रीवा सांसद जनार्दन मिश्रा का विवादित बयान, बोले- “शुद्ध पेट्रोल तुम्हारे बाप के यहां से आएगा?”

रीवा सांसद जनार्दन मिश्रा का विवादित बयान, बोले- “शुद्ध पेट्रोल तुम्हारे बाप के यहां से आएगा?”

रीवा - रीवा एयरपोर्ट पर हवाई सेवा के शुभारंभ अवसर पर आयोजित कार्यक्रम के दौरान रीवा लोकसभा क्षेत्र के भाजपा सांसद जनार्दन मिश्रा अपने एक बयान को लेकर विवादों में आ गए हैं। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सांसद ने पेट्रोल में इथेनॉल मिलाने का विरोध करने वालों पर तीखी टिप्पणी करते हुए कथित तौर पर कहा—“शुद्ध पेट्रोल तुम्हारे बाप के यहां से आएगा?” सांसद के इस बयान का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से प्रसारित हो रहा है और इसे लेकर राजनीतिक एवं सामाजिक हलकों में प्रतिक्रियाएं सामने आने लगी हैं।

बताया गया कि एयरपोर्ट के शुभारंभ समारोह में बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, अधिकारी और आम नागरिक मौजूद थे। मंच पर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल, सतना सांसद गणेश सिंह, राज्य मंत्री प्रतिमा बागरी सहित कई वरिष्ठ नेता एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित थे। इसी दौरान सांसद जनार्दन मिश्रा देश में पेट्रोलियम ईंधन की जरूरत, विदेशों से तेल आयात और पेट्रोल में इथेनॉल मिश्रण के मुद्दे पर सरकार की नीतियों का पक्ष रखते हुए दिखाई दिए।

इथेनॉल मिश्रण को लेकर समझा रहे थे सांसद

अपने संबोधन में सांसद ने कहा कि देश में पेट्रोलियम की बड़ी आवश्यकता है और लंबे समय तक भारत को अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा विदेशों से आयात करना पड़ता रहा है। उन्होंने इथेनॉल मिश्रण को देश की ऊर्जा जरूरतों और आत्मनिर्भरता से जोड़ते हुए इसके समर्थन में तर्क दिए।

सांसद ने ब्राजील का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां बड़े पैमाने पर इथेनॉल आधारित ईंधन का उपयोग किया जाता है। इसी क्रम में उन्होंने उन लोगों पर निशाना साधा जो पेट्रोल में इथेनॉल मिलाने का विरोध करते हुए शुद्ध पेट्रोल की मांग कर रहे हैं।

बात आगे बढ़ने पर सांसद की भाषा आक्रामक हो गई और उन्होंने विरोध करने वालों को संबोधित करते हुए कथित रूप से कहा कि “शुद्ध पेट्रोल तुम्हारे बाप के यहां से आएगा?” यही अंश अब सोशल मीडिया पर चर्चा का प्रमुख कारण बना हुआ है।

जनप्रतिनिधि की भाषा पर उठे सवाल

सांसद के बयान को लेकर सवाल यह उठ रहा है कि सार्वजनिक मंचों पर जनप्रतिनिधियों से किस प्रकार की भाषा की अपेक्षा की जाती है। समर्थकों का एक वर्ग जहां इसे सांसद का बेबाक और स्थानीय अंदाज बता रहा है, वहीं आलोचक इसे सार्वजनिक पद की गरिमा के अनुरूप नहीं मान रहे हैं।

विशेष रूप से इसलिए भी यह बयान चर्चा में है क्योंकि यह टिप्पणी ऐसे सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान की गई, जहां प्रदेश सरकार के वरिष्ठ मंत्री, सांसद, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में आम नागरिक मौजूद थे।

सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल

कार्यक्रम के बाद सांसद के संबोधन का वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर तेजी से वायरल होने लगा। वीडियो सामने आने के बाद अलग-अलग राजनीतिक एवं सामाजिक प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। कुछ लोग सांसद की भाषा की आलोचना कर रहे हैं, जबकि उनके समर्थक उनके बयान को सरकार की इथेनॉल नीति के समर्थन में दिए गए आक्रामक वक्तव्य के रूप में देख रहे हैं।

हालांकि, सांसद के बयान का मूल संदर्भ पेट्रोल में इथेनॉल मिश्रण, देश की ऊर्जा जरूरत और विदेशी तेल पर निर्भरता कम करने की नीति से जुड़ा दिखाई देता है। लेकिन उनके द्वारा इस्तेमाल किए गए शब्दों ने पूरे संबोधन की चर्चा को एक अलग दिशा दे दी है।

पहली बार चर्चा में नहीं आए सांसद

रीवा सांसद जनार्दन मिश्रा अपने अलग अंदाज और कई बार विवादित बयानों को लेकर पहले भी चर्चा में रहे हैं। सार्वजनिक कार्यक्रमों में उनके बेबाक अंदाज और अलग तरह की गतिविधियों के वीडियो समय-समय पर सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बनते रहे हैं।

आलोचक अब यह सवाल भी उठा रहे हैं कि रीवा जैसे संसदीय क्षेत्र में बेरोजगारी, शिक्षा, भ्रष्टाचार, नशे की समस्या, अवैध गतिविधियों और विकास से जुड़े कई गंभीर मुद्दे मौजूद हैं। ऐसे में जनप्रतिनिधियों से अपेक्षा रहती है कि वे इन मुद्दों पर भी उसी स्पष्टता और मुखरता के साथ अपनी बात रखें।

रीवा और आसपास के क्षेत्रों में नशे के कारोबार, युवाओं में बढ़ती नशे की प्रवृत्ति, रोजगार, शिक्षा व्यवस्था और बुनियादी सुविधाओं को लेकर लगातार चर्चा होती रही है। ऐसे मुद्दों पर सांसद की भूमिका और उनके विचार भी जनता के लिए महत्वपूर्ण माने जाते हैं।

बयान से ज्यादा भाषा बनी चर्चा का केंद्र

इथेनॉल मिश्रण को लेकर देश में लंबे समय से तकनीकी, आर्थिक और पर्यावरणीय स्तर पर बहस होती रही है। सरकार इसे पेट्रोलियम आयात पर निर्भरता कम करने और घरेलू जैव ईंधन को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताती रही है। वहीं, कुछ उपभोक्ता और विशेषज्ञ वाहनों के प्रदर्शन, ईंधन की गुणवत्ता और पुराने वाहनों पर इसके प्रभाव जैसे सवाल उठाते रहे हैं। ऐसे संवेदनशील विषय पर सांसद द्वारा अपना पक्ष रखना राजनीतिक रूप से स्वाभाविक है, लेकिन सार्वजनिक मंच पर इस्तेमाल की गई भाषा ने अब मूल मुद्दे से अधिक सुर्खियां बटोर ली हैं।

फिलहाल सांसद जनार्दन मिश्रा के इस बयान का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से प्रसारित हो रहा है। बयान पर राजनीतिक दलों और आम लोगों की ओर से आगे क्या प्रतिक्रिया आती है, यह देखना महत्वपूर्ण होगा। वहीं, जनता के बीच यह सवाल भी बना हुआ है कि जनप्रतिनिधियों को विकास और जनसमस्याओं से जुड़े मुद्दों पर अपनी बात रखते समय भाषा की मर्यादा का कितना ध्यान रखना चाहिए।

रीवा सांसद के इसके पूर्व कई विकास कार्यों का उल्लेख है मंच से कुहकी देना, रिक्शा चलाना, स्कूल के बच्चों को नहलाना, शौचालय बिना किसी उपकरण के साफ करना इनके इतने ही विकास है इसके अलावा क्षेत्र की समस्याओ जैसे रोड, लाइट,पानी और स्कूल आदि समस्या इनको दिखाई नहीं दे रही है।



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