रीवा; ग्राम पंचायत गढ़ में विकास ‘दम तोड़ता’, ग्रामीण त्रस्त — क्या प्रशासन किसी बड़ी घटना का इंतजार कर रहा?

रीवा; ग्राम पंचायत गढ़ में विकास ‘दम तोड़ता’, ग्रामीण त्रस्त — क्या प्रशासन किसी बड़ी घटना का इंतजार कर रहा?

रीवा/गंगेव - जनपद पंचायत गंगेव अंतर्गत ग्राम पंचायत गढ़ इन दिनों बदहाल विकास व्यवस्था और प्रशासनिक उदासीनता की जीती-जागती तस्वीर बन चुकी है। गांव के बस्ती बाजार क्षेत्र में लगभग एक माह पूर्व शुरू हुआ नाली निर्माण कार्य आज तक अधूरा पड़ा है, जिससे ग्रामीणों का जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। हैरानी की बात यह है कि जिस कार्य को ग्रामीणों की सुविधा के लिए कराया जाना था, वही अब उनके लिए सबसे बड़ी परेशानी का कारण बन गया है। सवाल यह उठ रहा है कि आखिर जिम्मेदार अधिकारी और जनप्रतिनिधि कब जागेंगे? स्थानीय लोगों का आरोप है कि ग्राम पंचायत गढ़ में विकास कार्य केवल कागजों और बैठकों तक सीमित नजर आ रहे हैं, जबकि जमीनी हकीकत बिल्कुल अलग कहानी बयां कर रही है। बस्ती बाजार में खोदी गई नाली ने पूरे मार्ग को अवरुद्ध कर दिया है। यह वही प्रमुख रास्ता है जो गढ़ पुरानी बाजार को पुराने राष्ट्रीय राजमार्ग-27 से जोड़ता है। मार्ग बंद होने के कारण ग्रामीणों, दुकानदारों, छात्रों और बुजुर्गों को रोज भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।

क्या किसी हादसे का इंतजार कर रहा प्रशासन?

सबसे गंभीर बात यह है कि अधूरी नाली और खुदी सड़क दुर्घटना को खुला निमंत्रण देती नजर आ रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि रात के समय कोई राहगीर, बुजुर्ग या बच्चा दुर्घटना का शिकार होता है, तो इसकी जिम्मेदारी कौन लेगा? ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि कई बार शिकायत के बावजूद पंचायत और प्रशासनिक अमले ने समस्या को गंभीरता से नहीं लिया।

कुएं में जा रहा गंदा पानी, स्वास्थ्य संकट की आशंका

ग्रामीणों के अनुसार, बस्ती क्षेत्र का गंदा पानी सीधे कुएं में जा रहा है, जिससे पेयजल दूषित होने का खतरा मंडरा रहा है। भीषण गर्मी में जहां लोग पहले से पानी की समस्या से जूझ रहे हैं, वहीं दूषित जल से बीमारी फैलने की आशंका ने ग्रामीणों की चिंता बढ़ा दी है। यदि समय रहते व्यवस्था नहीं सुधरी तो गांव में स्वास्थ्य संकट खड़ा हो सकता है।

सरपंच-सचिव के बीच जिम्मेदारी का खेल, परेशान जनता

ग्रामीणों का आरोप है कि जब सरपंच से नाली निर्माण और बदहाल व्यवस्था को लेकर सवाल किया जाता है तो सचिव का हवाला देकर मामला टाल दिया जाता है। वहीं अन्य जिम्मेदार भी एक-दूसरे पर जिम्मेदारी डालते नजर आते हैं। परिणाम यह है कि जनता परेशान है, लेकिन सुनने वाला कोई नहीं। ग्राम गढ़ निवासी राजू खान ने नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि गांव में विकास कार्य अत्यंत सुस्त गति से चल रहे हैं। उन्होंने बताया कि कई दिनों से नाली खोदकर छोड़ दी गई है, लेकिन उसके बाद कोई जिम्मेदार सुनवाई को तैयार नहीं है। राजू खान के शब्दों में, “किसी से बोलो तो कोई सचिव के पास भेज देता है, कोई ठेकेदार का नाम लेता है, कोई सरपंच का। लेकिन गांव की समस्या जस की तस बनी हुई है। जनता परेशान है, पर जिम्मेदार मौन हैं।”

जनता का सवाल — आखिर कब खुलेगी जिम्मेदारों की नींद?

ग्राम पंचायत गढ़ के ग्रामीणों ने जिला प्रशासन, जनपद पंचायत गंगेव और संबंधित अधिकारियों से तत्काल हस्तक्षेप कर अधूरे निर्माण कार्य को पूरा कराने, मार्ग चालू कराने और जल निकासी की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है। अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या प्रशासन किसी बड़े हादसे या जनआक्रोश का इंतजार कर रहा है, या फिर ग्रामीणों की पीड़ा सुनने के लिए जिम्मेदारों की नींद समय रहते खुलेगी?गंगेव जनपद पंचायत सीईओ प्राची चौबे एवं गंगेव जनपद अध्यक्ष विकास तिवारी ने संबंधित ठेकेदार एवं गढ़ सरपंच, सचिव को कड़ी फटकार लगाई। इसके बाद 31 मई को ही शाम 4 बजे से नाले में पुलिया डालने का काम शुरू हो गया। गढ़ की जनता ने जनपद अध्यक्ष और जनपद सीईओ के एक्शन पर खुशी जाहिर की है।




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