श्योपुर; डीएम-SP का संयुक्त एक्शन प्लान… अवैध रेत परिवहन रोकने बनाई जाएगी स्पेशल टीम Aajtak24 News

श्योपुर; डीएम-SP का संयुक्त एक्शन प्लान… अवैध रेत परिवहन रोकने बनाई जाएगी स्पेशल टीम Aajtak24 News

श्योपुर - कलेक्टर सुश्री शीला दाहिमा ने जिले में रेत और अन्य खनिजों के अवैध परिवहन पर सख्त कार्रवाई के निर्देश देते हुए प्रशासनिक अमले को अलर्ट मोड पर रहने को कहा है। कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित माइनिंग जिला टॉस्क फोर्स की बैठक में कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि अवैध खनन और परिवहन को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। बैठक में राजस्थान सीमा से लगे क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखने और संभावित खनन क्षेत्रों में लगातार सर्चिंग अभियान चलाने के निर्देश दिए गए। कलेक्टर ने पुलिस, खनिज, राजस्व और वन विभाग की संयुक्त टीम गठित करने के निर्देश देते हुए कहा कि अवैध परिवहन रोकने के लिए सभी विभाग समन्वय बनाकर काम करें। बैठक में मौजूद सुधीर अग्रवाल ने कहा कि अवैध परिवहन पर रोक लगाने के लिए थाना प्रभारियों के नेतृत्व में विशेष टीमें बनाई जाएंगी। उन्होंने बताया कि संदिग्ध मार्गों पर रेंडम तरीके से चेकपोस्ट बनाकर सघन सर्चिंग की जाएगी, ताकि अवैध रेत और खनिज परिवहन करने वालों पर तत्काल कार्रवाई की जा सके।

कलेक्टर ने परिवहन विभाग को निर्देश दिए कि जिले में संचालित ट्रैक्टरों पर रेडियम और स्पष्ट वाहन नंबर अंकित किए जाएं, जिससे रात के समय निगरानी और पहचान आसान हो सके। उन्होंने यह भी कहा कि अवैध परिवहन और भंडारण के दौरान जब्त किए गए रेत और अन्य खनिजों का समय पर विनिष्टीकरण सुनिश्चित किया जाए। वन क्षेत्रों में अवैध गतिविधियों को रोकने के लिए वन विभाग को भी सतर्क रहने के निर्देश दिए गए। बैठक में अधिकारियों ने सीमावर्ती इलाकों और संवेदनशील मार्गों पर संयुक्त गश्त बढ़ाने पर भी चर्चा की।

बैठक में डीएफओ सामान्य केएस रंधा, कूनो के अधिकारी आर थिरूकुराल, एसडीएम गगन सिंह मीणा और जिला खनिज अधिकारी राजेश कुमार गंगेले सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे। प्रशासन की इस सख्ती के बाद अब जिले में अवैध खनन और परिवहन से जुड़े नेटवर्क पर दबाव बढ़ने की संभावना जताई जा रही है। हालांकि, सवाल यह भी उठ रहे हैं कि वर्षों से सक्रिय अवैध खनन तंत्र पर इस बार कार्रवाई कितनी प्रभावी साबित होगी।

आज तक 24 न्यूज़ के प्रशासन से सवाल

  1. अगर अवैध खनन और परिवहन पहले से जारी था, तो अब तक जिम्मेदार अधिकारियों और स्थानीय नेटवर्क पर क्या कार्रवाई हुई? क्या केवल नए निर्देश देकर समस्या खत्म हो जाएगी?
  2. राजस्थान सीमा से लगातार अवैध परिवहन की बात सामने आती रही है, तो क्या प्रशासन यह बताएगा कि पिछले एक वर्ष में कितने बड़े माफियाओं पर FIR और स्थायी कार्रवाई हुई?
  3. रेंडम चेकपोस्ट और सर्चिंग की घोषणा तो हर बैठक में होती है, लेकिन क्या इस बार कार्रवाई की मॉनिटरिंग सार्वजनिक होगी ताकि यह सिर्फ कागजी अभियान बनकर न रह जाए?

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