| एंबुलेंस नहीं मिली तो पिकअप से अस्पताल पहुंची प्रसूता, शहडोल में ट्रेन से गिरकर यात्री घायल |
शहडोल। ग्रामीण क्षेत्रों में आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता पर सवाल खड़े करने वाली घटना उमरिया जिले के बरतराई गांव से सामने आई है। प्रसव पीड़ा से परेशान गर्भवती महिला को जिला अस्पताल पहुंचाने के लिए परिजनों ने एंबुलेंस सेवा से मदद मांगी, लेकिन काफी देर इंतजार के बाद भी वाहन उपलब्ध नहीं हो सका। महिला की हालत को देखते हुए परिजनों ने इंतजार करना उचित नहीं समझा और तत्काल पिकअप वाहन की व्यवस्था कर उसे करीब 15 किलोमीटर दूर उमरिया जिला अस्पताल पहुंचाया।
मामले के सामने आने के बाद ग्रामीण क्षेत्रों में एंबुलेंस सेवा की उपलब्धता और आपातकालीन स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर सवाल उठ रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग की ओर से सिविल सर्जन डॉ. के. सोनी ने बताया कि वर्तमान में रेफर मामलों की संख्या अधिक होने के कारण एंबुलेंस व्यवस्था में परेशानी आई है। उन्होंने बताया कि प्रसूता और नवजात दोनों स्वस्थ हैं। अस्पताल के गेट पर कर्मचारी के मौजूद नहीं मिलने की शिकायत पर संबंधित कर्मचारियों को नोटिस देने और जांच के निर्देश दिए गए हैं।
नींद आने से चलती ट्रेन से गिरा यात्री
उधर, शहडोल रेलवे स्टेशन के पास हरिद्वार-पुरी उत्कल एक्सप्रेस से गिरकर एक यात्री घायल हो गया। RPF जवानों ने रेलवे लाइन के किनारे घायल अवस्था में पड़े यात्री को देखा और तत्काल रेलवे एंबुलेंस की मदद से जिला अस्पताल पहुंचाया।
घायल की पहचान प्रदीप कुशवाहा (40) निवासी टिकरिया टोला, सतना के रूप में हुई है। उसने बताया कि वह कटनी से रायपुर जा रहा था और जनरल कोच में गेट के पास बैठा था। सफर के दौरान नींद आने से वह चलती ट्रेन से नीचे गिर गया। हादसे में उसके बाएं पैर में फ्रैक्चर हुआ। ट्रेन की गति कम होने के कारण उसे गंभीर चोट नहीं आई। RPF की त्वरित कार्रवाई से उसे समय पर उपचार मिल सका।