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| इंदौर में UPSC परीक्षा का हाई-सिक्योरिटी घेरा: 27 केंद्र, 12 हजार परीक्षार्थी… एक भी चूक पर सख्त कार्रवाई तय Aajtak24 News |
इंदौर - इंदौर में संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) द्वारा आयोजित सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा 2026 को लेकर प्रशासन ने सुरक्षा और व्यवस्था के स्तर पर कड़े इंतज़ाम कर दिए हैं। 24 मई को होने वाली इस परीक्षा में इंदौर के 27 केंद्रों पर कुल 12 हजार 104 अभ्यर्थी शामिल होंगे। संभागायुक्त डॉ. सुदाम खाड़े की अध्यक्षता में आयोजित समीक्षा बैठक में स्पष्ट निर्देश दिए गए कि परीक्षा संचालन में आयोग के नियमों का अक्षरशः पालन अनिवार्य होगा। किसी भी प्रकार की लापरवाही को गंभीरता से लिया जाएगा। परीक्षा दो सत्रों में आयोजित होगी—पहला सत्र सुबह 9:30 से 11:30 बजे तक और दूसरा सत्र दोपहर 2:30 से शाम 4:30 बजे तक रहेगा। अभ्यर्थियों को केवल ई-एडमिट कार्ड के आधार पर ही प्रवेश मिलेगा। प्रशासन ने परीक्षा केंद्रों पर पेयजल, बिजली और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही केंद्रों पर निगरानी के लिए अलग-अलग अधिकारियों की तैनाती भी की गई है।
कड़े प्रतिबंध लागू
परीक्षा केंद्र में मोबाइल, स्मार्ट वॉच, ब्लूटूथ डिवाइस, कैलकुलेटर, डिजिटल गैजेट, बैग या किसी भी प्रकार के संचार उपकरण ले जाना पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। अभ्यर्थी केवल पेन, पेंसिल, ई-एडमिट कार्ड, पहचान पत्र और निर्धारित फोटो ही साथ ले जा सकेंगे। किसी भी केंद्र पर नियम उल्लंघन की स्थिति में तत्काल कार्रवाई की जाएगी। संभागायुक्त ने साफ कहा कि परीक्षा की शुचिता और पारदर्शिता प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है, और किसी भी स्तर पर समझौता नहीं किया जाएगा।
आज तक 24 न्यूज़ के प्रशासन से सवाल
- क्या सभी परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा उपकरणों जैसे जैमर और CCTV की 100% निगरानी व्यवस्था सुनिश्चित की गई है, और अगर नहीं तो जिम्मेदारी किसकी होगी?
- पिछले वर्षों में नकल या तकनीकी गड़बड़ी की घटनाओं को देखते हुए इस बार “जीरो एरर” परीक्षा व्यवस्था की गारंटी प्रशासन किस आधार पर दे रहा है?
- यदि किसी परीक्षा केंद्र पर नियमों की अनदेखी या अव्यवस्था सामने आती है, तो क्या संबंधित केंद्राध्यक्ष पर तत्काल निलंबन या दंडात्मक कार्रवाई तय है?
