जायज मांगों को लेकर अधिकारियों से लगा रहे न्याय की गुहार
मनावर/कालीबावड़ी - समीपस्थ ग्राम पंचायत बालीपुर बुजुर्ग के करवाटियापुरा के तालाब को वर्ष 2009 में समिति के अध्यक्ष बुदेसिंह पिता सुखलाल को मत्स्य पालन के लिए दिया गया था। उस समय भी वास्तविक तालाब में डुब प्रभावित कृषकों का नाम समिति में सम्मिलित नहीं किया गया था एवं उनकी उपेक्षा कि गई थी।
तत्पश्चात वर्ष 2017 में भी आनन फानन में उक्त समिति को तोड़ मरोड़ करते हूए समिति अध्यक्ष के पुत्र श्री महेश पिता बुदेसिंह के द्वारा बाले बाले विभागीय अधिकारियों को गलत जानकारी दी गई व जिन किसानों की जमीन तालाब निर्माण के समय डुब में गई उन निर्वाचित समिति सदस्यों की किसी भी प्रकार से राय सुमारी किए बगैर महेश पिता बुदा ने समिति मे अपना नाम जुड़वा कर अपने पिता को अध्यक्ष पद से बेदखल कर खुद मत्स्य पालन समिति अध्यक्ष बन गया ओर वह लगातार स्वयं ही मछली पालन कर इससे जुड़ी अन्य योजनाओं का लाभ उठा समिति के अधिकारों का हनन कर महेश पिता बुदा के द्वारा समिति सदस्यों को शोेषण किया जा रहा है ! उक्त समस्याओं को लेकर समिति सदस्य पिछले तीन से चार वर्षो से आज दिनांक तक अपनी जायज मांगों को लेकर सम्बंधित अधिकारियों से न्याय की गुहार लगा रहें है। परन्तु सहकारिता ओर मत्स्य पालन विभाग के संबंधित अधिकारी निर्वाचित समिति सदस्यों की जायज मांगों को नाजायज बतला सदस्यों को गुमराह करते आए है। जबकी उक्त तालाब की दस वर्षो की लीज अवधि भी समाप्त हो गई है ओर ग्राम पंचायत बालिपुर के द्वारा दिनांक 02.07.2019 को एक विशेष ग्राम सभा का भी आयोजन कर निर्वाचित समिति सदस्यों के पक्ष मे ठहराव प्रस्ताव पारित कर डूब प्रभावित किसानों को मछली पालन करने का प्रस्ताव पारित किया ! ग्राम पंचायत की ग्रामसभा में निर्णय लिया गया था डूब भूमि वाले किसानो को मत्स्य पालन का अधिकार मिले व पूर्व में जो अन्य ग्राम पंचायत के लोगो को मिलाकर समिति बनी थी उसे भंग किया जाए ! मंगलवार को डूब भूमि वाले ग्राम बालीपुर के किसान मेनसिह पिता मंगत्या,गुलाब पिता हीरालाल, गट्टू पिता मंगत्या झेतरिया पिता मंगत्या सीताबाई पति जोतसिह,भूरा पिता अमरसिंह,मढ़िया पिता धनसिंह,भाचरिया पिता प्रेमसिंह फूलसिंह पिता गोटिया,मोन सिंह पिता भाचरिया, लीलाबाई पति सेकड़िया,जामसिंह पिता मढ़िया, गोविंद पिता माँगया भावसिंह पिता रूपसिंह, मानसिह किशोर ने कलेक्टर धार को भी जनसुनवाई में एक लिखित आवेदन देकर वर्त्तमान अध्यक्ष को हटाने व नई समिति बनाकर नया अध्यक्ष बना नई समिति को मत्स्य पालन का पट्टा देने की मांग की है ! करीब 4 वर्षो से डूब प्रभावित किसान अपने नाम को मत्स्य पालन समिति में जुड़वाने के लिए धार मत्स्य पालन विभाग व सहकारिता विभाग की चक्कर लगा रहे ! मंगलवार को भी जनसुनवाई में किसानों ने कलेक्टर के समक्ष आवेदन देकर समिति में अपना नान जुड़वाने ओर जब तक डुब प्रभावित किसानों के नाम समिति में नही जुड़े तब तक मत्सय पालन का पट्टा नही देने की मांग की !
इस सम्बंध में जब सहकारिता विभाग धार की डीआर भारती शेखावत से बात करना चाही तो उन्होंने मोबाइल नही उठाया !
वर्जन
01/हम समिति में डूब प्रभावित किसानों के नाम जुड़वाने के लिए विभाग को लिखा है टी.एस.चौहान उप संचालक मत्स्य पालन विभाग धार
02/हमारी जमीन तालाब निर्माण के समय डुब में गई है, लेकिन हमें मत्स्य पालन समिति में शामिल नही किया जा रहा है ! महेश पिता बुदा के द्वारा मछली पालन से हुई आय को खुद ही लिया जा रहा है ! व किसी भी किसान को कोई भी लाभ नही दिया जा रहा है !
03/सीताबाई पति जोत सिंह ,भूरा पिता अमरसिंह, धनसिंह जोतसिंह,व अन्य डुब भूमि किसान।
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