| पसान नगर पालिका में 'बैठकी शुल्क' के नाम पर बड़ा खेल! बिना रसीद नकद वसूली से व्यापारियों में आक्रोश |
अनूपपुर - नगर पालिका परिषद पसान के मुख्य बाजार में इन दिनों 'बैठकी शुल्क' की वसूली को लेकर एक बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। स्थानीय छोटे व्यापारियों और दुकानदारों ने नगर पालिका की व्यवस्था पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि उनसे नियमित रूप से बैठकी शुल्क के नाम पर नकद पैसे तो लिए जा रहे हैं, लेकिन इसके बदले में कोई आधिकारिक रसीद या पावती नहीं दी जा रही है। बिना रसीद हो रही इस नकद वसूली ने पूरी प्रक्रिया की पारदर्शिता पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगा दिए हैं।
व्यापारियों ने खड़े किए तीखे सवाल स्थानीय दुकानदारों का कहना है कि नियमानुसार यदि बैठकी शुल्क वैध है, तो हर भुगतान की रसीद मिलना अनिवार्य होना चाहिए। बिना किसी दस्तावेजी सबूत के नकद राशि लिए जाने से व्यापारियों में यह संदेह गहरा गया है कि इस पैसे का कोई लेखा-जोखा सरकारी रिकॉर्ड में रखा भी जा रहा है या नहीं।
प्रशासन से व्यापारियों के 3 मुख्य सवाल:
यदि यह सरकारी शुल्क है, तो इसकी रसीद क्यों नहीं दी जा रही?
बिना रसीद नकद वसूली करने के निर्देश किस अधिकारी ने दिए हैं?
वसूली गई यह मोटी रकम नगर पालिका परिषद के किस खाते या मद में जमा हो रही है?
ठेका प्रणाली को सार्वजनिक करने और जांच की मांग मामले को लेकर स्थानीय व्यापारिक संगठनों में भारी असंतोष है। दुकानदारों ने नगर पालिका परिषद पसान के जिम्मेदार अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों से इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।
व्यापारियों का कहना है कि यदि यह वसूली किसी अधिकृत ठेका प्रणाली के तहत हो रही है, तो उससे जुड़े नियम, अनुबंध और शर्तें तुरंत सार्वजनिक की जानी चाहिए। साथ ही, यदि इस प्रक्रिया में कोई अनियमितता या अवैध वसूली पाई जाती है, तो दोषी अधिकारियों या कर्मचारियों के खिलाफ कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाए। व्यापारियों ने जोर देकर कहा है कि नगर पालिका की राजस्व वसूली पूरी तरह पारदर्शी और जवाबदेह होनी चाहिए ताकि प्रशासन पर जनता का भरोसा बना रहे।