खाद्य एवं औषधि प्रशासन के खाद्य सुरक्षा अधिकारियों का थांदला में औचक निरीक्षण | Khadhy ewam oshadhi prashasan ke khady suraksh adhikariyo ka thandla main ochak nirikshan

खाद्य एवं औषधि प्रशासन के खाद्य सुरक्षा अधिकारियों का थांदला में औचक निरीक्षण, दूध डेयरी व बाहर से आने वाले दुग्ध वाहनों की जाँच कर सेम्पल लिये

खाद्य एवं औषधि प्रशासन के खाद्य सुरक्षा अधिकारियों का थांदला में औचक निरीक्षण

थांदला (कादर शेख) - शासन के निर्देशानुसार खाद्य एवं औषधि प्रशासन जिला झाबुआ के खाद्य सुरक्षा अधिकारी द्वयरा हुल सिंह अलावा एवं पंकज कुमार अंचल ने आज प्रातःकाल थांदला का औचक निरीक्षण करते हुए स्थानीय दुग्ध व्यापारियों एवं बाहर से आने वाले दुग्ध वाहनों की जाँच कर दुग्ध के सेम्पल लिये। प्राप्त जानकारी के अनुसार खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने थांदला में आकर रियल दुग्धम मंदसौर के वाहन से टोंड और डबल टोंड दूध का नमूना लिया वही स्थानीय दुग्ध व्यवसायियों में शिवगंगा डेयरी, कृष्णा डेयरी और गुरुकृपा दूध डेयरी का भी निरीक्षण किया। जिला खाद्य विभाग की इस कार्यवाही से दुग्ध व्यवसायियों में हड़कम्प मच गया है। कई फुटकर दुग्ध व्यापारी गॉव से दूध लेकर ही नही आये ऐसे में कई घरों पर सुबह की चाय देर से नसीब हुई। खाद्य अधिकारी राहुल सिंह व पंकज कुमार ने सभी खाद्य व्यापारियों को सचेत करते हुए कहा कि वे अपने यहाँ का स्टॉक अच्छे से जाँच ले कोई भी एक्सपायरी खाद्य सामान रखता व बेचता पाया गया तो उसके खिलाफ नियमानुसार दण्डात्मक कार्यवाही की जाएगी वही उन्होंने जनता को भी जागरूक रहने की नसीहत देते हुए कहा कि कोई भी खाद्य सामग्री खरीदने से पहले वे उसके विषय मे अच्छे से जान ले व पेकिंग सामग्री पर एक्सपायरी डेट अवश्य देख कर ही माल खरीदे। वर्तमान समय मे दूध की विशिष्ट मांग के चलते नित नए दुग्ध उत्पाद व उनके बढ़ते दामो को लेकर जिला खाद्य अधिकारियों ने कार्यवाही के दौरान आम जनता के लिए संदेश जारी करते हुए कहा कि सामान्यतः दूध में पानी व कास्टिक सोडा की मिलावट की जाती है जिसकी पहचान के लिए दूध की कुछ बूंदों को कांच की एक स्लाइड पर गिरकर तिरछा करके देखे जिससे अगर पानी की मिलावट होती है तब दूध पतला होकर तेजी से नीचे की ओर गिरता है, कास्टिक सोडा और यूरिया की पहचान के लिए दूध की थोड़ी मात्रा को बोतल में रखकर तेजी से हिलाने पर झाग बनता है और स्वाद में कड़वापन लगता है।

इस प्रकार की शिकायत की संभावना होने पर खाद्य एवं औषधि विभाग को सूचित करें आपके नाम की गोपनीयता के साथ खाद्य विभाग द्वारा कार्यवाही की जाएगी। आपको बता दे वर्तमान समय मे प्रदेश सरकार द्वारा पूरे प्रदेश में खाद्य अधिकारियों को मिलावटखोरों व हानिकारक पदार्थो के विक्रेताओं पर कार्यवाही के निर्देश जारी किये है, उसी तारतम्य में जिला खाद्य विभाग भी लगातार पूरे जिले में जाकर कार्यवाही कर विभिन्न सेम्पल ले रहा है जिसे प्रदेश की एक मात्र निरीक्षण संस्था भोपाल भेज देता है। खाद्य सामग्री की रिपोर्ट दो सप्ताह के भीतर आ जाती है लेकिन वर्तमान समय मे पूरे प्रदेश के सेम्पल की जाँच हो रही है जिससे रिपोर्ट आने में एक सप्ताह तक का विलम्ब भी हो रहा है। बहरहाल खाद्य विभाग की सक्रियता नगर की जनता में चर्चा का विषय जरूर बनी हुई है।

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