कलेक्टर ने विद्यालयों का आकस्मिक निरीक्षण कर शैक्षणिक गुणवत्ता एवं व्यवस्थाओं का लिया जायजा

कलेक्टर ने विद्यालयों का आकस्मिक निरीक्षण कर शैक्षणिक गुणवत्ता एवं व्यवस्थाओं का लिया जायजा 

झाबुआ - कलेक्टर डॉ. योगेश तुकाराम भरसट ने बुधवार को जिले के मेघनगर एवं थांदला विकासखंड के विभिन्न शासकीय विद्यालयों का आकस्मिक निरीक्षण कर शैक्षणिक गतिविधियों, विद्यार्थियों की उपस्थिति, विद्यालयीन व्यवस्थाओं तथा अधोसंरचना का विस्तृत जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने शासकीय प्राथमिक विद्यालय फुटतालाब (विकासखंड मेघनगर), एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय अगराल (थांदला), पीएम श्री शासकीय उत्कृष्ट माध्यमिक विद्यालय चैनपुरा, एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय चैनपुरा, शासकीय प्राथमिक विद्यालय दमेला फलिया चैनपुरा तथा शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय नौगावां का निरीक्षण किया। 

शासकीय प्राथमिक विद्यालय फुटतालाब में निरीक्षण के दौरान दो शिक्षक विलंब से उपस्थित पाए गए। इस पर कलेक्टर ने कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए दोनों शिक्षकों का एक दिन का वेतन काटने के निर्देश दिए। विद्यालय में विद्यार्थियों के शैक्षणिक स्तर की समीक्षा के दौरान अध्ययन की गुणवत्ता अपेक्षित स्तर पर नहीं पाई गई। इस पर कलेक्टर ने विकासखंड स्रोत समन्वयक (बीआरसी) एवं जनशिक्षक को नियमित रूप से विद्यालयों का भ्रमण कर शिक्षण व्यवस्था की सतत निगरानी करने तथा विद्यार्थियों के सीखने के स्तर में सुधार के लिए प्रभावी प्रयास सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। 

उन्होंने विद्यालय परिसर की रंगाई-पुताई, स्वच्छता एवं आवश्यक रखरखाव कार्य शीघ्र पूर्ण कराने के निर्देश देते हुए कहा कि विद्यालय का वातावरण आकर्षक एवं प्रेरणादायी होना चाहिए। साथ ही विद्यार्थियों की शत-प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित करने, नियमित अध्यापन कराने तथा प्रत्येक विद्यार्थी के सीखने के स्तर में सुधार लाने के लिए संबंधित शिक्षकों को गंभीरता एवं जिम्मेदारी के साथ कार्य करने के निर्देश दिए। 

एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय अगराल (थांदला) के निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने संस्था के परीक्षा परिणामों की समीक्षा की। परीक्षा परिणाम अपेक्षा से कम पाए जाने पर उन्होंने समस्त स्टाफ की बैठक लेकर इसके कारणों की विस्तृत जानकारी प्राप्त की। कलेक्टर ने शिक्षकों से कहा कि प्रत्येक विद्यार्थी की शैक्षणिक प्रगति पर व्यक्तिगत रूप से ध्यान दिया जाए तथा आगामी परीक्षाओं में शत-प्रतिशत एवं गुणवत्तापूर्ण परीक्षा परिणाम प्राप्त करने के लिए ठोस कार्ययोजना बनाकर कार्य किया जाए। 

निरीक्षण के दौरान विद्यालय की अधोसंरचनात्मक आवश्यकताओं का भी अवलोकन किया गया। कलेक्टर ने परिसर में पानी की टंकी, सुरक्षा की दृष्टि से स्पीड ब्रेकर एवं ओवरब्रिज तथा बाउंड्रीवाल निर्माण से संबंधित प्रस्ताव शासन को शीघ्र भेजने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए, ताकि विद्यार्थियों को सुरक्षित एवं बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराया जा सके। 

इसके पश्चात कलेक्टर ने पीएम श्री शासकीय उत्कृष्ट माध्यमिक विद्यालय चैनपुरा, एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय चैनपुरा, शासकीय प्राथमिक विद्यालय दमेला फलिया चैनपुरा तथा शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय नौगावां का भी निरीक्षण किया। उन्होंने विद्यालयों में संचालित शैक्षणिक गतिविधियों, विद्यार्थियों की उपस्थिति, मूलभूत सुविधाओं एवं विद्यालयीन व्यवस्थाओं का अवलोकन करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विद्यालय केवल शिक्षा का केंद्र नहीं, बल्कि विद्यार्थियों के व्यक्तित्व निर्माण का आधार हैं। इसलिए प्रत्येक शिक्षक अपने दायित्वों का पूरी निष्ठा से निर्वहन करते हुए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें। 

कलेक्टर डॉ. भरसट ने अधिकारियों से कहा कि विद्यालयों का नियमित निरीक्षण किया जाए तथा शैक्षणिक गुणवत्ता, अनुशासन, स्वच्छता और मूलभूत सुविधाओं में किसी भी प्रकार की कमी पाए जाने पर तत्काल सुधारात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। निरीक्षण के दौरान अनुविभागीय अधिकारी राजस्व मेघनगर सुश्री अवनधती प्रधान, सहायक आयुक्त जनजातीय कार्य विभाग सहित संबंधित विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। 

आजतक 24 के प्रशासन से सवाल

1. निरीक्षण में शिक्षकों का वेतन काटने की कार्रवाई हुई, लेकिन जिन विद्यालयों का परीक्षा परिणाम लगातार खराब रहा है, वहां संबंधित अधिकारियों (बीआरसी, जनशिक्षक, प्राचार्य) की जवाबदेही तय करने के लिए अब तक क्या कार्रवाई की गई है?

2. कलेक्टर ने विद्यार्थियों की शत-प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। जिले में वर्तमान में कितने विद्यालय ऐसे हैं जहां औसत उपस्थिति 70% से कम है, और ड्रॉपआउट रोकने के लिए जिला प्रशासन की नई रणनीति क्या है?

3. अगराल विद्यालय में पानी की टंकी, स्पीड ब्रेकर, ओवरब्रिज और बाउंड्रीवाल जैसी मूलभूत सुविधाओं की जरूरत सामने आई। यदि ये सुविधाएं अब तक उपलब्ध नहीं थीं, तो इसकी जिम्मेदारी किस विभाग की है और इन्हें पूरा करने की निश्चित समय-सीमा क्या है?


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