| रीवा में मामूली विवाद ने लिया खूनी मोड़, युवक की मौत से मचा हड़कंप; दो नामजद हिरासत में |
रीवा/गढ़ - रीवा जिले के गढ़ थाना क्षेत्र अंतर्गत लालगांव चौकी इलाके में शनिवार रात एक मामूली विवाद ने ऐसा हिंसक रूप ले लिया कि करीब 30 वर्षीय युवक की जान चली गई। घटना 8 अगस्त 2026 की रात करीब 8:30 बजे की बताई जा रही है। मृतक की पहचान संजय कोल के रूप में हुई है। युवक की मौत के बाद क्षेत्र में तनाव और आक्रोश का माहौल बन गया। पुलिस ने मामले में दो नामजद युवकों को हिरासत में लेकर जांच शुरू कर दी है।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार संजय कोल रात के समय अपने एक साथी के साथ सड़क किनारे बैठा था। इसी दौरान वहां से गुजर रहे मोनू मिश्रा और गोलू तिवारी से किसी बात को लेकर कहासुनी हो गई। बताया जा रहा है कि बातचीत के दौरान विवाद बढ़ा और दोनों पक्षों के बीच गाली-गलौज के बाद मारपीट की स्थिति निर्मित हो गई।
आरोप है कि विवाद के दौरान संजय के साथ लात-घूंसों से मारपीट की गई। मारपीट में गंभीर चोट लगने के बाद उसकी हालत बिगड़ गई और उसकी मौत हो गई। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को संभाला।
दो नामजद आरोपी पुलिस हिरासत में
घटना के बाद पुलिस ने मामले में नामजद बताए जा रहे दोनों युवकों को हिरासत में ले लिया है। पुलिस द्वारा आरोपियों से पूछताछ कर विवाद की वास्तविक वजह और घटनाक्रम की जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि घटनास्थल पर विवाद के दौरान वास्तव में क्या हुआ और मारपीट में किस-किस की भूमिका रही। गढ़ थाना प्रभारी अवनीश पाण्डेय एवं लालगांव चौकी प्रभारी शैल यादव के अनुसार मामले में आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा रही है। पुलिस घटना से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
पोस्टमार्टम के बाद घर पहुंचा शव
घटना के बाद पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेजा। पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया और शव घर पहुंच गया। युवक की मौत की खबर मिलते ही परिवार में मातम छा गया। संजय की मौत की सूचना के बाद बड़ी संख्या में लोग मौके पर एकत्रित हो गए। परिजनों और समाज के लोगों में घटना को लेकर नाराजगी देखी गई। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा स्थिति पर नजर रखी जा रही है।
परिजनों की मांगों पर अड़े रहने से बढ़ी प्रशासन की चिंता
युवक की मौत के बाद परिजन अपनी मांगों को लेकर अड़े हुए बताए जा रहे हैं। प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर परिजनों और समाज के लोगों से बातचीत की तथा उन्हें समझाने का प्रयास किया। अधिकारियों की ओर से स्थिति को शांतिपूर्ण बनाए रखने की अपील की गई। मौके पर पूर्व विधायक रामगरीब वनवासी सहित समाज के अन्य नेताओं के भी मौजूद रहने की जानकारी सामने आई है। समाज के लोगों ने घटना को गंभीर बताते हुए निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
इलाके में पुलिस बल तैनात, जांच जारी
घटना के बाद लालगांव चौकी और आसपास के क्षेत्र में पुलिस की मौजूदगी बढ़ा दी गई है। पुलिस किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति से बचने के लिए लगातार निगरानी कर रही है। प्रशासन की कोशिश है कि परिजनों और स्थानीय लोगों के साथ बातचीत के माध्यम से स्थिति को शांतिपूर्ण बनाए रखा जाए। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल मामले में सामने आए तथ्यों के आधार पर कार्रवाई की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और अन्य साक्ष्यों के आधार पर घटना की कड़ियां जोड़ी जा रही हैं।
मामूली कहासुनी से मौत तक पहुंचा मामला
इस पूरी घटना ने एक बार फिर सवाल खड़ा किया है कि आखिर छोटी-सी कहासुनी किस तरह देखते ही देखते हिंसक विवाद में बदल जाती है। यदि प्रारंभिक विवाद को उसी समय शांत कर दिया जाता तो शायद स्थिति इतनी गंभीर नहीं होती। हालांकि घटना की वास्तविक परिस्थितियां पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेंगी। फिलहाल संजय कोल की मौत को लेकर क्षेत्र में आक्रोश बना हुआ है। परिजन अपनी मांगों को लेकर प्रशासन से बातचीत कर रहे हैं, जबकि पुलिस हिरासत में लिए गए दोनों नामजद आरोपियों से पूछताछ कर रही है।
महत्वपूर्ण: घटना से संबंधित उपलब्ध जानकारी प्रारंभिक पुलिस एवं स्थानीय सूचनाओं पर आधारित है। आरोपियों की भूमिका और घटना में अपराध की अंतिम पुष्टि जांच तथा न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगी।