‘बेटी चली गई, अब यहीं मेरा भी क्रियाकर्म करा देना’... कल्पना के पिता के दर्द से भावुक हुआ धरना स्थल


‘बेटी चली गई, अब यहीं मेरा भी क्रियाकर्म करा देना’... कल्पना के पिता के दर्द से भावुक हुआ धरना स्थल

रीवा। कल्पना मिश्रा और उनके नवजात बच्चे की मौत के मामले में सिरमौर चौक पर चल रहा धरना उस वक्त बेहद भावुक हो गया, जब कलेक्टर नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी और एसपी गुरुकरण सिंह प्रदर्शन स्थल पर पहुंचे। दोनों अधिकारियों ने मृतका के पिता और प्रदर्शनकारियों से बातचीत कर उनकी मांगें सुनीं और धरना समाप्त करने का आग्रह किया। इसी दौरान कल्पना के पिता के एक वाक्य ने पूरे माहौल को गमगीन कर दिया। उन्होंने अधिकारियों से कहा- “मेरी बेटी तो चली गई, अब इसी धरने पर मेरा भी क्रियाकर्म करा देना।”

अधिकारियों के धरना स्थल पर पहुंचने के बाद मृतका के परिजनों और प्रदर्शनकारियों से काफी देर तक बातचीत हुई। कलेक्टर ने कहा कि प्रशासन लगातार परिवार के संपर्क में है और पूरे मामले की जानकारी मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री सहित वरिष्ठ अधिकारियों को दी गई है। प्रशासन की ओर से परिवार को कार्रवाई का भरोसा भी दिलाया गया।

हालांकि, बेटी की मौत से टूट चुके पिता धरना खत्म करने के लिए तैयार नहीं हुए। उनका कहना था कि बेटी और उसके नवजात बच्चे की मौत ने परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है। ऐसे में केवल आश्वासन से उन्हें संतुष्टि नहीं मिल रही है। उनके भावुक शब्द सुनकर धरना स्थल पर मौजूद लोगों की आंखें भी नम हो गईं।

FIR दर्ज कराने की मांग पर अड़े प्रदर्शनकारी

वहीं 2 सितंबर से आमरण अनशन पर बैठे आम आदमी पार्टी नेता प्रमोद शर्मा ने कहा कि प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांग स्पष्ट है। उनका कहना है कि कल्पना मिश्रा और उसके नवजात बच्चे की मौत के लिए जिम्मेदार बताए जा रहे डॉक्टरों के खिलाफ पुलिस FIR दर्ज की जाए। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि मामले में अब तक उन्हें केवल आश्वासन मिले हैं, लेकिन ठोस कार्रवाई दिखाई नहीं दी है।

धरना स्थल पर प्रशासन और प्रदर्शनकारियों के बीच बातचीत के दौरान अधिकारियों ने मामले में अब तक हुई कार्रवाई और आगे की प्रक्रिया को लेकर भी जानकारी दी। दूसरी ओर प्रदर्शनकारियों ने कहा कि जब तक उनकी मांगों पर स्पष्ट और ठोस कार्रवाई नहीं होती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।

कल्पना मिश्रा और उसके नवजात की मौत का मामला पहले से ही विवादों में है। परिवार और प्रदर्शनकारी लगातार जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। ऐसे में सिरमौर चौक पर जारी धरना अब केवल विरोध प्रदर्शन नहीं, बल्कि परिवार की न्याय की मांग का केंद्र बन गया है।

एक तरफ कलेक्टर और एसपी धरना समाप्त कराने के लिए हाथ जोड़कर आग्रह करते नजर आए, तो दूसरी ओर बेटी खो चुके पिता का दर्द सामने आया। पिता के शब्दों ने पूरे घटनाक्रम को और भावुक कर दिया। अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि प्रशासन प्रदर्शनकारियों की मांगों पर क्या ठोस कदम उठाता है और मामले में आगे की कार्रवाई किस दिशा में बढ़ती है।


Post a Comment

Previous Post Next Post