35 मासूमों की जान से खिलवाड़! स्कूल की निजी बोलेरो खेत में पलटी, ग्रामीण बने फरिश्ते

35 मासूमों की जान से खिलवाड़! स्कूल की निजी बोलेरो खेत में पलटी, ग्रामीण बने फरिश्ते

मऊगंज/देवतालाब - सोमवार सुबह करीब 10:30 बजे देवतालाब क्षेत्र के शिवपुरा-नेबूहा मार्ग पर उस समय चीख-पुकार और अफरा-तफरी मच गई, जब सरस्वती ज्ञान मंदिर स्कूल (देवतालाब) के छात्र-छात्राओं से भरी एक निजी बोलेरो (MP 17 BA 0659) अनियंत्रित होकर सड़क किनारे सीधे खेत में जा पलटी।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हादसे के वक्त 7-8 सीटों की क्षमता वाली इस बोलेरो में करीब 35 मासूम बच्चों को ठूंस-ठूंसकर बैठाया गया था। इस भीषण दुर्घटना में लगभग एक दर्जन बच्चे घायल हुए हैं, जिनमें से चार बच्चों को बेहद गंभीर चोटें आई हैं। घटना होते ही स्थानीय ग्रामीण तत्काल मौके पर पहुंचे और अपनी जान की परवाह किए बिना पलटी गाड़ी से बच्चों को बाहर निकाला। यदि ग्रामीण तुरंत फरिश्ता बनकर मदद के लिए न धावते, तो परिणाम और भी दर्दनाक हो सकता था।

सवालों के घेरे में लौर पुलिस, आरटीओ और शिक्षा विभाग

यह केवल एक सामान्य सड़क दुर्घटना नहीं, बल्कि स्कूल प्रबंधन की घोर और आपराधिक लापरवाही का प्रत्यक्ष उदाहरण है। क्षमता से कई गुना अधिक मासूमों को एक निजी वाहन में भरकर सड़क पर दौड़ाना सीधे-सीधे उनकी सुरक्षा को दांव पर लगाना है।

अब इस घटना ने प्रशासनिक दावों की पोल खोलकर रख दी है:

  • क्या इस निजी बोलेरो के पास व्यावसायिक या स्कूल वाहन के रूप में संचालन का वैध परमिट था?

  • क्या वाहन का फिटनेस, आरटीओ परमिट और बीमा नियमानुसार वैध था?

  • क्या परिवहन और शिक्षा विभाग ने कभी इन मौत की गाड़ियों की चेकिंग करने की ज़हमत उठाई?

'आजतक 24' की चेतावनी को दरकिनार करने का नतीजा

उल्लेखनीय है कि दैनिक आजतक 24 ने कई बार प्रमुखता से समाचार प्रकाशित कर जिला प्रशासन, शिक्षा विभाग, परिवहन विभाग (RTO) और संभागीय आयुक्त का ध्यान इन अनधिकृत और ओवरलोडेड स्कूल वाहनों की ओर आकृष्ट कराया था। इसके बावजूद जिम्मेदार अधिकारियों ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की।

हाल ही में जुलाई 2026 में रीवा के चुरहटा में हुई दर्दनाक घटना के बाद भी मऊगंज और देवतलाव प्रशासन का न जागना सीधे तौर पर प्रशासनिक नाकामी और संवेदनहीनता को सिद्ध करता है। अब देखना यह होगा कि क्या जांच के नाम पर हमेशा की तरह खानापूर्ति की जाएगी या दोषी स्कूल प्रबंधन और लापरवाह अफसरों पर सख्त कानूनी शिकंजा कसा जाएगा।

(नोट: क्षमता, छात्रों की संख्या और अनियमिताओं संबंधी जानकारी स्थानीय सूत्रों व प्रारंभिक सूचनाओं पर आधारित है, जिसकी आधिकारिक पुष्टि पुलिस व आरटीओ जांच के बाद होगी।)

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