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| पीपरी जनसुनवाई में कलेक्टर का सख्त एक्शन: मंच से ही गिरी गाज, तीन अफसर निलंबित Aajtak24 News |
देवास - ग्राम पीपरी में आयोजित विकासखंड स्तरीय जनसुनवाई में कलेक्टर श्री ऋतुराज सिंह ने प्रशासनिक सख्ती का बड़ा उदाहरण पेश किया। बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने अपनी समस्याएं सीधे कलेक्टर के सामने रखीं, जिस पर कई मामलों का मौके पर ही निराकरण किया गया। जनसुनवाई में बागली विधायक श्री मुरली भंवरा भी उपस्थित रहे। विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉलों पर ग्रामीणों को सरकारी योजनाओं की जानकारी दी गई।
कार्यवाही के दौरान लापरवाही पर कलेक्टर ने सख्त कदम उठाते हुए पीएचई विभाग की सब इंजीनियर वैष्णवी भावसार को तत्काल निलंबित कर दिया। वहीं फौती नामांतरण में देरी और असंतोषजनक कार्य के चलते दो पटवारियों—सूरज गंगवाल और नवनीत पुरंदरे—को भी निलंबित किया गया। इसके अलावा बिजली पोल मरम्मत में लापरवाही पर जेई डी.एस. परिहार को शोकाज नोटिस और लाइनमैन कृष्णकांत बघेल की 15 दिन की सैलरी काटने के निर्देश दिए गए।
जनसुनवाई के दौरान मानवीय पहल के तहत बिजली करंट से झुलसे पीड़ित शिवराम बघेल और चैन सिंह को 25-25 हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की गई। वहीं मकान ढहने से प्रभावित नान सिंह कन्नौज को भी 25 हजार रुपये की राहत राशि दी गई। इसके अलावा गोपाल सेन को भी 10 हजार रुपये की सहायता प्रदान की गई।कलेक्टर ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि किसी भी योजना या सेवा में देरी और लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी तथा सभी पात्र हितग्राहियों को समय पर लाभ मिलना सुनिश्चित किया जाए।
आज तक 24 न्यूज़ के प्रशासन से सीधे सवाल
- एक ही जनसुनवाई में तीन अधिकारियों का निलंबन हुआ, क्या यह वर्षों से चल रही लापरवाही का अचानक खुलासा है या पहले से लंबित शिकायतों पर कार्रवाई अब की गई?
- पीड़ितों को तत्काल राहत दी गई, लेकिन क्या यह राशि पर्याप्त है या केवल तात्कालिक राहत देकर सिस्टम की बड़ी जिम्मेदारी से ध्यान हटाया जा रहा है?
- बार-बार फील्ड लेवल लापरवाही सामने आने के बावजूद क्या विभागों में कोई स्थायी मॉनिटरिंग या जवाबदेही तंत्र काम कर रहा है, या हर बार कार्रवाई केवल जनसुनवाई तक सीमित रहती है?
