48 साल में 10 बार पुल के ऊपर से बही माँ नर्मदा | 48 saal main 10 baar pul ke upar se bahi maa narmada

48 साल में 10 बार पुल के ऊपर से बही माँ नर्मदा


23 बार खतरे के निशान को किया पार

चार दिनों से पुल बन्द

बडवाह (गोविंद शर्मा) - मध्यप्रदेश की जीवनदायनी माँ नर्मदा अपने रुद्र रूप में बहते हुए इंदौर इच्छापुर हायवे पर स्थित नावघाट खेड़ी मोरटक्का पुल के खतरे के निशान से चार दिनों से लगातार ज्यादा ऊपर बह रही है। जिससे आवागमन भी बन्द है। माँ नर्मदा के रुद्र रूप को देखने के लिये तीन दिनों से लोगो की भीड़ उमड़ रही है।

बुधवार सुबह नर्मदा का  जलस्तर 166.280 मीटर पर चल रहा था,पानी अभी पुल की सतह से लगभग चार फीट नीचे बह रहा है। वर्ष 2014 से अब तक का 5 साल में यह पहला मौका है। जब नर्मदा का जल स्तर अधिक होने पर पुल बंद किया गया है। इसके पहले वर्ष 2013 में पुल के ऊपर से पानी बहने के कारण आवागमन बंद किया था। उस दौरान नर्मदा का सर्वाधिक जल स्तर 171.100 दर्ज किया गया था।

केंद्रीय जल आयोग के दर्ज आंकड़ों के अनुसार

वर्ष 1971 से 2019 तक 48 साल में करीब 23 बार नर्मदा का जल स्तर मोरटक्का पुल के चिह्नित खतरे के निशान 165 मीटर पर या उससे अधिक पहुंच गया।  

पीडब्ल्यूडी इंजीनियर एससी दफ्तरी ने बताया की जब नर्मदा का जलस्तर 168.670 के आंकड़े पर पहुंचता है तो नर्मदा का जल पुल के ऊपर बहने लगता है। ऐसी स्थिति करीब 10 बार निर्मित हुई। जब पुल बंद किया गया। 

वर्ष 1973 में नर्मदा का रौद्र स्वरूप देखने को मिला था। उस वर्ष नर्मदा का जल स्तर रिकार्ड 173.492 दर्ज किया गया था। ये वर्ष 1971 से अभी तक का नर्मदा का सार्वाधिक जल स्तर है। इससे अधिक अभी तक नर्मदा का जल स्तर नहीं पहुचा है। हालांकि पुनासा व ओंकारेश्वर में बांध निर्माण के बाद पहले की अपेक्षा में जल स्तर को नियंत्रित करना आसान हो गया है।

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