![]() |
| भाजपा प्रदेश अध्यक्ष के आगमन से पहले मऊगंज प्रेस क्लब का बड़ा ऐलान, 4 अक्टूबर से भाजपा कार्यालय में धरना! |
मऊगंज - भाजपा प्रदेश अध्यक्ष के मऊगंज आगमन से पहले जिले की राजनीति और पत्रकारिता जगत में हलचल तेज हो गई है। विवादित थाना प्रभारी राम सिंह को हटाने और पत्रकारों से जुड़े मामलों की निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर मऊगंज प्रेस क्लब ने अब आर-पार की लड़ाई का ऐलान कर दिया है। प्रेस क्लब की प्रस्तावित रणनीति को लेकर आज 2 अक्टूबर को होटल राजमहल में महत्वपूर्ण बैठक बुलाई गई । जिसमें यह तय हुआ की वर्तमान समय में जिला में इस कदर अफसर शाही हावी है की अब भाजपा सरकार में चुने हुए जनप्रतिनिधियों की उपेक्षा देखी जा रही है! प्रेस क्लब का आरोप है कि थाना प्रभारी राम सिंह की कथित पत्रकार विरोधी गतिविधियों पर लगातार सवाल उठने के बावजूद अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई। पुलिस अधीक्षक के स्तर से मामले में अपेक्षित संवेदनशीलता नहीं दिखाई गई, जिसके चलते विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है। मध्य प्रदेश सरकार के पूर्व विधानसभा अध्यक्ष वर्तमान विधायक देवतालाब गिरीश गौतम और कलेक्टर को सौंपा जा चुका है ज्ञापन!
थाना प्रभारी को हटाने की मांग को लेकर प्रेस क्लब ने पूर्व विधानसभा अध्यक्ष एवं वरिष्ठ विधायक गिरिश गौतम तथा कलेक्टर संजय कुमार जैन को ज्ञापन सौंपकर हस्तक्षेप की मांग की थी। प्रेस क्लब के अनुसार, कलेक्टर ने मामले को गंभीरता से लेते हुए आवश्यक पहल और प्रयास किए, लेकिन पत्रकारों का दावा है कि इसके बावजूद पुलिस अधीक्षक के स्तर पर अपेक्षित परिणाम सामने नहीं आया।
इसके बाद मऊगंज और रीवा के पत्रकारों ने आईजी रीवा जोन श्री गौरव राजपूत से मुलाकात कर पत्रकारों से जुड़े मामलों को उनके समक्ष रखा। प्रेस क्लब के मुताबिक, पूर्व सैनिक वा पत्रकार सुखवंत मिश्रा के खिलाफ दर्ज कथित कूटरचित अपराध के मामले को आईजी ने गंभीरता से लेते हुए निष्पक्ष जांच की जिम्मेदारी मऊगंज एसडीओपी सची पाठक को सौंपी है।
भाजपा जिलाध्यक्ष को भी सौंपा ज्ञापन!
प्रेस क्लब ने पुलिस की कथित कार्रवाई और पत्रकारों के विरुद्ध उठाए जा रहे कदमों पर रोक लगाने की मांग को लेकर भाजपा जिला अध्यक्ष को भी ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में थाना प्रभारी राम सिंह को हटाने तथा उनके कार्यकाल से जुड़े आरोपों की जांच की मांग की गई।
प्रेस क्लब का कहना है कि भाजपा जिलाध्यक्ष ने पत्रकारों के हितों की रक्षा के लिए जल्द कार्रवाई कराने का आश्वासन दिया था, लेकिन कई दिन बीतने के बाद भी कोई ठोस परिणाम सामने नहीं आया।
अब भाजपा कार्यालय में धरना
लगातार ज्ञापन और मुलाकातों के बावजूद मांगों पर कार्रवाई नहीं होने से नाराज पत्रकारों ने अब आंदोलन का रास्ता अपनाने का निर्णय लिया है। प्रेस क्लब के अनुसार, 04 अक्टूबर को मऊगंज भाजपा जिला कार्यालय में संवैधानिक और शांतिपूर्ण तरीके से धरना प्रदर्शन किया जाएगा।
प्रदेश भाजपा अध्यक्ष के मऊगंज आगमन से पहले प्रस्तावित धरने ने पूरे मामले को राजनीतिक रूप से भी महत्वपूर्ण बना दिया है। अब निगाह इस बात पर है कि पत्रकारों की मांग पर भाजपा संगठन और जिला प्रशासन क्या कदम उठाता है।
प्रेस क्लब ने स्पष्ट किया है कि उसका आंदोलन पत्रकारों के सम्मान, स्वतंत्र पत्रकारिता और पत्रकारों के विरुद्ध कथित पुलिस कार्रवाई की निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर है।
