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| दमिश्क में सिलसिलेवार धमाके: फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के दौरे के बीच दहला सीरिया |
दमिश्क - सीरिया की राजधानी दमिश्क मंगलवार (7 जुलाई) को एक के बाद एक हुए दो भीषण धमाकों से दहल उठी. ये धमाके उस समय हुए जब फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों सीरिया के आधिकारिक दौरे पर हैं. गनीमत यह रही कि फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रों पूरी तरह सुरक्षित हैं और उनके कार्यालय के मुताबिक उन्होंने धमाकों की आवाज भी नहीं सुनी.
राष्ट्रपति भवन रवाना होते ही हुए धमाके चश्मदीदों के मुताबिक, पहला धमाका उस वक्त हुआ जब राष्ट्रपति मैक्रों का काफिला राष्ट्रपति भवन के लिए रवाना हुआ था. धमाके के बाद पास के एक कूड़ेदान से आग की लपटें और धुएं का गुबार उठता देखा गया. इसके ठीक बाद, कुछ ही मीटर की दूरी पर एक और विस्फोट हुआ. दूसरा विस्फोट घटनास्थल पर मौजूद एक एम्बुलेंस के पास हुआ, जहां करीब दो दर्जन लोग इकट्ठा थे.
निशाने पर था मैक्रों का होटल सुरक्षा के लिहाज से सबसे गंभीर बात यह रही कि धमाकों में से एक बम उस होटल के ठीक बाहर जा गिरा, जहां फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रों ठहरे हुए हैं. इसके अलावा ये विस्फोट दमिश्क के सबसे व्यस्त इलाकों में शुमार 'नेशनल म्यूजियम ऑफ दमिश्क' और पर्यटन मंत्रालय के पास किए गए. इस हमले में 4 पुलिसकर्मियों समेत कुल 18 लोग घायल हुए हैं. हालांकि, इस तनाव के बावजूद मैक्रों ने सीरियाई राष्ट्रपति अहमद अल-शरा से मुलाकात की.
बढ़ती सुरक्षा चुनौतियां और अंतरराष्ट्रीय चिंता इस उच्च स्तरीय राजनयिक दौरे के दौरान हुए हमलों ने सीरिया की आंतरिक सुरक्षा और खुफिया तंत्र पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। राजधानी के सबसे सुरक्षित और व्यस्त माने जाने वाले वीआईपी इलाकों में इस तरह खुलेआम बमबारी होना यह दर्शाता है कि उपद्रवी तत्व नई सरकार को अस्थिर करने के लिए किसी भी हद तक जाने को तैयार हैं। इन धमाकों के बाद पूरे दमिश्क शहर में हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया है और प्रमुख चौराहों पर भारी सैन्य बल तैनात है। अंतरराष्ट्रीय विश्लेषकों का मानना है कि इस हमले का सीधा मकसद सीरिया के वैश्विक संबंधों को सुधारने के प्रयासों को चोट पहुंचाना है, विशेषकर ऐसे समय में जब फ्रांस जैसा बड़ा यूरोपीय देश सीरिया के साथ नए सिरे से कूटनीतिक रिश्ते बनाने की पहल कर रहा है।
सीरिया में लगातार बढ़ रहा तनाव साल 2024 में बशर अल-असद को सत्ता से हटाकर अहमद अल-शरा सीरिया के राष्ट्रपति बने थे, जिसके बाद से वे देश में स्थिरता लाने की कोशिशों में जुटे हैं. लेकिन हाल के दिनों में दमिश्क में आतंकी गतिविधियां बढ़ी हैं. इससे पहले 2 जुलाई को भी दमिश्क के एक कैफे में भीषण बम धमाका हुआ था, जिसमें 9 लोगों की मौत हो गई थी और 20 लोग गंभीर रूप से घायल हुए थे. फिलहाल सुरक्षा एजेंसियां इस ताजा हमले की जांच में जुट गई हैं और पूरे इलाके की घेराबंदी कर दी गई है.
