| शासन की शराब नीति को घोल कर पी गए आबकारी अधिकारी |
इंदौर। आबकारी नीति में शराब दुकानों के पास आहाते चलने पर रोक लगाई गई है। इसके बाद भी इंदौर जिले में लगभग हर शराब दुकान के पास सारेआम आहाते चलाए जा रहे हैं। यह मिलीभगत नहीं तो और क्या है कि आबकारी ऑफिस के पास ही मेन रोड पर शराब दुकान में आहाता (शराब पीने की जगह) चलाया जा रहा है जो सबको दिखाई देता है, लेकिन आबकारी अधिकारियों को नहीं दिखाई देता। शहरभर में धड़ल्ले से चलाए जा रहे अवैध आहातों के खिलाफ आबकारी विभाग के अधिकारी कोई कार्रवाई नहीं करते हैं।
जानकारी अनुसार कलेक्टर ऑफिस की दूसरी मंजिल पर सहायक आयुक्त आबकारी विभाग का ऑफिस है। इससे चंद कदमों की दूरी पर लाल बाग के सामने शराब दुकान में मेन रोड पर आहाता चलाया जा रहा है। वहीं दूसरी और कंट्रोल रूम के पास भी शराब दुकान के पास शराबियों को पीने के लिए वीआईपी सुविधा प्रदान की जा रही है। यह तो सिर्फ बानगी है, शहरभर की कलालियों की बात की जाए तो लगभग हर कलाली में आहाता मिलने की संभावना है। आबकारी विभाग के अधिकारियों का यहां तक कि स्वयं सहायक आयुक्त आबकारी का भी इन रास्तों से आना जाना होता है, लेकिन हर आम आदमी जो सड़क पर चल रहा है उसे यह आहाता दिखाई दे रहा है, सिर्फ आबकारी अधिकारियों को ही नहीं दिखाई देता है। एक और जहां अवैध शराब के मामले में आबकारी अधिकारी वाह-वाही ही लूटने की कोशिश कर रहे हैं वहीं दूसरी ओर शहर में चल रहे अवैध शराब आहातों पर नजर तक नहीं डालना चाहते।
शहर का माहौल हो रहा खराब
शराब दुकानों में चलाए जा रहे अवैध आहातों और शराब दुकानों के बाहर खुले आम नशेड़ियों द्वारा शराब पीने से शहर का माहौल खराब हो रहा है। सबसे ज्यादा बुरा प्रभाव सड़क से गुजरने वाली महिलाओं-युवतियों और बच्चों पर पड़ता है। इसके बाद भी आबकारी विभाग के अधिकारी कुंभकरण की नींद में सोए हुए हैं। मामले में चर्चा के लिए सहायक आयुक्त आबकारी से उनके मोबाइल पर संपर्क करने की कोशिश की लेकिन उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया।