कांग्रेस की हताशा अब उपद्रव और अराजकता के रूप में सामने आ रही है — कमलेश्वर सिंह

कांग्रेस की हताशा अब उपद्रव और अराजकता के रूप में सामने आ रही है — कमलेश्वर सिंह

रीवा - भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता कमलेश्वर सिंह ने मध्यप्रदेश के उपमुख्यमंत्री  राजेंद्र शुक्ल के निवास पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं द्वारा जबरन प्रवेश कर किए गए उपद्रव की कड़े शब्दों में निंदा की है। उन्होंने इसे कांग्रेस नेताओं का अत्यंत निंदनीय, कायरतापूर्ण और लोकतांत्रिक मर्यादाओं का खुला उल्लंघन बताया।  सिंह ने कहा कि लोकतंत्र में विपक्ष की भूमिका महत्वपूर्ण होती है। हम सभी ने लंबे समय तक विपक्ष की राजनीति की है, लेकिन राजनीतिक विरोध के बावजूद कभी लोकतांत्रिक मर्यादाओं और राजनीतिक शालीनता की सीमाओं को नहीं लांघा। कांग्रेस नेताओं द्वारा जिस तरह की अराजक और असंसदीय हरकत की गई है, उसकी जितनी निंदा की जाए कम है। उन्होंने कहा कि लगातार मिल रही चुनावी हार से कांग्रेस हताश और निराश हो चुकी है। इसी बौखलाहट में अब वह राजनीतिक विरोध को उपद्रव और हिंसा की दिशा में ले जाने का प्रयास कर रही है। कांग्रेस का यह आचरण कोई नया नहीं है। हिंसा, अराजकता और असहिष्णुता से जुड़ा उसका लंबा राजनीतिक इतिहास रहा है।

स्वास्थ्य सुविधाओं में रीवा ने रचा नया इतिहास

भाजपा नेता कमलेश्वर सिंह ने कांग्रेस द्वारा रीवा की स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल उठाए जाने पर पलटवार करते हुए कहा कि कांग्रेस के शासनकाल में रीवा की स्वास्थ्य सुविधाएं बेहद सीमित थीं। आज उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल के प्रयासों से रीवा चिकित्सा के क्षेत्र में लगातार नए आयाम स्थापित कर रहा है। उन्होंने कहा कि आज रीवा में किडनी ट्रांसप्लांट से लेकर ओपन हार्ट सर्जरी तक की अत्याधुनिक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध हैं। एमबीबीएस की सीटें 60 से बढ़ाकर 200 की गई हैं, जबकि पीजी की सीटें 74 से बढ़ाकर 150 की गई हैं। बड़े मेडिकल कॉलेजों में होने वाली डीएम स्तर की पढ़ाई की सुविधा भी रीवा में शुरू हुई है। कार्डियोलॉजी में चार पद स्वीकृत किए गए हैं और अध्ययन कार्य शुरू हो चुका है। श्री सिंह के अनुसार संजय गांधी अस्पताल में वर्ष 2003 के आसपास जहां लगभग 500 बेड की व्यवस्था थी, उसे बढ़ाकर 1550 बेड किया गया है। मदर एंड चाइल्ड विंग में 120 बेड से बढ़ाकर 250 बेड किए गए हैं। पीआईसीयू के 16 बेड की व्यवस्था की गई है, जबकि पहले यह सुविधा उपलब्ध नहीं थी। इसके अलावा एचडीयू में 30 बेड, एसएनसीयू में 50 तथा आईसीयू में 110 बेड की व्यवस्था की गई है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2026 में ओपीडी में लगभग 7.50 लाख मरीजों को चिकित्सा सुविधा दी गई, जबकि लगभग 80 हजार मरीजों का आईपीडी में उपचार किया गया।

हार्ट और किडनी उपचार में बड़ी उपलब्धियां

कमलेश्वर सिंह ने कहा कि रीवा में आधुनिक हृदय रोग उपचार की सुविधाएं तेजी से विकसित हुई हैं। उनके अनुसार एंजियोग्राफी के माध्यम से 1906 मरीजों का उपचार किया गया, वहीं 1013 मरीजों की एंजियोप्लास्टी की गई। ओपन हार्ट सर्जरी के माध्यम से 64 मरीजों का ऑपरेशन किया गया। उन्होंने कहा कि रीवा में किडनी ट्रांसप्लांट शुरू होना स्वास्थ्य क्षेत्र में ऐतिहासिक उपलब्धि है। अब तक पांच किडनी ट्रांसप्लांट किए जा चुके हैं।उन्होंने कहा कि उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल के प्रयासों से रीवा में सीटी स्कैन, एमआरआई और मैमोग्राफी जैसी आधुनिक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध हुई हैं। मिल्क बैंक, मानव स्किन बैंक और सिकल सेल सेंटर जैसी विशिष्ट स्वास्थ्य सुविधाएं भी रीवा में आम नागरिकों को मिल रही हैं।

स्वास्थ्य व्यवस्था को बदनाम करने का प्रयास न करें कांग्रेस : सिंह

श्री सिंह ने आरोप लगाया कि कांग्रेस और उसके सहयोगियों द्वारा लगातार रीवा की स्वास्थ्य व्यवस्था पर प्रश्नचिह्न खड़े किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि इससे ऐसा प्रतीत होता है कि सुनियोजित तरीके से रीवा की स्वास्थ्य व्यवस्था को कटघरे में खड़ा करने का अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि रीवा को स्वास्थ्य सुविधाओं का हब बनाने की दिशा में लगातार काम हो रहा है। ऐसे समय में राजनीतिक स्वार्थ के लिए उपलब्धियों को नकारना न केवल रीवा के चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों का अपमान है, बल्कि विंध्य क्षेत्र की जनता को मिलने वाली आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाओं को भी कमजोर करने का प्रयास है। भाजपा नेता ने कांग्रेस से अपील की कि वह राजनीतिक विरोध को लोकतांत्रिक मर्यादाओं के भीतर रखे और विकास तथा जनहित के मुद्दों पर सकारात्मक राजनीति करे। उन्होंने स्पष्ट कहा कि उपद्रव, अराजकता और हिंसा के जरिए लोकतंत्र को कमजोर करने की कोशिशों को भाजपा कार्यकर्ता और रीवा की जनता स्वीकार नहीं करेगी।

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