गढ़ में दर्दनाक हादसा: पानी से भरे गड्ढे में डूबने से दो मासूमों की मौत, सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल

गढ़ में दर्दनाक हादसा: पानी से भरे गड्ढे में डूबने से दो मासूमों की मौत, सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल

गढ़। गढ़ थाना क्षेत्र के ग्राम मॉल में रविवार शाम एक दर्दनाक हादसे में दो मासूम बच्चों की पानी से भरे गड्ढे में डूबने से मौत हो गई। हादसे में 8 वर्षीय आयुष पटेल और 7 वर्षीय अंशिका पटेल, दोनों निवासी ग्राम मॉल, की जान चली गई। घटना के बाद पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। जानकारी के अनुसार घटना 9 अगस्त 2026 की शाम करीब 4 बजे की बताई जा रही है। दोनों बच्चे कुछ समय के लिए घर से बाहर गए थे। काफी देर तक वापस नहीं लौटने पर परिजनों ने आसपास उनकी तलाश शुरू की। परिवार के लोगों ने गांव और आसपास के संभावित स्थानों पर बच्चों को खोजा। इसी दौरान पानी से भरे गड्ढों में भी तलाश की गई, जहां दोनों मासूमों के मिलने के बाद परिवार में चीख-पुकार मच गई।

मृत बच्चों की पहचान आयुष पटेल उम्र 8 वर्ष और अंशिका पटेल उम्र 7 वर्ष के रूप में हुई है। दोनों के पिता का नाम जीवनलाल पटेल बताया गया है। घटना की जानकारी 10 अगस्त की सुबह गढ़ थाने में दी गई, जिसके बाद पुलिस ने मामले की जानकारी जुटाते हुए आवश्यक कार्रवाई शुरू की। बच्चों के चाचा सुनील पटेल ने बताया कि रविवार शाम दोनों बच्चों के दिखाई नहीं देने पर परिवार के लोगों ने काफी देर तक उनकी तलाश की थी। आसपास के स्थानों पर खोजबीन के दौरान पानी से भरे गड्ढे में दोनों के मिलने से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा।

लगातार घटनाओं से बढ़ी चिंता

गढ़ क्षेत्र में हाल के दिनों में सामने आई अलग-अलग घटनाओं ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। 8 अगस्त को लालगांव चौकी क्षेत्र में युवक की हत्या का मामला सामने आया था। इसके बाद ग्राम लोरी में युवक द्वारा फांसी लगाकर आत्महत्या किए जाने की घटना की जानकारी सामने आई। अब ग्राम मॉल में दो मासूमों की एक साथ मौत ने पूरे क्षेत्र को झकझोर दिया है। मॉल की घटना ने आबादी वाले क्षेत्रों और गांवों के आसपास मौजूद खुले एवं पानी से भरे गड्ढों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि बरसात के दौरान ऐसे गड्ढे पानी से भर जाते हैं और बच्चों के लिए जानलेवा खतरा बन जाते हैं। यदि इनके आसपास सुरक्षा घेरा, चेतावनी बोर्ड अथवा अन्य आवश्यक इंतजाम किए जाएं तो ऐसे हादसों को रोका जा सकता है। ग्रामीणों का आरोप है कि क्षेत्र में अवैध उत्खनन के कारण कई स्थानों पर बड़े-बड़े गड्ढे बने हुए हैं। बरसात में इनमें पानी भर जाने के बाद खतरा और बढ़ जाता है। दैनिक आज तक 24 न्यूज़ द्वारा भी पूर्व में कई बार प्रशासन का ध्यान खुले और असुरक्षित गड्ढों की ओर आकर्षित किया गया है, लेकिन इनकी सुरक्षा को लेकर प्रभावी कदम उठाए जाने की जरूरत बनी हुई है।

दो मासूमों की मौत ने एक बार फिर प्रशासन के सामने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि खुले उत्खनन गड्ढों और जलभराव वाले स्थानों की पहचान कर उन्हें सुरक्षित करने के लिए स्थायी व्यवस्था कब की जाएगी। फिलहाल पुलिस घटना की परिस्थितियों की जांच कर रही है। हादसे के वास्तविक कारणों और गड्ढे की स्थिति से जुड़े तथ्यों की जांच के बाद ही पूरी स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। इधर, दो मासूमों की मौत से ग्राम मॉल में शोक की लहर है और पूरा गांव गमगीन है।



Post a Comment

Previous Post Next Post