| अस्पताल की अव्यवस्थाओं को लेकर NSUI का प्रदर्शन, अधीक्षक ने दिया व्यवस्थाएं दुरुस्त करने का आश्वासन |
रीवा। संजय गांधी मेमोरियल अस्पताल में कथित तौर पर एक मरीज को मृत घोषित किए जाने और बाद में उसके जीवित पाए जाने की घटना सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद अस्पताल की व्यवस्थाओं को लेकर विरोध तेज हो गया है। इसी मामले सहित अस्पताल की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए NSUI कार्यकर्ताओं ने अस्पताल परिसर में प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने वरिष्ठ चिकित्सकों की उपलब्धता, मरीजों और उनके परिजनों के साथ व्यवहार तथा गरीब मरीजों को बिना किसी सिफारिश के बेहतर उपचार उपलब्ध कराने की मांग उठाई। प्रदर्शन के दौरान NSUI कार्यकर्ताओं ने अस्पताल प्रबंधन से जवाबदेही तय करने और व्यवस्थाओं में सुधार की मांग की। कार्यकर्ताओं का आरोप था कि कई बार सीनियर डॉक्टर निर्धारित समय पर राउंड में उपलब्ध नहीं होते, जिससे मरीजों और उनके परिजनों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। इसके अलावा रेसिडेंट डॉक्टरों के व्यवहार को लेकर भी कार्यकर्ताओं ने नाराजगी जताई।
सीनियर डॉक्टरों की मौजूदगी और व्यवहार पर सवाल
NSUI कार्यकर्ताओं ने कहा कि दूर-दराज और ग्रामीण क्षेत्रों से बड़ी उम्मीद लेकर मरीज संजय गांधी अस्पताल पहुंचते हैं। ऐसे में उन्हें इलाज के लिए किसी नेता, जनप्रतिनिधि या रसूखदार व्यक्ति की सिफारिश की जरूरत नहीं पड़नी चाहिए। अस्पताल में आने वाले प्रत्येक मरीज को समान रूप से समय पर उपचार और सम्मानजनक व्यवहार मिलना चाहिए। कार्यकर्ताओं ने अस्पताल की व्यवस्थाओं की नियमित निगरानी, चिकित्सकों की ड्यूटी व्यवस्था को प्रभावी बनाने और मरीजों की शिकायतों के त्वरित निराकरण की मांग भी रखी।
अधीक्षक ने सुनीं शिकायतें, जांच कमेटी की जानकारी दी
प्रदर्शन के बाद अस्पताल अधीक्षक ने NSUI प्रतिनिधियों को चर्चा के लिए बुलाया। उन्होंने कार्यकर्ताओं की ओर से उठाए गए मुद्दों को सुना और वायरल घटना को लेकर अस्पताल की ओर से की जा रही कार्रवाई की जानकारी दी।अधीक्षक के अनुसार, मरीज को मृत घोषित किए जाने से जुड़े मामले को गंभीरता से लिया गया है और मेडिसिन विभाग के माध्यम से जांच कमेटी गठित की जा चुकी है। कमेटी पूरे घटनाक्रम की जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी। उन्होंने भरोसा दिलाया कि जांच में यदि किसी स्तर पर लापरवाही सामने आती है तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
अस्पताल की कमियों को जल्द दूर करने का भरोसा
अस्पताल अधीक्षक ने यह भी माना कि अस्पताल की व्यवस्थाओं में कुछ कमियां हैं, जिन्हें जल्द दुरुस्त करने के प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि अस्पताल में बड़ी संख्या में मरीजों का दबाव रहता है और कई वार्ड ओवरलोड रहते हैं। इसके बावजूद प्रतिदिन बड़ी संख्या में मरीज उपचार के बाद स्वस्थ होकर घर लौटते हैं। अस्पताल प्रशासन का प्रयास है कि व्यवस्थाओं को लगातार बेहतर बनाया जाए। डॉक्टरों की उपलब्धता को लेकर अधीक्षक ने कार्यकर्ताओं को बताया कि रेसिडेंट डॉक्टर अस्पताल में मरीजों की देखभाल और प्रबंधन से जुड़े कार्यों में लगातार लगे रहते हैं, जबकि कंसलटेंट डॉक्टरों के लिए अलग-अलग दिनों और निर्धारित कॉल टाइम के अनुसार ड्यूटी व्यवस्था तय की गई है।
प्रदर्शन से पहले प्रशासन को सूचना देने की अपील
अस्पताल अधीक्षक ने NSUI कार्यकर्ताओं से भविष्य में किसी भी प्रदर्शन से पहले अस्पताल प्रशासन को सूचना देने अथवा आवश्यक अनुमति लेने की अपील की। उनका कहना था कि मरीजों के उपचार के दौरान अस्पताल की शांति व्यवस्था प्रभावित नहीं होनी चाहिए। फिलहाल अधीक्षक के आश्वासन और जांच कमेटी की रिपोर्ट जल्द सामने आने की बात के बाद NSUI का प्रदर्शन समाप्त हुआ। अब निगाहें जांच रिपोर्ट पर टिकी हैं। रिपोर्ट से यह स्पष्ट होने की उम्मीद है कि वायरल मामले में वास्तविक घटनाक्रम क्या था और अस्पताल की कार्यप्रणाली में यदि कोई लापरवाही हुई है तो उसके लिए जिम्मेदारी किसकी तय होती है।