बहुचर्चित जय निर्गुण हत्याकांड में न्यायालय धरमपुरी का आया फैसला
एक मुख्य आरोपी समेत तीन अन्य आरोपियों को सजा का ऐलान
सामाजिक कार्यकर्ता एवं पत्रकार रविन्द्र जाट ने उठाया था मामला मानव अधिकार आयोग दिल्ली
धामनोद (मुकेश सोडानी) - घटना दिनांक 25/26,12 2016 की रात्रि 8:00 से सुबह 6:00 बजे के मध्य एबी रोड खलघाट पुल थाना धामनोद अंतर्गत मृतक जय निर्गुडे निवासी मांगलिया इंदौर के साथ आरोपी राधेश्याम पिता चन्द्रसिंह उम्र 26 वर्ष, चंद्रशेखर पिता गिरधारी उम्र 25 वर्ष, नितेश पिता अंतर सिंह आर्य 25 वर्ष,सभी निवासी गण ग्राम बगाड़ी थाना ठीकरी बड़वानी एवं राजेंद्र उर्फ राजू पिता मांगीलाल उम्र 26 वर्ष निवासी ग्राम सीलावटी रामपुर जिला गुना के द्वारा थाना धामनोद अंतर्गत मृतक जय निर्गुडे के साथ मोबाइल एटीएम कार्ड व नगदी 1700 रुपए लूटकर घटना को अंजाम दिया था, जय की मृत्यु करने का प्रयत्न करने के आशय से उसे धक्का मारकर उसका सिर पुल की दीवार से टकराकर उसके सिर में गंभीर प्राणघातक चोट पहुंचाई थी,जय को मस्तिष्क की गंभीर चोट की वजह से वह बेहोश हो गया था तथा उसका एटीएम और मोबाइल लेकर जय को घायल अवस्था में एबी रोड खलघाट पुल पर छोड़कर फरार हो गए थे, सुबह राहगीरों ने घायल जय को 108 की मदद से धामनोद स्वास्थ्य केंद्र भेजा जहां शाम को 5:30 बजे जय की मौत हो चुकी थी मृत्यु के बाद जय को पुलिस थाना धामनोद के द्वारा नगरपरिषद की सहायता से दफनाया गया था, उसके उपरांत फोटो को सोशल मीडिया पर शेयर किया गया जिससे मृतक जय के परिजनों तक उक्त बात पहुंची तब तक जय के परिजनों ने जय की गुमशुदगी मांगलिया आने पर भी दर्ज करा दी थी मृतक जय के परिजन जैसे ही धामनोद पहुंचे कुछ समय के लिए वह पुलिस की कार्रवाई से असंतुष्ट रहे, और उन्होंने पूरा मामला सामाजिक कार्यकर्ता व पत्रकार रविन्द्र जाट राष्ट्रीय मानवाधिकार एसोसिएशन के जिला प्रभारी को बताया उनके द्वारा मामले को तुरंत माननीय मानव अधिकार आयोग नई दिल्ली एवं मानव अधिकार आयोग भोपाल को प्रेषित किया गया जिसमें आयोग के द्वारा तत्काल संज्ञान में लेकर प्रदेश सरकार से 4 सप्ताह में जवाब मांगा गया तब जाकर पुलिस थाना धामनोद में मृतक जय निर्गुड़े की मृत्यु के 4 माह पश्चात प्रकरण पंजीबद्ध किया गया और आरोपियों को गिरफ्तार कर पूछताछ के बाद न्यायालय धरमपुरी में पेश किया गया जहां पुलिस अनुसंधान में थाना प्रभारी मोहन जाट के द्वारा आरोपी राधेश्याम और सहयोगियों ने मृतक जय का एटीएम कार्ड बेमानी पूर्वक जीन्स हाउस इंदौर से एटीएम स्वाइप कराया था।
ऐसे अनेक साक्ष्य एकत्र किए और माननीय न्यायालय में प्रस्तुत किए पूरे प्रकरण में माननीय अपर सत्र न्यायाधीश धरमपुरी के पीठासीन अधिकारी श्री राजेश नंदेश्वर साहब द्वारा अभियोजन की ओर से 18 गवाहों का परीक्षण न्यायालय में कराया गया प्रकरण में आई साक्षी मेडिकल साक्ष एवं मोबाइल नंबर की कॉल डिटेल वह एटीएम कार्ड से रुपयों के आहरण के आधार पर न्यायाधीश श्री नंदेश्वर साहब द्वारा आरोपी राधेश्याम को अपराध धारा 302 में आजीवन कारावास व ₹2000 के अर्थदंड, एवं धारा 397 भादस में 7 वर्ष का सश्रम कारावास व ₹2000 के अर्थदंड एवं धारा 403 भादस में 2 वर्ष का सश्रम कारावास व ₹1000 के अर्थदंड एवं धारा 201 भादस में 7 वर्ष का सश्रम कारावास व ₹2000 के अर्थदंड तथा धारा 66 क आईटी एक्ट में 3 वर्ष का सश्रम कारावास व ₹5000 के अर्थदंड तथा आरोपी चंद्रशेखर नितेश राजू उर्फ राजेंद्र को अपराध धारा 403 भादस 2 वर्ष का सश्रम कारावास 1 रुपय 1000 के अर्थदंड एवं धारा 201भादस 7 वर्ष का सश्रम कारावास रुपए दो हजार के अर्थदंड एवं धारा 202 भादस 6 वर्ष का सश्रम कारावास व 500 के अर्थदंड एवं धारा 203 भादस 2 वर्ष का सश्रम कारावास व रुपय 1000 के अर्थदंड ईस प्रकार तीनों आरोपी गण प्रत्येक कुल रुपए 4500 रुपए, व रुपये 25,500 के कूल अर्थदंड से दंडित किया रु 15000 की राशि क्षतिपूर्ति अपील अवधी पश्चात मृतक के पिता मृतक के पिता भोजराज निवासी मांगलिया इंदौर को दिलाने जाने का आदेश दिया है आरोपी गण के सजा वारंट बनाकर जेल भेजा गया प्रकरण में अभियोजन की ओर से श्री शरद कुमार पुरोहित शासकीय अधिवक धरमपुरी द्वारा पैरवी की गई
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