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| गुढ़ नगर परिषद में गहराया सियासी घमासान: 13 पार्षदों ने अध्यक्ष के आरोपों को बताया बेबुनियाद, खोला मोर्चा |
रीवा। मध्य प्रदेश के रीवा जिले की गुढ़ नगर परिषद में अविश्वास प्रस्ताव को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। नगर परिषद अध्यक्ष अर्चना सिंह द्वारा लगाए गए आरोपों पर 13 पार्षदों ने एकजुट होकर पलटवार किया है। एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान पार्षदों ने अध्यक्ष के सभी दावों को सिरे से खारिज करते हुए स्पष्ट किया कि अविश्वास प्रस्ताव किसी दबाव का नतीजा नहीं, बल्कि जनहित में लिया गया फैसला है।
प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए पार्षदों ने कहा कि अध्यक्ष द्वारा राजनीतिक साजिश और बाहरी दबाव के जो आरोप लगाए जा रहे हैं, वे पूरी तरह बेबुनियाद हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि नगर परिषद के 15 वार्डों में समान रूप से विकास कार्य नहीं कराए गए, जिससे अधिकांश वार्ड विकास से वंचित और उपेक्षित रहे। क्षेत्र की जनता मूलभूत सुविधाओं के लिए परेशान होती रही, जिसके कारण उन्हें यह कदम उठाना पड़ा।
पार्षदों ने साफ शब्दों में कहा, "हम पर न तो किसी विधायक का दबाव है और न ही किसी राजनीतिक संगठन का। हमने अपने विवेक और अपने-अपने क्षेत्रों की जनता के हितों की रक्षा के लिए अविश्वास प्रस्ताव का समर्थन किया है।"
इसके साथ ही पार्षदों ने स्पष्ट किया कि अविश्वास प्रस्ताव लाने की पूरी प्रक्रिया मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम के सभी कानूनी प्रावधानों के तहत ही अपनाई गई है। उन्होंने अध्यक्ष द्वारा इस प्रशासनिक प्रक्रिया को राजनीतिक रंग देने के प्रयासों को गलत और दुर्भाग्यपूर्ण बताया। 13 पार्षदों के इस कड़े रुख से गुढ़ नगर परिषद की सियासत में गर्माहट बढ़ गई है और अब सभी की नजरें आगामी कानूनी व प्रशासनिक हलचलों पर टिकी हैं।
