| डोंगाकोहरौद आंदोलन: अस्पताल पहुंचे कलेक्टर-एसपी, आंदोलन के दौरान अस्वस्थ हुए ग्रामीणों का जाना हालचाल |
जांजगीर-चांपा - डोंगाकोहरौद क्षेत्र में सड़क निर्माण की मांग को लेकर चल रहे आंदोलन के दौरान अस्वस्थ हुए दो स्थानीय ग्रामीणों को तत्काल उपचार के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए जिले के आला अधिकारी खुद अस्पताल पहुंचे। कलेक्टर श्री जन्मेजय महोबे तथा पुलिस अधीक्षक (SP) श्री विजय कुमार पांडेय ने जिला अस्पताल का दौरा कर दोनों ग्रामीणों से मुलाकात की और उनके स्वास्थ्य का हालचाल जाना।
कलेक्टर और एसपी ने अस्पताल के डॉक्टरों से चर्चा कर मरीजों को मिल रही स्वास्थ्य सुविधाओं की समीक्षा की। उन्होंने डॉक्टरों को स्पष्ट निर्देश दिए कि दोनों ही ग्रामीणों का बेहतर से बेहतर उपचार सुनिश्चित किया जाए और उनके स्वास्थ्य की लगातार निगरानी की जाए। डॉक्टरों के मुताबिक, वर्तमान में दोनों ही ग्रामीणों की स्वास्थ्य स्थिति पूरी तरह सामान्य और स्थिर है। उन्हें आवश्यक चिकित्सकीय देखरेख में रखा गया है और जरूरी इलाज दिया जा रहा है।
सड़क मरम्मत का कार्य शुरू, स्थायी निर्माण के लिए टेंडर जल्द ग्रामीणों से मुलाकात के बाद कलेक्टर श्री जन्मेजय महोबे ने डोंगाकोहरौद मार्ग की स्थिति पर प्रशासनिक रुख साफ किया। उन्होंने बताया कि आम जनता को तात्कालिक राहत देने और आवागमन को सुचारु बनाए रखने के लिए वर्तमान में डोंगाकोहरौद मार्ग की मरम्मत (पैच वर्क/रिपेयरिंग) का कार्य तेजी से कराया जा रहा है।
कलेक्टर ने आगे कहा कि सड़क के स्थायी और मजबूत निर्माण के लिए शासन स्तर पर स्वीकृति की प्रक्रिया अंतिम चरणों में है। जैसे ही राज्य शासन से इसके लिए औपचारिक स्वीकृति प्राप्त होती है, तुरंत टेंडर प्रक्रिया पूरी कर सड़क निर्माण का कार्य जमीनी स्तर पर शीघ्र प्रारंभ करा दिया जाएगा।
प्रशासनिक संवेदनशीलता का भरोसा मुलाकात के दौरान प्रशासनिक अधिकारियों ने ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि जिला प्रशासन जनहित और स्थानीय विकास से जुड़े सभी विषयों को लेकर बेहद गंभीर है। जनता की जायज मांगों पर पूरी संवेदनशीलता के साथ आवश्यक और त्वरित कार्रवाई की जा रही है, ताकि क्षेत्र के लोगों को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। अधिकारियों ने ग्रामीणों से शांति बनाए रखने और प्रशासनिक प्रक्रिया में सहयोग करने की भी अपील की है।