महिंद्रा फाइनेंस पर मानसिक प्रताड़ना के आरोप, युवक के आत्मघाती कदम के बाद NH-30 पर चक्काजाम

महिंद्रा फाइनेंस पर मानसिक प्रताड़ना के आरोप, युवक के आत्मघाती कदम के बाद NH-30 पर चक्काजाम

रीवा। जिले के गढ़ थाना क्षेत्र में एक युवक के आत्मघाती कदम उठाने के बाद मामला गंभीर रूप ले गया। परिजनों ने महिंद्रा एंड महिंद्रा फाइनेंस कंपनी के कुछ अधिकारियों पर युवक को लगातार मानसिक दबाव में रखने और कथित रूप से प्रताड़ित करने के आरोप लगाए हैं। घटना के बाद आक्रोशित परिजनों ने राष्ट्रीय राजमार्ग-30 स्थित तेंदुआ मोड़ पर चक्काजाम कर दिया। करीब कुछ समय तक हाईवे पर आवागमन प्रभावित रहा। अधिकारियों की समझाइश और निष्पक्ष जांच के आश्वासन के बाद परिजनों ने प्रदर्शन समाप्त किया।

परिवार की ओर से गढ़ थाना पुलिस को दिए गए लिखित आवेदन में ग्राम तेंदुआ, पोस्ट परासी निवासी विनोद कुमार मिश्रा ने अपने भाई प्रशांत मिश्रा से संबंधित घटनाक्रम का उल्लेख किया है। शिकायत के अनुसार प्रशांत महिंद्रा एंड महिंद्रा फाइनेंस कंपनी में कार्यरत थे। परिजनों का आरोप है कि नौकरी छोड़ने के बाद भी कंपनी के कुछ अधिकारियों की ओर से उन पर लगातार दबाव बनाया जा रहा था, जिसके कारण वह मानसिक रूप से परेशान चल रहे थे।

नौकरी छोड़ने के बाद भी दबाव का आरोप

परिजनों का दावा है कि पिछले कुछ दिनों से प्रशांत काफी तनाव में थे। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि कंपनी से संबंधित कुछ लोगों द्वारा उन्हें कथित तौर पर बार-बार संपर्क कर दबाव में रखने का प्रयास किया जा रहा था। परिवार का यह भी आरोप है कि उन्हें कार्रवाई और अन्य परिणाम भुगतने की धमकी दिए जाने की बात कही गई थी। 1 सितंबर 2026 को प्रशांत ने मानसिक परेशानी के बीच आत्मघाती कदम उठा लिया। घटना की जानकारी मिलने के बाद परिवार में शोक के साथ आक्रोश भी फैल गया। परिजनों ने पुलिस से मांग की है कि घटना से पहले युवक पर बनाए गए कथित दबाव और उसके कारणों की निष्पक्ष जांच की जाए।

कंपनी अधिकारियों से संपर्क का प्रयास

शिकायत में परिजनों ने घटना के बाद संबंधित अधिकारियों से संपर्क करने का प्रयास किए जाने का भी उल्लेख किया है। परिवार का आरोप है कि उनकी ओर से संपर्क करने के बावजूद उचित प्रतिक्रिया नहीं मिली। हालांकि फोन पर बातचीत और दबाव से जुड़े आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है। परिजनों का कहना है कि पुलिस को इस पूरे घटनाक्रम की कड़ियों की जांच करनी चाहिए, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि युवक किन परिस्थितियों से गुजर रहा था और घटना से पहले उसके साथ किस प्रकार का व्यवहार किया गया।

NH-30 पर लगाया जाम, अधिकारी पहुंचे मौके पर

घटना के बाद आक्रोशित परिजनों और ग्रामीणों ने NH-30 के तेंदुआ मोड़ पर चक्काजाम कर दिया। प्रदर्शन के कारण हाईवे पर वाहनों की आवाजाही प्रभावित हुई और दोनों ओर वाहनों की कतार लग गई। सूचना मिलने पर नायब तहसीलदार अजय मिश्रा और गढ़ थाना प्रभारी अवनीश पाण्डेय पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने प्रदर्शन कर रहे परिजनों से बातचीत की और उनकी शिकायत सुनी। परिवार ने आरोपों की निष्पक्ष जांच तथा दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग रखी। अधिकारियों द्वारा जांच और उचित कार्रवाई का भरोसा दिए जाने के बाद परिजनों ने चक्काजाम समाप्त कर दिया। इसके बाद हाईवे पर यातायात सामान्य हो सका।

जांच के बाद ही स्पष्ट होगी जिम्मेदारी

परिजनों ने पुलिस से युवक की परिस्थितियों, कंपनी से जुड़े संपर्कों और कथित दबाव की जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि जांच में किसी व्यक्ति द्वारा मानसिक प्रताड़ना, धमकी या अनुचित दबाव बनाए जाने की पुष्टि होती है तो संबंधित के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए। फिलहाल मामला परिजनों द्वारा पुलिस को दिए गए आवेदन और उसमें लगाए गए आरोपों पर आधारित है। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि होना बाकी है। युवक की मौत की वास्तविक परिस्थितियों और किसी व्यक्ति की भूमिका का निर्धारण पुलिस जांच के बाद ही हो सकेगा। समाचार लिखे जाने तक संबंधित फाइनेंस कंपनी अथवा आरोपित पक्ष की ओर से इस मामले में आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई थी।







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