मध्यान्ह भोजन के गेँहू बेचते ग्रामीणों ने पकड़ा | Madhyan bhojan ke gehu bechte gramino ne pakda

मध्यान्ह भोजन के गेँहू बेचते ग्रामीणों ने पकड़ा

मध्यान्ह भोजन के गेँहू बेचते ग्रामीणों ने पकड़ा

मेघनगर (जियाउल हक कादरी) - शासकीय विद्यालयों में मध्यान्ह भोजन व्यवस्था पर एक बार फिर प्रश्न चिन्ह लग गया है। देवीगढ़ के सरपंच बाबू भाई चौहान, मसूल भूरिया, राजू सिंगाड़िया, अमरसिंह, महेश सिंगाड़िया, विक्रम बामनिया, चेनिया डामोर, कमलेश परमार, संजू डामोर आदि जागरूक ग्रामीण सदस्यों ने मध्यान्ह भोजन की अनियमितता व फर्जीवाड़े की कई बार शिकायत की व समिति संचालक को भी बताया लेकिन उनके द्वारा कोई सुधार नही किया गया। आखिरकार सभी जागरूक सदस्यों ने मिलकर देवीगढ़ से एमडीएम संचालक दिनेश धामनिया के पिता वालचन्द धामनिया को मध्यान्ह भोजन के गेंहूँ बाजार में बेचने ले जाते हुए थांदला में पकड़ा। ग्रामीणों ने बताया कि यह हर बार इसी तरह एमडीएम की सामग्री बेच देते है इस बार हमने इन्हें रँगे हाथो पकड़ा है। देवीगढ़ के ग्रामीणों ने व सरपंच ने थांदला पुलिस थाना पर अनुुविभागिय अधिकारी एम एस गवली व थांदला एसडीएम को फोन द्वारा इसकी सूचना दी जिस पर मौके पर प्रधान आरक्षक जगदीश नायक की टीम पहुँची व उसे गेंहूँ की बोरी के साथ पकड़ा व पुलिस थाने लेकर आये। वही एसडीएम थांदला ने मामला मेघनगर अधिकार क्षेत्र का होने से मेघनगर एसडीएम को मामला अवगत करवाते हुए उचित कार्यवाही को बात कही। इस सम्बंध में संचालक पिता का कहना है वो अपने घर का आदिम जाति सहकारी संस्था (कंट्रोल) से लाया गेँहू बेचने निकला था। देवीगढ़ के ग्रामीणजन बदले की भावना से मुझपर झूठा इल्जाम लगा रहे है।

मध्यान्ह भोजन के गेँहू बेचते ग्रामीणों ने पकड़ा

बात कुछ भी हो लेकिन आपको बता दे थांदला विधानसभा हो या अन्य स्थान एमडीएम में गड़बड़ी व मेन्यू के निर्देशानुसार भोजन नही दिए जाने के कई मामले सामने आए है बावजूद इसके शासन प्रशासन भी एमडीएम संचालकों से केवल मलाई की बन्दर बाट करते हुए कोई उचित कार्यवाही नही कर रहे है जिसका प्रतिकूल प्रभाव बच्चों के स्वास्थ्य पर भी पड़ रहा है।

वर्जन - यह बोले जिम्मेदार

मध्यान्ह भोजन अनियमितता व संचालक द्वारा उसकी सामग्री बेचने का यह मामला झाबुआ महिला विकास विभाग के अंतर्गत आता है। यदि वे या जिला कलेक्टर हमे आदेशित करता है तो हम इसकी जांच करेंगे।

फिलहाल में अभी इसके विषय मे कुछ नही कह सकता हूँ क्योंकि मेरे पास अभी इसकी कोई लिखित शिकायत नही मिली है। आपने अवगत करवाया है तो में इसे वरिष्ठजन तक पहुँचाने का प्रयास करूंगा।

परागजी जैन- अनुविभागिय अधिकारी मेघनगर

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