त्रिशला नंदन वीर की … जय बोलो महावीर की …. के जयघोष के साथ निकली प्रभुजी की भव्य रथ यात्रा, आचार्य नरेन्द्र सूरीश्वरजी मसा ने महावीर स्वामी का जन्म कल्याणक वाचन किया
झाबुआ (अली असगर बोहरा) - जैन तीर्थ श्री ऋषभदेव बावन जिनालय में 30 अगस्त शुक्रवार को भगवान महावीर स्वामीजी का जन्म कल्याणक वाचन दिवस (जन्मोत्सव) धूमधाम से अष्ट प्रभावक आचार्य देवेेश श्रीमद् विजय नरेन्द्र सूरीश्वरजी मसा ‘नवल’ एवं प्रन्यास प्रवर जिनेन्द्र विजयजी मसा ‘जलज’ की निश्रा में समाजजनों द्वारा मनाया गया। सुबह आचार्य श्री एवं प्रन्यास प्रवर द्वारा कल्प सूत्र के वाचन बाद दोपहर में भगवान महावीर स्वामीजी के जन्म का वर्णन हुआ। तत्पपश्चात् प्रभु महावीर स्वामीजी की भव्य रथ यात्रा बैंड-बाजों के साथ निकाली गई। जिसमें सैकड़ों की संख्या में समाजजन शामिल हुए। तत्पपश्चात् मंदिर में आदिनाथ भगवान, महावीर स्वामीजी एवं दादा गुरूदेव श्रीमद् विजय राजेन्द्र सुरेश्वर जी मसा की आरती कर पंजेरी का प्रसाद वितरित किया गया।
बावन जिनालय में सुबह सभी निर्धारित कार्यक्रम के तहत भगवान का अभिषेक, केसर पूजन, स्नात्र पूजन, गुरू गुण इक्कीसा का पाठ हुआ। भगवान महावीर स्वामीजी की सुंदर एवं भव्य अंगरचना की गई। 9 बजे धर्मसभा में आचार्य देवेेश नरेन्द्र सूरीश्वरजी मसा ने अपने प्रवचनांे में कल्पसूत्र का वाचन किया। जिसमें बड़ी संख्या में समाजजन शामिल हुए। बाद दोपहर 2.30 बजे से 14 स्वपना के चढ़ावे आरंभ हुए। आचार्य श्रीजी द्वारा महावीर स्वामीजी का जन्म कल्याणक वाचन के तहत भगवान के जन्म का वृतांत बताया। इस दौरान विभिन्न बोलियां भी बोली गई। समाजजनों द्वारा बाहर आकर एक-दूसरे को केसरिया छापे लगाए एवं श्रीफल का प्रसाद वितरित किया। शाम करीब 4 बजे मंदिर से भगवान की रथ यात्रा आरंभ हुई।
सैकड़ों की संख्या में समाजजन हुए सम्मिलित
रथ यात्रा में सबसे आगे बैंड-बाजों पर धार्मिक गीतों की प्रस्तुति दी गई। इसके पीछे आचार्य भगवंत नरेन्द्र सुरेश्वर जी एवं प्रन्यास प्रवर जिनेन्द्र विजयी मसा के साथ श्वेतांबर जैन श्री संघ एवं श्री नवल स्वर्ण जयंती चातुर्मास समिति के पदाधिकारी-सदस्य चले। बाद पीछे बड़ी संख्या में श्रावक (पुरूष वर्ग) एक जैसी वेशभूषा में शामिल हुए। विशेेेेष रथ पर प्रभु महावीर स्वामीजी की प्रतिमा विराजमान रहीं। जिसे युवाजन खींचकर चले। युवाओं द्वारा इस दौरान ‘त्रिशला नंदन वीर की … जय बोलो महावीर की …., महावीर स्वामी का सिद्धांत जियो और जिने दो…..’ के जयघोष लगाए गए। सबसे पीछे बड़ी संख्या में समाज की श्राविकाएं (महिलाएं) भी शामिल हुई। यह शोभा यात्रा शहर के रूनवाल बाजार, थांदला गेट, बाबेल चौराहा, आजाद चैक, नेहरू मार्ग, राजवाड़ा, लक्ष्मीबाई मार्ग होते हुए पुनः मंदिर पर पहुंची।
भगवान की आरती की गई
जहां शाम को आदिनाथ भगवान, महावीर स्वामीजी एवं दादा गुरूदेव श्रीमद् विजय राजेन्द्र सुरीश्वर जी ज की आरती लाभार्थी परिवार द्वारा की गई। बाद पंजेरी की प्रसाद श्रीमती श्यामुबाई रतनलाल रूनवाल परिवार की ओर से सभी को वितरित किया। अंत में आदिनाथ राजेन्द्र पारमार्थिक ट्रस्ट द्वारा समाजजनों के लिए साधर्मी वात्सल्य का आयोजन हुआ, जिसका सभी ने लाभ लिया। शाम 7 बजे प्रतिक्रमण का आयोजन हुआ। 2 सितंबर को संवत्सरी पर्व मनाया जाएगा।
पूर्व सांसद कांतिलाल भूरिया ने दी समाजजनों को शुभकामनाएं
रथ यात्रा से पहले पूर्व कंेद्रीय मंत्री एवं पूर्व सांसद कांतिलाल भूरिया ने श्री ऋषभदेव बावन जिनालय में ऋषदेव भगवान, महावीर स्वामीजी एवं दादा गुरूदेव श्रीमद् विजय राजेन्द्र सूरीष्वरजी मसा के दर्षन-वंदन बाद आचार्य एवं प्रन्यास प्रवर के भी दर्षन-वंदन का भी लाभ लिया। बाद समाजजनों को महावीर स्वामीजी के जन्म कल्याण दिवस की शुभकामनाएं प्रेषित की। इस अवसर पर उनके साथ वरिष्ठ कांग्रेस नेता गुरूप्रसाद अरोरा भी उपस्थित थे।
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