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| झाबुआ; पंचायत भवन के पीछे मिला आधार–ATM कार्डों का ‘खजाना’: झाबुआ में डाक व्यवस्था पर सवाल Aajtak24 News |
झाबुआ - जिले के ग्राम चौखवाड़ा में डाक सामग्री मिलने के मामले ने प्रशासन को सक्रिय कर दिया है। कलेक्टर डॉ. योगेश तुकाराम भरसट के निर्देश पर एसडीएम मेघनगर ने मौके पर पहुंचकर पूरे मामले की विस्तृत जांच की। गांव में एक थैले में आधार कार्ड, वोटर आईडी, पैन कार्ड, आयुष्मान कार्ड, बैंक पासबुक और एटीएम कार्ड सहित कई महत्वपूर्ण दस्तावेज पाए जाने की सूचना सामने आई थी। मामला सामने आने के बाद प्रशासन ने इसे गंभीरता से लेते हुए संयुक्त जांच शुरू की।
जांच में क्या सामने आया
एसडीएम द्वारा डाक विभाग के इंस्पेक्टर और स्थानीय ग्रामीणों के साथ मौके का निरीक्षण किया गया। जांच में यह तथ्य सामने आए—
- ग्राम चौखवाड़ा में करीब 6 माह पहले पंचायत भवन में नया डाकघर शुरू किया गया था
- शुरुआती दौर में डाक सामग्री पंचायत भवन में ही रखी जाती थी
- बाद में नया कर्मचारी नियुक्त हुआ और वितरण व्यवस्था बदली गई
- ग्रामीणों के अनुसार पुरानी डाक सामग्री पंचायत भवन में ही पड़ी रहती थी
डाक सामग्री बाहर कैसे पहुंची?
जांच में ग्रामीणों ने बताया कि—
- रविवार को कुछ ग्रामीणों ने थैला देखा और सूचना दी
- बाद में पता चला कि दस्तावेज पंचायत भवन से बाहर फेंके गए थे
- कई दस्तावेज कचरे के ढेर में भी मिले
जांच के दौरान 100 से अधिक एटीएम कार्ड भी बरामद किए गए, जिन्हें डाक विभाग को सौंप दिया गया।
प्रशासन की कार्रवाई
- डाक विभाग को विस्तृत जांच के निर्देश
- पंचायत कर्मचारियों की भूमिका की जांच के आदेश
- जनपद पंचायत सीईओ को भी अलग से जांच कर रिपोर्ट देने के निर्देश
- संबंधित डाक कर्मचारी ने बताया कि बाद में कई डाकों का वितरण कर दिया गया है
यह मामला डाक व्यवस्था और ग्रामीण स्तर पर दस्तावेजों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े करता है। प्रशासन ने जांच तेज कर दी है और जिम्मेदारी तय करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
आज तक 24 न्यूज़ के प्रशासन से सवाल
- अगर 100 से ज्यादा ATM कार्ड कचरे में मिल सकते हैं, तो क्या डाक विभाग यह मानता है कि संवेदनशील दस्तावेजों की सुरक्षा प्रणाली पूरी तरह फेल हो चुकी है?
- छह महीने तक पंचायत भवन में डाक सामग्री पड़ी रहने के बावजूद निगरानी किस स्तर पर थी और जिम्मेदारी किसकी तय होगी?
- क्या यह मामला केवल लापरवाही है या इसमें जानबूझकर दस्तावेजों को छिपाने/नष्ट करने जैसी गंभीर संभावना की भी जांच होगी?
