| अगस्त क्रांति मंच का स्थापना दिवस नईगढ़ी में धूमधाम से संपन्न, कार्यकर्ताओं ने दिखाई एकजुटता |
नईगढ़ी - ऐतिहासिक 9 अगस्त अगस्त क्रांति दिवस के अवसर पर रविवार को अगस्त क्रांति मंच का स्थापना दिवस समारोह नईगढ़ी स्थित शिवशक्ति मैरिज गार्डन में उत्साह, जोश और बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं की मौजूदगी के बीच संपन्न हुआ। कार्यक्रम में मंच से जुड़े कार्यकर्ताओं, युवाओं, समर्थकों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया। इस दौरान वक्ताओं ने जनहित से जुड़े मुद्दों को लोकतांत्रिक एवं संवैधानिक तरीके से उठाने तथा अन्याय, भ्रष्टाचार और जनसमस्याओं के खिलाफ अपनी आवाज लगातार बुलंद रखने का संकल्प दोहराया।
कार्यक्रम में मंच के पदाधिकारियों और वक्ताओं ने 9 अगस्त 1942 की ऐतिहासिक अगस्त क्रांति को याद करते हुए कहा कि यह दिन देश के स्वतंत्रता आंदोलन में महत्वपूर्ण स्थान रखता है। उन्होंने कहा कि आज के समय में भी जनता से जुड़े मुद्दों को लोकतांत्रिक तरीके से सामने लाने और आम लोगों के अधिकारों के लिए आवाज उठाने की आवश्यकता है।
कम समय में बदला कार्यक्रम स्थल, फिर भी जुटे बड़ी संख्या में लोग
अगस्त क्रांति मंच के स्थापना दिवस कार्यक्रम का आयोजन पहले मऊगंज में प्रस्तावित था, लेकिन आयोजकों के अनुसार मऊगंज में कार्यक्रम की अनुमति रद्द होने के बाद कार्यक्रम स्थल को बदलकर नईगढ़ी किया गया। आयोजकों का कहना है कि कार्यक्रम स्थल बदलने के लिए कार्यकर्ताओं और समर्थकों को कम समय में सूचना दी गई।
इसके बावजूद बड़ी संख्या में कार्यकर्ता, युवा और समर्थक नईगढ़ी पहुंचे। मंच से जुड़े लोगों ने इसे संगठन के प्रति कार्यकर्ताओं और समर्थकों के विश्वास एवं प्रतिबद्धता का प्रमाण बताया। आयोजकों का कहना था कि कार्यक्रम स्थल बदलने से आयोजन की तैयारियों पर असर जरूर पड़ा, लेकिन कार्यकर्ताओं के उत्साह में कमी नहीं आई।
संयोजक कुंजबिहारी तिवारी ने प्रशासन पर उठाए सवाल
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अगस्त क्रांति मंच के संयोजक कुंजबिहारी तिवारी ने मऊगंज में कार्यक्रम की अनुमति रद्द किए जाने को लेकर प्रशासन पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जनता से जुड़े मुद्दों पर सवाल उठाना किसी व्यक्ति अथवा व्यवस्था के खिलाफ व्यक्तिगत लड़ाई नहीं है, बल्कि लोकतंत्र में जनता के अधिकारों का हिस्सा है। तिवारी ने कहा कि कार्यक्रम का स्थान बदले जाने के बावजूद बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं और समर्थकों का नईगढ़ी पहुंचना यह दर्शाता है कि जनआवाज को केवल कार्यक्रम का स्थान बदलकर रोका नहीं जा सकता।
उन्होंने कहा, “हम किसी से टकराव नहीं चाहते, लेकिन अन्याय और भ्रष्टाचार के खिलाफ सवाल पूछना बंद भी नहीं करेंगे। हमारा संघर्ष संविधान और लोकतंत्र के दायरे में जारी रहेगा। उन्होंने अगस्त क्रांति मंच को किसी राजनीतिक दल का मंच नहीं बताते हुए कहा कि मंच आम जनता से जुड़े मुद्दों को सामने लाने के उद्देश्य से काम कर रहा है। उन्होंने कहा कि किसान, मजदूर, युवा, बेरोजगार और गरीब वर्ग की समस्याओं को उठाना मंच की प्राथमिकताओं में शामिल है।
प्रशांत उपाध्याय ने कार्यकर्ताओं में भरा जोश
कार्यक्रम में अगस्त क्रांति मंच के रीवा जिला अध्यक्ष प्रशांत उपाध्याय ने भी संबोधित किया। उन्होंने कार्यकर्ताओं और युवाओं में उत्साह भरते हुए सामाजिक सरोकारों से जुड़ने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि युवाओं की भूमिका केवल अपने व्यक्तिगत भविष्य तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि समाज और क्षेत्र से जुड़े मुद्दों को समझकर सकारात्मक तरीके से अपनी भूमिका निभानी चाहिए। उन्होंने जनहित के मुद्दों पर लोकतांत्रिक तरीके से आवाज उठाने और संगठन को मजबूत बनाने पर जोर दिया।
वक्ताओं ने अगस्त क्रांति के इतिहास को किया याद
कार्यक्रम के दौरान देश बचाओ आंदोलन की मुद्रिका त्रिपाठी, विवेक नामदेव, युवा रज्जन सिंह पटेल, एडवोकेट जे.पी. तिवारी और डी.के. तिवारी सहित अन्य वक्ताओं ने अपने विचार रखे। वक्ताओं ने कहा कि 9 अगस्त 1942 का दिन भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन में अगस्त क्रांति के रूप में महत्वपूर्ण है। उस दौर में देशवासियों ने अंग्रेजी शासन के खिलाफ व्यापक आंदोलन किया था। वक्ताओं ने कहा कि आजादी के उस संघर्ष से प्रेरणा लेकर वर्तमान समय में भी भ्रष्टाचार, अन्याय और जनसमस्याओं के खिलाफ लोकतांत्रिक एवं संवैधानिक तरीके से आवाज उठाई जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में जनता की भागीदारी और जागरूकता महत्वपूर्ण है। जब नागरिक अपने अधिकारों और कर्तव्यों के प्रति जागरूक होंगे, तभी व्यवस्था को बेहतर बनाने में प्रभावी भूमिका निभा सकेंगे।
सचिव अजीत तिवारी ने संभाला मंच संचालन
कार्यक्रम का संचालन अगस्त क्रांति मंच के सचिव अजीत तिवारी ने किया। उन्होंने मंच की विचारधारा, अब तक किए गए प्रयासों और आगामी कार्ययोजना को लेकर उपस्थित लोगों के सामने विचार रखे। उन्होंने कहा कि संगठन का उद्देश्य जनहित से जुड़े मुद्दों को सामने लाना और आम जनता की समस्याओं को उचित मंच तक पहुंचाना है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से गांव-गांव तक संपर्क बढ़ाने तथा लोगों की समस्याओं को समझने का आह्वान किया।
बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और समर्थक रहे मौजूद
स्थापना दिवस समारोह में रामलल्लू शर्मा, कौशल पटेल, प्रियेश पाण्डेय, दिलीप उर्मलिया, मनोज तिवारी, अजीत उर्मलिया, पन्नालाल तिवारी, पवन तिवारी, संजीव पाण्डेय, प्रदीप शर्मा, सतीश मिश्रा, शुभम उर्मलिया, आर्यन जायसवाल, जनपद सदस्य राधे कुशवाहा, राजराखन पटेल, नीरज पाठक, शैलेश पाण्डेय, सोनू तिवारी सरवरा, अनिल पाण्डेय और नरेन्द्र तिवारी सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता, युवा एवं समर्थक मौजूद रहे। कार्यक्रम के दौरान कार्यकर्ताओं ने “ना झुकेंगे, ना रुकेंगे, अन्याय के खिलाफ लड़ते रहेंगे” के संकल्प को दोहराया। इसके साथ ही “सत्य हमारा हथियार, जनता हमारी ताकत और संविधान हमारी पहचान” के संदेश के साथ जनहित के मुद्दों पर संघर्ष जारी रखने की बात कही गई।
गांव-गांव तक जनसमस्याओं की आवाज पहुंचाने का दावा
समापन अवसर पर अगस्त क्रांति मंच के पदाधिकारियों ने कहा कि आने वाले समय में संगठन की गतिविधियों को और व्यापक किया जाएगा। मंच गांव-गांव तक पहुंचकर लोगों की समस्याओं को समझने और उन्हें उचित मंच पर उठाने का प्रयास करेगा। आयोजकों ने कहा कि भ्रष्टाचार, अन्याय और अत्याचार के खिलाफ आवाज उठाने के साथ-साथ किसानों, मजदूरों, युवाओं, बेरोजगारों और गरीब वर्ग से जुड़े मुद्दों को प्राथमिकता दी जाएगी। मंच ने स्पष्ट किया कि उसका संघर्ष लोकतांत्रिक और संवैधानिक दायरे में जारी रहेगा। कार्यक्रम स्थल में अंतिम समय में बदलाव के बावजूद बड़ी संख्या में लोगों की मौजूदगी ने आयोजन को खास बना दिया। स्थापना दिवस समारोह के माध्यम से मंच ने संगठनात्मक एकजुटता के साथ आने वाले समय में जनहित के मुद्दों को लेकर अपनी सक्रियता बढ़ाने का संदेश दिया।