शराब की अवैध बिक्री जोरों पर
छिंदवाड़ा (हेमराज मांडेकर) - छिंदवाड़ा जिले के बिछुआ विकासखंड के ग्राम पंचायत खमरा में शराब का अवैध कारोबार कर रहे ठेकेदार अब अधिक लाभ कमाने के चक्कर में गांव-गांव अवैध बिक्री कर अच्छा खासा मुनाफा कमा रहे है। गांव-गांव हो रहे इस अवैध शराब निर्माण में ठेकेदारों व ग्रामीणों द्वारा बेरोक-टोक इस कारोबार को अंजाम दिया जा रहा है। ग्रामीण युवकों को शराब उपलब्ध कराई जा रही है, जिससे ये युवक इन ठेकेदारों शैलेंद्र खन्ना ,प्रंशात चंदेले, भगवत के लिए काम भी करते हुए देखे जा रहे हैं।
इससे जहां एक ओर ग्रामीण अंचलों क्षेत्रों का माहौल खराब हो रहा है तो वही दूसरी ओर युवा पीढ़ी नशे की लत की आदी होती जा रही है। और ऐसा भी नहीं है कि शराब के अवैध कारोबार की जानकारी जिले के आबकारी विभाग और पुलिस प्रशासन को न हो, लेकिन जिले का यह प्रशासन ग्राम पंचायत खमरा में अपनी सुस्ती व नाकामी का ही परिचय दे रहा है। घरों में बनती है अवैध शराब ग्रामीण क्षेत्रों में अवैध शराब का गोरखधंधा जोरों पर है, जगह-जगह ग्रामीणों को शराब बनाते हुए भी देखा जा सकता है। इन ग्रामीण क्षेत्रों में महुए की शराब बेहद प्रचरित भी है, और आसानी से मिलने वाली चीज भी, जिससे इसे शराब बनाने में सबसे उपयुक्त समझा जाता है। कई गांवों में अवैध शराब निर्माण कानून से बेखौफ खुलेआम किया जा रहा है। जबकि इन गांवों के संबंधित थानों में पुलिसिया तंत्र के पास इन सारे गोरखधंधों की जानकारी पहले से मौजूद रहती है, परंतु फिर भी इस अवैध गोरखधंधे पर कोई कार्रवाई नहीं की जाती। बिछुआ पुलिस थाना के अधिकारी मांगते है कमीशन अपनी जेबें गरम करने के लिए ख्यात बीट प्रभारी श्री गुप्ता बिछुआ पुलिस को यह सब भली-भांति ज्ञात रहता है कि किस इलाके में कौनसा अवैध काम किया जा रहा है, लेकिन वह उन बदमाशों पर कार्रवाही करने की बजाय उनसे अपना हिस्सा मांगती है और बदले में उनसे अपनी दोस्ती-यारी निभाती है। जिससे इन आपराधियों को शह मिल रही है और इनका कारोबार फल-फूल रहा है। ग्राम पंचायत खमरा में नहीं थम रही है अवैध महुआ कच्ची शराब की बिक्री। इधर शासन अवैध शराब बिक्री और शराब कोचियों को समाप्त करने खुद शराब बेच रही है लेकिन शासन का यह प्रयास विफल होते नजर आ रहा है ना तो अवैध शराब की बिक्री पर रोक लगा पाई है और ना शराब कोचियों पर। रोजाना नए-नए शराब कोचिये पैदा होते जा रहे है और धड़ल्ले से नगर व आसपास के क्षेत्रों में जगह-जगह अवैध शराब की बिक्री रफ्तार पकड़े हुए है। आबकारी व पुलिस विभाग की तरफ से किसी भी प्रकार की कोई भी कार्यवाही नजर नहीं आ रही है। क्या शासन सरकारी शराब दुकान के अधिक मुनाफा को देखकर अवैध शराब बेचने से लेकर शराब कोचियों को खुली छूट दे रखी है या फिर आबकारी और पुलिस की सांठगांठ से इस अवैध कारोबार को खुला संरक्षण दे रखा है और गाँव के गली, मोहल्ले, होटलों, ढाबो व में खुले आम शराब बेचने का सिलसिला लगातार जारी है।यहां बिक रही है अवैध शराब खमरा , दाँतला , सहित अन्य जगहों पर अवैध शराब की बिक्री हो रही है।
शासन के नियमों का नही हो रहा पालन शराब बिक्री को लेकर शासन ने तरह-तरह के नियम व मापदंड सुनिचित कर रखे थे लेकिन सरकारी शराब दुकानों में यह सभी नियमों का पालन नही हो रहा है, जिसका फायदा शराब कोचिये उठा रहे है और जितनी मात्रा में शराब की खरीदी करनी है, उतना एक दिन में बार-बार लाइन लगाकर खरीदा जा रहा है। चाहे हम देशी शराब की बात कहे या इंग्लिश शराब की दोनों शराब की अवैध बिक्री रोजाना हो रही है।दुगने कीमत पर हो रही है बिक्री अवैध शराब बेचने वाले मुनाफा के चक्कर में शराब दुकान से ज्यादा मात्रा में शराब खरीद कर दुगुने कीमत में बेचते है जिससे शराब पीने वालों को सरकारी शराब दुकान के खुलने का इंतजार नही करना पड़ता है और बड़ी आसानी से शराब उपलब्ध हो जाती है। देशी शराब एक पाव 80 से 100 रुपये तक और इंग्लिश शराब 100 से 200 रुपये तक बेचा जाता है।
ग्राम खमरा में अब ग्रामीणजन ने मोर्चा संभाल लिया है. अवैध शराब पर प्रतिबंध लगाने के लिए लामबंद हो गई हैं. ग्रामीण जन ने अवैध शराब के खिलाफ खुले रूप से मोर्चा खोल दिया गया है.गांव की ग्रामीण जन का कहना है कि गांव-गांव में अवैध शराब बिकने से गांव में ना केवल बड़े बल्कि अब बच्चे भी शराब पीने लगे हैं. बच्चों को शराब की लत लग गई है. उन्हें शराब ना मिले तो वे हंगामा करने लगते हैं. यह चिंता का विषय है.महिलाओं का कहना है कि यदि यह सब नहीं रुका तो वे अब उग्र आंदोलन करेंगी. वहीं, इस मामले में पुलिस विभाग का कहना है कि शिकायत मिलने पर वे कार्रवाई करते हैं. पुलिस महकमे ने ठेकेदारों से सांठगांठ के आरोप से भी इनकार किया है मिली जानकारी के मुताबिक क्षेत्र में गांव-गांव अवैध शराब बिक रही है.स्थानीय छुट भैय्या नेताओं एँव पुलिस की नाक के नीचे यह सारा खेल चल रहा है और पुलिस इस मामले से बेखबर है. ग्रामीणों का कहना हैकि शराब ठेकेदार से पुलिस की साठगांठ होने के चलते कार्रवाई नहीं हो रही।
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