उत्कृष्ट स्कूल बिरसा भवन की दुर्दशा का दंश भोग रहे स्कूली बच्चे | Utkrasht school birsa bhavan ki durdasha ka dansh bhog rhe schooli bachche

उत्कृष्ट स्कूल बिरसा भवन की दुर्दशा का दंश भोग रहे स्कूली बच्चे

उत्कृष्ट स्कूल बिरसा भवन की दुर्दशा का दंश भोग रहे स्कूली बच्चे

बालाघाट (टोपराम पटले) - बालाघाट जिले के आदिवासी बाहुल्य बिरसा का उत्कृष्ट स्कूल भवन अपनी दुर्दशा पर आंसू बहा रहा है । इस बात की गवाही भवन की जर्जर हो चुकी इमारत दे रही है । जिसका दंश स्कूली बच्चे भोग रहे हैं । बिरसा का हाई सेकेंडरी स्कूल लगभग 32 साल पुराना है । कुछ साल पहले स्कूल शिक्षा विभाग ने प्रदेश के सभी हाई और हाई सेकेंडरी स्कूलों को उत्कृष्ट विद्यालय का नाम दिया था लेकिन सिर्फ कहने से कोई उत्कृष्ट नहीं हो जाता।

उत्कृष्ट स्कूल बिरसा भवन की दुर्दशा का दंश भोग रहे स्कूली बच्चे

उदाहरण के लिए बिरसा के इस स्कूल को ले लें । 32 साल पुराने भवन का भरपूर उपयोग किया गया लेकिन भवन की जर्जर हालत को सुधारने की जहमत शासन - प्रशासन अथवा जनप्रतिनिधियों ने नहीं उठाई । परिणाम भवन क्षीण होता गया और अब हालत ये है कि स्कूल भवन की छत का प्लास्टर गिरने लगा है जिसके कारण बारिश में छत चूने लगी है । स्कूल समय में कई बार प्लास्टर गिरने से बच्चों की जान पर बन आई है जिसके चलते स्कूल को खाली करा दिया गया और अब पास स्थित मिडिल स्कूल भवन में दो पालियों में स्कूल लगाया जा रहा है । सुबह मिडिल और दोपहर में हायर सेकेंडरी के बच्चों को जैसे तैसे पढ़ाया जा रहा है । एक बार छत का प्लास्टर पढ़ाई कर रहे बच्चों पर भी गिरा था । छात्र छात्राएं अपनी दिक्क़तें बता रहे हैं, दो पालियों में स्कूल लगने से उनकी पढ़ाई पर असर पड़ रहा है, बात करते समय उनके चेहरे पर दहशत के भाव साफ नजर आ रहे है ।

इनका कहना है

स्कूल प्राचार्य ललित मिश्रा बताते हैं कि स्कूल भवन के दुर्दशा की जानकारी उन्होंने शासन प्रशासन को दे दी है । सिवाय आश्वासन के अब तक कुछ नहीं मिला । रिपेयरिंग के बजाय नया भवन बनवाना उचित होगा ।  

क्षेत्रीय विधायक संजय उइके जो कांग्रेस पार्टी से हैं, स्कूल भवन की जर्जर हालत से भलीभांति परिचित हैं । भवन की दशा सुधारने के लिए बड़े बजट की दरकार है । जिसके लिए प्रयास किये जा रहे हैं ।

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