तालाब की पाल फूटने पर डिप्टी कलेक्टर शेलेन्द्र सिंह सोलंकी को ज्ञापन सौपा
धार - धार जिले के बाग ब्लॉक के ग्राम पंचायत के विभिन्न समस्याओं खासकर फूटे हुए तालाब की समस्या को लेकर अपर कलेक्टर शेलेन्द्र सिंह सोलंकी को ज्ञापन के माध्यम से निवेदन किया की जिले के बाग ब्लॉक के ग्राम पंचायत झांई में सरपंच वेस्ता चौहान, सचिव लक्ष्मण जामोद के द्वारा किये गए कार्य अति क्षतिपूर्ण है इस पंचायत में जिम्मेदार सरपंच सचिव है,
ग्राम झाई में एक नया तालाब बनाया गया जिसे बनाने के लिए जेसीबी का इस्तेमाल किया गया और रातों रात तालाब बनाकर तैयार कर दिया गया बिना पिचिंग गिली मिटटी का इस्तेमाल किये बगैर । इस वजह से वर्षा के पानी का जल स्तर बढ़ने के कारण तालाब फुट गया । जून 2019 में जैसे तैसे बनाया गया यह तालाब 3,4 माह भी नही टिका और तालाब की पाल फुट गई सबूत के तौर पर वीडियो फुटेज भी मौजूद है, इसी प्रकार से एक साल पुराने तालाब की भी यही स्थिति है गाँवो में तालाब का काम तो आता है लेकिन यहां के जिम्मेदार लोग जेसीबी द्वारा आनन फानन में निर्माण कराकर यही दयनीय स्थिति हो जाती है,
तथा 2 वर्ष पहले गाँव मे पानी की टँकी का काम आया था और उसका भी कही अता पता नही चला सिर्फ कागजों में बनकर सिमट गई कहि कहि पाईप लाइन डाली गई ओर वह वही तक सीमित रह गई जिससे पानी की गर्मी के दिनों में अत्यंत परेसानी होती है ग्रामीणों को इसी प्रकार यहाँ के ग्राम पंचायत में वर्षा के दिनों में गाँव मोहल्लों में खरंजे सड़क आदि नही होने से ग्रामीणों को भारी परेशानी उठानी पड़ती है लेकिन यहां के जिम्मेदार मोन है तथा इस और कोई ध्यान नही दिया जा रहा है! ग्राम पंचायत के सभी कार्यो को संज्ञान में लेकर जल्द से जल्द समस्याओं का निराकरण किया जाने की बात ज्ञापन में कही है। एवं दोषियों पर कार्यवाही की जाए और फूटे गए तालाब का पुनः निर्माण करवाया जाए ताकि सिंचाई में ग्रामीणों को उसका लाभ मिले एवं पशू पक्षीयो के लिए गर्मी के दिनों में पानी की किल्लत ना हो, अन्यथा हम ग्राम वासी चरण बद्ध आंदोलन करेंगे जिसकी जिम्मेदारी शासन प्रशासन की रहेगी आदि समस्या ज्ञापन के माध्यम से रखी गई इस दौरान संजय सिंह मण्डलोई, मुकेश मण्डलोई, बोन्दर सिंह सेंगर, पीजी कॉलेज धार के छात्र अध्यक्ष प्रताप डावर, राजू निगवाल, कालु सिंह अलावा, राजु देसाई, वालसिंह चौहान, बाजु अलावा, पप्पू सिंह मण्डलोई, विकास मण्डलोई, प्रेम सिंह अलावा आदि मौजूद रहे

