कांकेर मेडिकल कॉलेज के 200 छात्रों को पुलिस ने सिखाया यातायात और सड़क सुरक्षा का पाठ

कांकेर मेडिकल कॉलेज के 200 छात्रों को पुलिस ने सिखाया यातायात और सड़क सुरक्षा का पाठ

कांकेर - सड़क दुर्घटनाओं को रोकने और भविष्य के डॉक्टरों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से कांकेर पुलिस द्वारा एक विशेष पहल की गई है। पुलिस अधीक्षक (SP) श्री निखिल राखेचा के कड़े दिशा-निर्देशों पर जिले के नंदनमारा स्थित शासकीय मेडिकल कॉलेज में एक वृहद यातायात जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में करीब 200 मेडिकल छात्र-छात्राओं ने हिस्सा लिया और सड़क सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण गुर सीखे। यह पूरा अभियान अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक भानुप्रतापपुर श्री आकाश श्रीश्री माल और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कांकेर श्री योगेश साहू के मार्गदर्शन में चलाया गया। कार्यक्रम के दौरान उप पुलिस अधीक्षक डॉ. मेखलेन्द्र प्रताप सिंह, रक्षित निरीक्षक एवं यातायात प्रभारी श्री दीपक साव और यातायात पुलिस की टीम ने प्रोजेक्टर और विजुअल माध्यमों का उपयोग कर छात्रों की विशेष क्लास ली।

"साइन बोर्ड के जरिए समझें, सड़कें क्या कहती हैं" क्लास के दौरान पुलिस अधिकारियों ने बेहद रोचक अंदाज में छात्रों को समझाया कि सड़क पर लगे साइन बोर्ड और सिग्नल लाइट्स महज बोर्ड नहीं हैं, बल्कि वे चालकों से बातें करते हैं और सही रास्ता दिखाते हैं। प्रोजेक्टर पर दुर्घटनाओं से जुड़े वीडियो दिखाकर छात्रों को समझाया गया कि कैसे महज एक छोटी सी लापरवाही, जैसे हेलमेट न पहनना, सीट बेल्ट का उपयोग न करना, ओवर स्पीडिंग (तेज रफ्तार) और शराब पीकर वाहन चलाना, किसी हंसते-खेलते परिवार की खुशियाँ छीन सकती है।

घायल की जान बचाने पर मिलेगा ₹25,000 का इनाम इस जागरूकता कार्यक्रम की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी शासन की 'राहगीर योजना' रही। यातायात पुलिस ने छात्रों को बताया कि यदि कोई व्यक्ति सड़क हादसे में घायल व्यक्ति को बिना समय गंवाए 'गोल्डन ऑवर' (हादसे के तुरंत बाद का समय) में अस्पताल पहुंचाता है, तो सरकार की ओर से उसे प्रोत्साहन स्वरूप ₹25,000 की नकद राशि दी जाएगी। पुलिस ने इस बात पर जोर दिया कि इस योजना का उद्देश्य यह है कि लोग पुलिस या एम्बुलेंस का इंतजार किए बिना घायलों की मदद के लिए आगे आएं, जिससे समय पर इलाज मिलने से कई अनमोल जानें बचाई जा सकें।

महिला सुरक्षा और साइबर क्राइम पर भी चर्चा यातायात नियमों के अलावा, पुलिस टीम ने मेडिकल छात्रों को वर्तमान समय के अन्य महत्वपूर्ण संवेदनशील विषयों के प्रति भी जागरूक किया। छात्रों को महिला सुरक्षा के लिए छत्तीसगढ़ पुलिस द्वारा तैयार किए गए 'अभिव्यक्ति ऐप' के उपयोग और उसके फायदों के बारे में बताया गया। इसके साथ ही, तेजी से बढ़ते ऑनलाइन फ्रॉड और साइबर अपराधों से बचने के तरीके भी साझा किए गए।

इस ज्ञानवर्धक और प्रभावी कार्यक्रम में मेडिकल कॉलेज के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. टीकम ध्रुव सहित कॉलेज का स्टाफ और भारी संख्या में भावी डॉक्टर उपस्थित रहे। कॉलेज प्रबंधन ने पुलिस विभाग की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रम युवाओं को जिम्मेदार नागरिक बनाने में मील का पत्थर साबित होते हैं।

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