15 साल बाद बाणसागर के खुले सभी 8 गेट, 100% भरा बांध

15 साल बाद बाणसागर के खुले सभी 8 गेट, 100% भरा बांध

रीवा/शहडोल। मध्यप्रदेश में लगातार हो रही भारी बारिश के बीच बाणसागर बांध अपनी पूर्ण क्षमता तक भर गया है। बांध का जलस्तर 341.64 मीटर पहुंचने के बाद सुरक्षा और जल प्रबंधन के तहत इसके सभी 8 रेडियल गेट खोल दिए गए हैं। गेट खुलने के बाद सोन नदी में बड़ी मात्रा में पानी छोड़ा जा रहा है। इससे सोन नदी के डाउनस्ट्रीम क्षेत्रों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। बाणसागर से छोड़े जा रहे पानी का असर मध्यप्रदेश के साथ-साथ उत्तर प्रदेश और बिहार के कई जिलों में पड़ सकता है। सोनभद्र, मिर्जापुर, रोहतास, औरंगाबाद, भोजपुर और बक्सर के नदी किनारे बसे निचले इलाकों में प्रशासन को विशेष सतर्कता बरतने की जरूरत है। नदी के जलस्तर और पानी के प्रवाह पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।

रीवा-सतना में भी नदियां उफान पर

लगातार बारिश और बैराजों से पानी छोड़े जाने के कारण रीवा-सतना क्षेत्र में भी हालात चिंताजनक बने हुए हैं। त्योंथर बाढ़ नियंत्रण कक्ष की रिपोर्ट के मुताबिक बीहर बैराज के सभी 18 गेट खोल दिए गए हैं। वहीं सतना के बकिया बैराज के 2 गेट खोलकर टमस नदी में पानी छोड़ा जा रहा है। टमस नदी के उफान पर आने से कई क्षेत्रों में आवागमन प्रभावित हुआ है। बेलन नदी का डिह पुल और मऊगंज क्षेत्र में नैना नदी का सोनौरी पुल पानी में डूब गया है। कई मार्गों पर आवाजाही बाधित होने से ग्रामीण क्षेत्रों का संपर्क भी प्रभावित हुआ है।

रीवा में अब तक 672.3 मिमी बारिश

रीवा जिले में इस मानसून लगातार बारिश के चलते नदी-नालों और जलाशयों का जलस्तर तेजी से बढ़ा है। 2 सितंबर तक जिले में 672.3 मिमी औसत वर्षा दर्ज की गई थी। इसी दौरान बाणसागर का जलस्तर 341.58 मीटर तक पहुंच चुका था, जो अब बढ़कर बांध की पूर्ण क्षमता 341.64 मीटर हो गया है।

15 साल बाद ऐसी स्थिति का दावा

बाणसागर बांध के पूर्ण क्षमता तक भरने और सभी गेट खोले जाने को लेकर स्थानीय स्तर पर करीब 15 साल बाद ऐसी स्थिति बनने की बात कही जा रही है। हालांकि, इस दावे की आधिकारिक रिकॉर्ड से स्वतंत्र पुष्टि अभी बाकी है।

निचले इलाकों में बढ़ी चिंता

बांध और बैराजों से पानी छोड़े जाने के बीच प्रशासन ने नदी किनारे और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। लोगों से बाढ़ प्रभावित पुल-पुलियों, रपटों और तेज बहाव वाले रास्तों को पार नहीं करने की अपील की गई है। लगातार बारिश, बाणसागर के सभी गेट खुलने और विभिन्न बैराजों से पानी छोड़े जाने के कारण रीवा-सतना संभाग से लेकर सोन नदी के डाउनस्ट्रीम क्षेत्रों तक बाढ़ की चिंता बढ़ गई है। प्रशासन और बाढ़ नियंत्रण अमला स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है।

Post a Comment

Previous Post Next Post