गंगेव में राष्ट्रीय प्राकृतिक खेती मिशन की बैठक, किसानों को प्राकृतिक खेती और फसल बीमा की दी जानकारी

गंगेव में राष्ट्रीय प्राकृतिक खेती मिशन की बैठक, किसानों को प्राकृतिक खेती और फसल बीमा की दी जानकारी

गंगेव। मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान एवं अंतर्राष्ट्रीय महिला किसान वर्ष 2026 के अंतर्गत आत्मा परियोजना द्वारा संचालित राष्ट्रीय प्राकृतिक खेती मिशन को लेकर विकासखंड गंगेव में बैठक आयोजित की गई। बैठक में कृषि विभाग के अधिकारियों, कृषि विस्तार अधिकारियों एवं कृषि सखियों ने सहभागिता कर किसानों को प्राकृतिक खेती सहित विभिन्न कृषि योजनाओं और विभागीय गतिविधियों की जानकारी दी। बैठक में वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी श्री शिव सरण सरल, तकनीकी प्रबंधक दीपक कुमार श्रीवास्तव, दीपिका तिवारी, समस्त कृषि विस्तार अधिकारी, कृषि सखी श्रीमती वीणा शर्मा, निधि मिश्रा, राजेश पटेल एवं मुकेश प्रजापति उपस्थित रहे।

तकनीकी प्रबंधक दीपक कुमार श्रीवास्तव ने बैठक में एजेंडावार किसानों को महत्वपूर्ण जानकारियां दीं। उन्होंने किसानों को फार्मर आईडी बनवाने की प्रक्रिया के बारे में जानकारी देते हुए अपनी कुल कृषि भूमि के लगभग 10 से 20 प्रतिशत हिस्से में प्राकृतिक खेती अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया। साथ ही ई-विकास प्रणाली के माध्यम से उर्वरकों के अग्रिम उठाव तथा मृदा स्वास्थ्य कार्ड के आधार पर खेत की मिट्टी में उपलब्ध पोषक तत्वों का निर्धारण कर आवश्यकता के अनुसार उर्वरकों के उपयोग की जानकारी दी गई।

वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी शिव सरण सरल ने वर्तमान खरीफ सीजन में जलभराव के कारण संभावित फसल क्षति को देखते हुए किसानों को आगामी रबी सीजन की तैयारी के लिए आवश्यक सलाह दी। उन्होंने कहा कि प्रभावित क्षेत्रों में ऐसी फसलों को प्राथमिकता दी जाए, जिनकी अवधि कम हो और जिन्हें कम पानी की आवश्यकता होती है। इससे किसानों को जलभराव के बाद उपलब्ध परिस्थितियों के अनुसार फसल चयन करने में मदद मिलेगी।

बैठक में पशुधन को विभिन्न बीमारियों से बचाने के लिए समय पर पशुओं का टीकाकरण कराने की सलाह भी दी गई। किसानों को पशुओं की नियमित देखभाल और बीमारी के लक्षण दिखाई देने पर समय रहते उपचार कराने के लिए जागरूक किया गया। इसके अलावा किसानों को प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना एवं पशु बीमा योजना की संक्षिप्त जानकारी दी गई। अधिकारियों ने किसानों से योजनाओं का लाभ लेने तथा प्राकृतिक खेती एवं वैज्ञानिक कृषि पद्धतियों को अपनाकर खेती को अधिक टिकाऊ और लाभकारी बनाने का आह्वान किया। बैठक का उद्देश्य किसानों को कृषि विभाग की योजनाओं से जोड़ने के साथ प्राकृतिक खेती, मृदा स्वास्थ्य, फसल सुरक्षा और पशुधन संरक्षण के प्रति जागरूक करना रहा।

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