सोहागी पहाड़ में डिलीवरी बैग में मिली लाश का सनसनीखेज खुलासा, प्रयागराज में दोस्तों ने की थी हत्या

सोहागी पहाड़ में डिलीवरी बैग में मिली लाश का सनसनीखेज खुलासा, प्रयागराज में दोस्तों ने की थी हत्या

रीवा/प्रयागराज। राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक-30 के किनारे सोहागी पहाड़ में 14 अगस्त को डिलीवरी बैग के अंदर मिले अज्ञात युवक के शव के मामले में प्रयागराज की धूमनगंज थाना पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा किया है। पुलिस जांच में मृतक की पहचान प्रतापगढ़ जिले के कुंडा निवासी 27 वर्षीय आलोक गुप्ता के रूप में हुई है। आलोक प्रयागराज के धूमनगंज थाना क्षेत्र के हरवारा स्थित अंबर अपार्टमेंट में किराए से रहता था और फोटोग्राफी का काम करता था।

पुलिस के अनुसार आलोक की हत्या उसके ही परिचित शुभम तिवारी, शुभम यादव और अंकुश यादव ने कथित रूप से साजिश रचकर की थी। प्रारंभिक जांच में आपसी रंजिश, कथित बेइज्जती, ईर्ष्या और पैसों के लेन-देन को हत्या की संभावित वजह माना जा रहा है। पुलिस का कहना है कि आरोपियों ने आलोक को रास्ते से हटाने की योजना बनाई और धूमनगंज थाना क्षेत्र में उसकी हत्या कर दी।

गोली मारने के बाद दबाया गला

जांच में सामने आया कि आरोपियों ने कथित तौर पर आलोक को गोली मारी और इसके बाद गला दबाकर उसकी हत्या कर दी। वारदात के बाद पहचान छिपाने के उद्देश्य से शव को एक बड़े डिलीवरी बैग में रखा गया। इसके बाद आरोपी कार से करीब 100 किलोमीटर दूर रीवा जिले के सोहागी थाना क्षेत्र पहुंचे और एनएच-30 के किनारे सुनसान स्थान पर शव फेंककर फरार हो गए।

बच्चों ने पुलिस को दी थी बैग की सूचना

14 अगस्त को कुछ बच्चों ने सोहागी थाना पुलिस को सड़क किनारे एक संदिग्ध बैग पड़े होने की सूचना दी थी। बैग से दुर्गंध आने पर पुलिस मौके पर पहुंची। सोहागी पहाड़ के सेल्फी प्वाइंट से कुछ दूरी पर एनएच-30 से करीब 20 मीटर अंदर झाड़ियों के पास बैग मिला। उसे खोलने पर अंदर अज्ञात युवक का शव बरामद हुआ। शव कई दिन पुराना होने के कारण खराब अवस्था में था। पुलिस ने वरिष्ठ अधिकारियों को सूचना देकर फॉरेंसिक टीम को मौके पर बुलाया। टीम ने घटनास्थल और शव से जुड़े साक्ष्य जुटाए। इसके बाद पुलिस ने आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगालने के साथ शव की पहचान के प्रयास शुरू किए।

गुमशुदगी की रिपोर्ट से जुड़ी हत्या की कड़ी

जांच के दौरान पुलिस को प्रयागराज के धूमनगंज थाने में दर्ज आलोक गुप्ता की गुमशुदगी की जानकारी मिली। रीवा और प्रयागराज पुलिस के बीच जानकारी साझा होने के बाद अज्ञात शव की पहचान आलोक के रूप में हुई। इसके बाद हत्या की कड़ियां जोड़ते हुए प्रयागराज पुलिस ने तीनों संदिग्ध आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से कथित तौर पर अवैध पिस्तौल, कारतूस के खोखे, चार मोबाइल फोन, ब्लूटूथ डिवाइस और वारदात में इस्तेमाल कार बरामद की है। आरोपियों को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया है।

रीवा से जुड़ी कड़ी प्रयागराज पुलिस के हवाले

शव बरामद होने के बाद सोहागी पुलिस ने घटनास्थल को सुरक्षित रखते हुए आवश्यक साक्ष्य जुटाए थे। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों और एसडीओपी ने भी मौके का निरीक्षण किया था। बाद में मामला प्रयागराज में हुई हत्या से जुड़ने पर जांच की मुख्य कड़ी धूमनगंज पुलिस के पास पहुंच गई। फिलहाल पुलिस हत्या की पूरी साजिश, मृतक और आरोपियों के बीच संबंध, पैसों के लेन-देन, हथियार की व्यवस्था और शव को प्रयागराज से रीवा लाने के पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है। सोहागी पहाड़ में हाईवे किनारे डिलीवरी बैग में शव मिलने की इस वारदात ने जिस तरह पूरे क्षेत्र में सनसनी फैलाई थी, उसके पीछे की कहानी सामने आने के बाद मामला और भी गंभीर हो गया है।

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