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| रीवा संभाग में अफसरों को कमिश्नर की दो टूक—‘फाइलें रुकीं तो कार्रवाई तय, जल बचाओ नहीं तो भविष्य संकट में Aajtak24 News |
रीवा - बीएस जामोद ने मंगलवार को कमिश्नर कार्यालय सभागार में आयोजित संभागीय समीक्षा बैठक में शासन की उच्च प्राथमिकता वाली योजनाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए। बैठक में जल गंगा संवर्धन अभियान, सीएम हेल्पलाइन, ई-ऑफिस और पेयजल व्यवस्था जैसे अहम मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई। कमिश्नर ने अधिकारियों से कहा कि संभागीय बैठक और कमिश्नर्स-कलेक्टर्स कॉन्फ्रेंस के एजेंडा बिंदुओं पर तत्काल कार्रवाई कर पोर्टल पर रिपोर्ट दर्ज कराई जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि अधीनस्थ अधिकारियों के स्तर पर यदि फाइल मूवमेंट शून्य पाया गया तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई प्रस्तावित की जाएगी।
बैठक में जल गंगा संवर्धन अभियान को लेकर कमिश्नर ने विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि जल संरक्षण केवल सरकारी कार्यक्रम नहीं बल्कि सामाजिक और नैतिक जिम्मेदारी है। सभी अधिकारियों को सप्ताह में कम से कम दो दिन जल संरक्षण कार्यों में श्रमदान करने के निर्देश दिए गए। कमिश्नर ने कहा कि आज यदि जल संरक्षण के लिए गंभीर प्रयास नहीं किए गए तो आने वाली पीढ़ियों को गंभीर संकट का सामना करना पड़ सकता है। ई-ऑफिस प्रणाली की समीक्षा करते हुए कमिश्नर ने बताया कि रीवा संभाग अक्टूबर 2025 से लगातार प्रदेश में प्रथम स्थान पर बना हुआ है। उन्होंने सभी विभागों को निर्देश दिए कि अधिकतम पत्राचार और फाइल संचालन ई-ऑफिस के माध्यम से किया जाए ताकि संभाग की रैंकिंग और बेहतर हो सके। मैहर, मऊगंज और सतना जिलों में फाइल मूवमेंट को लेकर विशेष निगरानी रखने के निर्देश भी दिए गए।
सीएम हेल्पलाइन के बढ़ते लंबित मामलों पर कमिश्नर ने नाराजगी जताई। उन्होंने निर्देश दिए कि जिन विभागों में एक हजार से अधिक शिकायतें लंबित हैं या सौ दिन से ज्यादा पुराने 500 से अधिक मामले लंबित हैं, उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किया जाए। साथ ही संभागीय अधिकारियों को हर सप्ताह जिलेवार समीक्षा रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा गया। बैठक में पेयजल संकट और हैंडपंप सुधार की भी समीक्षा की गई। कमिश्नर ने लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी जिलों में पर्याप्त राइजर पाइप और सिंगल फेज मोटर उपलब्ध रहें तथा खराब हैंडपंपों को दो दिन के भीतर ठीक किया जाए। उन्होंने कहा कि हर बसाहट में पेयजल उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। बैठक में क्षीरधारा ग्राम योजना पर भी प्रस्तुति दी गई, जिसमें पशुओं के टीकाकरण, नस्ल सुधार और दुग्ध उत्पादन बढ़ाने के प्रयासों की जानकारी साझा की गई। इस दौरान सुदेश मालवीय, दिव्या त्रिपाठी, एलएल अहिरवार और हितेश खण्डेलवाल सहित संभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।
आज तक 24 न्यूज़ के प्रशासन से सवाल
- यदि सीएम हेल्पलाइन में हजारों शिकायतें लंबित हैं, तो अब तक जिम्मेदार विभागों और अधिकारियों पर कितनी वास्तविक कार्रवाई हुई है?
- जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत श्रमदान और बैठकों के बावजूद क्या प्रशासन यह बताएगा कि अब तक जल संरक्षण के कितने स्थायी कार्य जमीन पर पूरे हुए हैं?
- रीवा संभाग ई-ऑफिस में टॉप रैंक पर है, लेकिन जमीनी शिकायतें लगातार बढ़ रही हैं—क्या डिजिटल रैंकिंग और वास्तविक प्रशासनिक कामकाज में बड़ा अंतर नहीं है?
