिवारों के सामने अपने बच्चों का लालन पोषण करना मुश्किल हो रहा इस समस्या से सरकार को अवगत करवाकर इसका स्थाई समाधान निकाल कर हजारों परिवारों के रोजी-रोटी संकट को दूर करना चाहिए
जय मां नर्मदा युवा संगठन के अशोक भाटिया ने कहां की ओंकारेश्वर बांध से सरकार को अरबों रुपया बिजली उत्पादन के रूप में मिल रहा है एनएचडीसी विभाग चाहे तो सरकार से मिलकर ओंकारेश्वर नगर के नाविक घाटों पर दुकान लगाने वाले छोटे-छोटे दुकानदारों के समस्या का स्थाई समाधान निकाल सकता है
नर्मदा रक्षा मंच के प्रदीप ठाकुर ने कहा कि जब भी अधिक बरसात होगी एवं बिजली का उत्पादन नहीं होगा तब शासन प्रशासन नर्मदा नदी में नोकाओ के संचालन पर प्रतिबंध लगाएगा इन लोगों की स्थाई समस्या का समाधान एनएचडीसी विभाग शासन के सहयोग से कर सकता है ओंकारेश्वर बांध में बड़ा पानी जलाशय हे मघुवारों को रॉयल्टी रेट पर मच्छी मारने अधिकार दिया जा सकता है क्योंकि माझी कहार समाज के लोगों का जन्म सिद्ध अधिकार नर्मदा नदी से ही जुडा है
नर्मदा नदी के तट पर रेती में उनके पूर्वज खेती करते चले आए थे लेकिन बांध बनने के बाद वह स्थान जलमग्न हो गए हैं परिवार के युवाओं को एनएचडीसी विभाग में नौकरी भी दी जा सकती है घाटों पर फूल पत्ती पर प्रसादी नारियल के दुकान लगाने वाली महिला पुरुषों को दुकानें बनाकर दी जा सकती हैं।
उल्लेखनीय है कि ओंकारेश्वर में बड़ी संख्या में केवट माझी ढीमर समाज के लोग नर्मदा नदी पर ही आश्रित है परिवार के कई लोग घाटों पर दुकान लगाते हैं युवा बुजुर्ग नर्मदा नदी में नौकाओं का संचालन करते हैं प्रतिदिन कमाना और प्रतिदिन खाना इसी पर निर्भर है सबसे ज्यादा समस्या इन लोगों के सामने 2007 में बांध बनने के बाद शुरू हुई है वर्ष में करीब छह माह तक नोका बंद रहती है कभी ओंकारेश्वर बांध से पानी रोकने के कारण तो कभी बांध के गेट खोलकर अधिक पानी छोड़ने के कारण कभी पर्वों के दौरान भीड़ बढ़ने पर नर्मदा नदी में नौकाओं का संचालन प्रतिबंधित कर दिया जाता है इस वर्ष तो 2 माह से भी अधिक का समय हो गया है किसी भी नौका का नर्मदा नदी में संचालन नहीं हुआ है लगातार बेरोजगार होने के कारण लोगों के सामने रोजी रोटी का संकट उत्पन्न हुआ आक्रोश बढ़ता गया और वह आंदोलन भूख हड़ताल में तब्दील हो गया सोमवार को ओंकारेश्वर बांध के गेट बंद कर दिए गए नर्मदा नदी के घाटों पर पानी कम हो गया उसके बाद भी नाविकों ने अपनी नौकाओं का संचालन शुरू नहीं किया उन्होंने स्पष्ट संकेत देते हुए कहा है कि जब तक उनकी मांगे मानी नहीं जाएंगी वह लोग आंदोलन समाप्त नहीं करेंगे भूख हड़ताल के बाद भी समस्या का समाधान नहीं निकला तो नाविक संघ के सैकड़ों महिला-पुरुष नर्मदा नदी में गुरुवार से गोमुखघाट पर जल सत्याग्रह करना शुरू कर देंगे
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