छोटी उम्र, बड़ी सोच: रौनक वत्नानी ने जन्मदिन पर फिजूलखर्ची छोड़ जरूरतमंद बच्चों को बांटी खुशियाँ Aajtak24 News

छोटी उम्र, बड़ी सोच: रौनक वत्नानी ने जन्मदिन पर फिजूलखर्ची छोड़ जरूरतमंद बच्चों को बांटी खुशियाँ Aajtak24 News

भोपाल - राजधानी के रोशनपुरा क्षेत्र (वार्ड 24) में आज एक अनूठी और प्रेरणादायक तस्वीर देखने को मिली। जहाँ आमतौर पर जन्मदिन का अर्थ महँगी पार्टियाँ, चकाचौंध और फिजूलखर्ची समझा जाता है, वहीं डॉ. रेखा वत्नानी के सुपुत्र रौनक वत्नानी ने अपने जन्मदिन को समाज सेवा के संकल्प के साथ मनाकर एक नई मिसाल पेश की है। इस विशेष अवसर पर भाजपा चिकित्सा प्रकोष्ठ के पूर्व प्रदेश संयोजक और सरल व्यक्तित्व के धनी डॉ. अभिजीत देशमुख एवं भाजपा युवा नेता नीलेश नामदेव के नेतृत्व में जरूरतमंद बच्चों को शिक्षा सामग्री का वितरण किया गया।

शिक्षा के लिए बढ़ाया मदद का हाथ

कार्यक्रम के दौरान रौनक वत्नानी ने अपने हाथों से क्षेत्र के जरूरतमंद बच्चों को स्कूल बैग, कॉपियाँ, किताबें, पेंसिल बॉक्स और पढ़ाई से जुड़ी अन्य आवश्यक सामग्री भेंट की। इतना ही नहीं, बच्चों के प्रोत्साहन के लिए प्रत्येक बच्चे को ₹500 की राशि लिफाफे में रखकर प्रदान की गई। सामग्री पाकर बच्चों के चेहरे खिल उठे। इस दौरान रौनक ने बच्चों से संवाद करते हुए कहा, "आप सभी मन लगाकर पढ़ाई करें और अपने सपनों को पूरा कर देश का नाम रोशन करें।"

फिजूलखर्ची नहीं, सेवा को बनाएँ संस्कार: नीलेश नामदेव

वार्ड 24 के लोकप्रिय भाजपा युवा नेता नीलेश नामदेव ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए रौनक की इस पहल की जमकर प्रशंसा की। उन्होंने कहा: "रौनक की यह छोटी उम्र और बड़ी सोच हम सभी के लिए एक संदेश है। हम अक्सर पार्टियों और दिखावे में लाखों रुपए खर्च कर देते हैं, लेकिन यदि हम अपने जीवन के विशेष अवसरों—जैसे जन्मदिन, शादी की सालगिरह या परिजनों की पुण्यतिथि—पर फिजूलखर्ची रोककर किसी जरूरतमंद का सहारा बनें, तो समाज की तस्वीर बदल सकती है।"

संवेदनशील इंसान बनाना ही सच्ची शिक्षा: डॉ. अभिजीत देशमुख

सबका सहारा सोशल वेलफेयर सोसाइटी के अध्यक्ष डॉ. अभिजीत देशमुख ने अपने संबोधन में संस्कारों पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि रौनक जैसे बच्चों की सोच ही समाज का स्वर्णिम भविष्य तय करती है। हमें अपने बच्चों को केवल सफल होने की होड़ में शामिल नहीं करना है, बल्कि उन्हें एक संवेदनशील और जिम्मेदार नागरिक भी बनाना है। यदि बच्चों में सेवा और संवेदना के बीज बचपन में ही बो दिए जाएं, तो राष्ट्र स्वतः ही सशक्त बनेगा।

प्रमुख जनों की गरिमामयी उपस्थिति

इस सेवाभावी कार्यक्रम में रौनक की माता डॉ. रेखा वत्नानी, चांदनी जी, सुबोध जी, भंवर सिंह जी, सुबोध श्रीवास्तव, दलभान यादव सहित 'सबका सहारा सोशल वेलफेयर सोसाइटी' के सदस्य और बच्चों के पालकगण बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। भोपाल के इस बालक द्वारा पेश की गई यह नजीर आज के दौर में अत्यंत प्रासंगिक है। "बड़ा बनने के लिए उम्र नहीं, बल्कि सोच बड़ी होनी चाहिए"—इस कहावत को रौनक ने सार्थक कर दिखाया है। यह पहल न केवल सराहनीय है, बल्कि समाज के हर वर्ग को अपने खुशी के पलों को दूसरों के साथ साझा करने के लिए प्रेरित करती है।




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