| ऑपरेशन क्लीन हंट" में रायगढ़ पुलिस की बड़ी कामयाबी; मानव तस्करी का 4 साल से फरार आरोपी जशपुर से गिरफ्तार |
रायगढ़ - जिले में लंबे समय से फरार चल रहे अपराधियों की धरपकड़ के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान “ऑपरेशन क्लीन हंट” के तहत धरमजयगढ़ पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने मानव तस्करी (Human Trafficking) के एक अत्यंत गंभीर और संवेदनशील मामले में पिछले चार वर्षों से कानून की आंख में धूल झोंक रहे शातिर आरोपी रामा चौहान को पड़ोसी जिले जशपुर के ग्राम जोराडोल से गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी को न्यायालय में पेश करने के बाद न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।
साल 2022 का है पूरा मामला पुलिस से मिली आधिकारिक जानकारी के अनुसार, यह मामला 28 जून 2022 का है, जब धरमजयगढ़ थाने में एक पीड़ित पिता ने अपनी 17 वर्षीय नाबालिग बेटी के अचानक लापता होने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। रिपोर्ट में बताया गया था कि बालिका 23 जून 2022 की शाम को घर से बिना बताए कहीं चली गई थी। परिजनों द्वारा काफी खोजबीन और रिश्तेदारों के यहाँ पता लगाने के बाद भी जब उसका कोई सुराग नहीं मिला, तब अज्ञात व्यक्ति द्वारा बहला-फुसलाकर भगा ले जाने की आशंका जताते हुए मामला दर्ज कराया गया था। पुलिस ने तत्काल अपराध क्रमांक 109/2022 दर्ज कर विवेचना शुरू की थी।
रेलवे पुलिस की मदद से बची थी नाबालिग मामले की तफ्तीश के दौरान अपहृत नाबालिग बालिका को मध्य प्रदेश के अनूपपुर रेलवे स्टेशन पर रेलवे सुरक्षा बल (RPF) ने दो संदिग्ध व्यक्तियों—हीरालाल चौहान और देवलाल तिग्गा के साथ देखा और ट्रेन से सुरक्षित बरामद किया। सूचना मिलते ही धरमजयगढ़ पुलिस की टीम ने मौके पर पहुंचकर बालिका को अपनी कस्टडी में लिया।
विवेचना और पूछताछ के दौरान एक चौंकाने वाली साजिश का पर्दाफाश हुआ। पता चला कि आरोपी हीरालाल, देवलाल, रामपाल यादव और रामा चौहान ने मिलकर नाबालिग को बहला-फुसलाकर राजस्थान ले जाने और वहां शादी के नाम पर महज ₹20,000 में बेचने का सौदा तय किया था। इस गंभीर खुलासे के बाद पुलिस ने मामले में मानव तस्करी और आपराधिक साजिश से जुड़ी गंभीर धाराएं 343, 365, 370, 370 (ए), 120 (बी) भा.द.वि. जोड़ीं।
तीन आरोपी पहले ही जा चुके थे जेल, चौथा अब आया शिकंजे में इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए धरमजयगढ़ पुलिस ने वर्ष 2022 में ही तीन मुख्य आरोपियों—हीरालाल चौहान, देवलाल तिग्गा और रामपाल यादव को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। लेकिन चौथा आरोपी रामा चौहान (उम्र 35 वर्ष, निवासी ग्राम जोराडोल, जशपुर) लगातार पुलिस को चकमा देकर फरार चल रहा था। पुलिस ने उसके खिलाफ कोर्ट में धारा 173(8) CrPC के तहत चार्जशीट भी पेश कर दी थी।
हाल ही में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) श्री शशि मोहन सिंह के मार्गदर्शन में जब "ऑपरेशन क्लीन हंट" के तहत पुराने मामलों के भगोड़ों की सूची तैयार की गई, तो रामा चौहान की तलाश तेज की गई। पुलिस को सटीक मुखबिर से सूचना मिली कि आरोपी चोरी-छिपे अपने गृहग्राम आया हुआ है। थाना प्रभारी निरीक्षक राजेश जांगड़े के नेतृत्व में एएसआई मंजु मिश्रा, महिला आरक्षक सोनम भगत और आरक्षक अलेक्सियुस एक्का की टीम ने तत्काल जशपुर के जोराडोल में दबिश देकर उसे दबोच लिया।
एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह का कड़ा संदेश:
"मानव तस्करी जैसे घिनौने और जघन्य अपराधों में शामिल किसी भी अपराधी को बख्शा नहीं जाएगा। 'ऑपरेशन क्लीन हंट' का मकसद ही यही है कि चाहे अपराधी कितने भी सालों से फरार क्यों न हो, उसे कानून के शिकंजे में लाया जाए। रायगढ़ पुलिस भविष्य में भी अपराधियों के खिलाफ ऐसी ही कठोर कार्रवाई जारी रखेगी।"